ग़ाज़ा में भीषण हिंसक युद्ध के साथ-साथ, दुस्सूचना युद्ध भी जारी, लज़ारिनी
इसराइल के क़ब्ज़े वाले फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा पट्टी में गुरूवार को इसराइली हमलों में कम से कम 23 लोग मारे गए हैं. इन हमलों की ख़बरों के बीच फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी - UNRWA के प्रमुख फ़िलिपे लज़ारिनी ने, ग़ाज़ा में युद्ध को कवर करने के लिए "अन्तरराष्ट्रीय मीडिया को ग़ाज़ा में लाने" की तत्काल पुकार लगाई है.
UNRWA के महाआयुक्त फ़िलिपे लज़ारिनी ने कहा है, "फ़लस्तीनी पत्रकार भारी क़ीमत चुकाते हुए वीरतापूर्ण काम करना जारी रखे हुए हैं; अभी तक तक 170 पत्रकार मारे जा चुके हैं.
उन्होंने कहा, "सूचना का मुक्त प्रवाह और स्वतंत्र रिपोर्टिंग, युद्धों के दौरान तथ्यों के लिए और जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने के लिए बहुत अहम है."
फ़िलिपे लज़ारिनी ने अपनी अपील में कहा कि ग़ाज़ा में युद्ध शुरू होने के बाद से, 18 महीने से अधिक समय में, युद्ध के बारे में दुष्प्रचार और "अमानवीय" सन्देशों ने, विश्वसनीय रिपोर्टिंग को पीछे धकेल दिया है.
हमलों व प्रतिबन्धों में वृद्धि
इसराइल के क़ब्ज़े वाले फ़लस्तीनी क्षेत्र में, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय - OHCHR के प्रमुख अजीथ सुंघाय ने भी, पत्रकारों के सामने आने वाले ख़तरों के बारे में गहरी चिन्ता व्यक्त की है, अलबत्ता, स्थिति "हमेशा ही बहुत कठिन रही है".
उन्होंने यूएन न्यूज़ को बताया, "हमने जो कई मामले दर्ज किए हैं, उनमें पत्रकार जन उत्पीड़न के शिकार हुए हैं - हत्याएँ, सैंसरशिप और हिरासत के मामले सामने आए हैं."
"लेकिन हमने 7 अक्टूबर 2023 से हमलों, हत्याओं, हिरासत व सैंसरशिप - में भारी वृद्धि दर्ज की है."
अजीथ सुंघाय ने कहा कि OHCHR के डेटा से मालूम होता है कि ग़ाज़ा में, 7 अक्टूबर 2023 से 209 पत्रकार मारे गए हैं. ये सभी पत्रकार अपना काम करते हुए या घर पर मारे गए.
OHCHR कार्यालय ने कहा कि पश्चिमी तट में भी पत्रकारों की स्थिति गम्भीर है. गिरफ़्तार किए गए पत्रकारों को इसराइली और फ़लस्तीनी अधिकारियों द्वारा पिटाई और महिला पत्रकारों के ख़िलाफ़ यौन हिंसा की धमकियाँ मिलने की ख़बरें भी हैं.
अजीथ सुंघाय ने कहा, "पत्रकार आम नागरिक होते हैं और उन्हें अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून के तहत हमलों से सुरक्षा प्राप्त होती है, जब तक कि वे सीधे तौर पर युद्धक गतिविधियों में भाग नहीं लेते."
"पत्रकारों की जानबूझकर हत्या करना एक युद्ध अपराध है, और यह कुछ ऐसा मामला है जिसे हमने कई मौक़ों पर उजागर किया है."
सभी तरह की सहायता में अब भी कटौती
संयुक्त राष्ट्र की अन्य एजेंसियों ने इससे सम्बन्धित घटनाक्रम में, इसराइल के छह सप्ताह पुराने आदेश के बढ़ते प्रभाव के बारे में नई चेतावनी जारी की है. इसराइल के उस आदेश में सभी खाद्य और अन्य सामान की आपूर्ति को युद्ध से तबाह क्षेत्र में प्रवेश करने से रोक दिया गया है.
UNRWA ने कहा है कि ईंधन की आपूर्ति पर भी प्रतिबन्ध और खाद्य सामान की आपूर्ति कम हो रही है, "बेकरियाँ बन्द हो रही हैं, अस्पतालों में दवाइयाँ ख़त्म हो रही हैं" और जैनरेटर के लिए भी ईंधन ख़त्म हो रहा है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव की प्रवक्ता स्टेफ़नी ट्रैम्बले ने कहा है, ग़ाज़ा पर गत 18 मार्च को इसराइली बमबारी फिर से शुरू होने के बाद से, लगभग 5 लाख दीगर लोग विस्थापित हुए हैं "या एक बार फिर से उजाड़ दिए गए हैं".
इस बीच इसराइल के रक्षा मंत्री ने कथित तौर पर कहा है कि लेबनान और सीरिया के साथ-साथ, ग़ाज़ा के तथाकथित सुरक्षा क्षेत्रों में सैनिक अनिश्चित काल तक तैनात व मौजूद रहेंगे.