WHO: किशोर गर्भधारण को रोकने के लिए, बाल विवाह पर रोक है कुंजी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि किशोरावस्था के दौरान गर्भ धारण, 15 से 19 वर्ष की लड़कियों की मृत्यु का एक प्रमुख कारण है, जिसकी रोकथाम के लिए देश, इस आयु की लड़कियों को स्कूली शिक्षा की अनुमति देकर और बाल विवाह को समाप्त करके मदद कर सकते हैं.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) ने बुधवार को कहा है कि हर साल, निम्न और मध्यम आय वाले देशों में, 2 करोड़ 10 लाख से अधिक किशोर लड़कियाँ गर्भवती हो जाती हैं. इनमें से गर्भधारण के लगभग आधे मामले ग़ैर-इरादतन होते हैं.
किशोर आयु की लड़कियों या महिलाओं में जन्म के 10 में से नौ मामले उन लड़कियों में होते हैं जिनकी शादी 18 वर्ष की आयु से पहले हो गई होती है.
WHO में यौन और प्रजनन स्वास्थ्य और अनुसन्धान के निदेशक डॉक्टर पास्केल एलोटे का कहना है, "समय से पहले गर्भधारण होने के, लड़कियों और युवा महिलाओं के लिए गम्भीर शारीरिक व मनोवैज्ञानिक परिणाम हो सकते हैं."
“... ये मामले अक्सर मौलिक असमानताओं को दर्शाते हैं जो उनके रिश्तों और उनके जीवन को आकार देने की उनकी क्षमता को भी प्रभावित करते हैं."
शिशु को जन्म देने के लिए अनुपयुक्त उम्र
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि किशोर गर्भावस्था के, गम्भीर स्वास्थ्य जोखिम होते हैं.
इनमें संक्रमण, जटिलताओं और समय से पहले जन्म की उच्च दर शामिल है. यह, उन किशोरियों की शिक्षा को भी बाधित करती है और बाद में जीवन में रोज़गार परक अवसरों को सीमित करती है. कई युवा माताएँ, निर्धनता में फँस जाती हैं.
WHO, किशोर गर्भावस्था को रोकने में मदद करने के लिए, देशों कीसरकारों से बाल विवाह के बेहतर विकल्प पेश करने का आहवान कर रहा है. इनमें शिक्षा, वित्तीय सेवाओं और रोज़गार परक कामकाज तक पहुँच में सुधार करना शामिल है.
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) का कहना है कि अगर सभी लड़कियाँ माध्यमिक विद्यालय की शिक्षा पूरी कर लें, तो बाल विवाह में दो-तिहाई तक की कमी आ सकती है.
बचपन से वंचित
वैश्विक स्तर पर प्रगति हुई है. वर्ष 2021 में, 25 में से एक लड़की ने, 20 वर्ष की उम्र से पहले बच्चे को जन्म दिया.
जबकि बीस साल पहले, यह दर औसतन 15 में से एक लड़की थी. हालाँकि, अब भी बहुत बड़ा अन्तर है.
कुछ देशों में, 15 से 19 वर्ष की आयु की लगभग 10 में से एक लड़की अब भी, हर साल बच्चे को जन्म देती है.
WHO में, किशोर यौन और प्रजनन स्वास्थ्य के लिए वैज्ञानिक डॉक्टर शेरी बैस्टियन का कहना है, "कम आयु में लड़कियों की शादी होने से, लड़कियों से उनका बचपन छिन जाता है और उनके स्वास्थ्य पर गम्भीर प्रभाव पड़ते हैं."
डॉक्टर शेरी बैस्टियन ने, लड़कियों के भविष्य को बदलने में, शिक्षा की शक्ति पर ज़ोर दिया. साथ ही कहा कि लड़के और लड़कियों दोनों को, यौन सम्बन्ध बनाने में सहमति की अवधारणा को समझने की ज़रूरत है.
उन्होंने कहा, "और उन प्रमुख लैंगिक असमानताओं को चुनौती देने की ज़रूरत है जो दुनिया के कई हिस्सों में, बाल विवाह और समय से पहले गर्भधारण की उच्च दरों को बढ़ावा देती हैं."
WHO के ये दिशा-निर्देश, वर्ष 2011 में जारी सलाह में नवीन जानकारी शामिल करते हैं. वे व्यापक यौन शिक्षा को बढ़ावा देते हैं, जिसे यूएन एजेंसी आवश्यक बताती है ताकि लड़के और लड़कियाँ यह जान सकें कि विभिन्न प्रकार के गर्भनिरोधकों का उपयोग कैसे करें और सलाह कहाँ से लें.