वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

म्याँमार: भूकम्प-प्रभावित 16 हज़ार लोगों के लिए, UNHCR ने विमान से पहुँचाई मदद

 म्याँमार में भूकम्प से प्रभावित आबादी के लिए आपात राहत सामान को यंगून के एक भंडारण केन्द्र में उतारा जा रहा है.
© UNICEF/Khine Zar Mon
म्याँमार में भूकम्प से प्रभावित आबादी के लिए आपात राहत सामान को यंगून के एक भंडारण केन्द्र में उतारा जा रहा है.

म्याँमार: भूकम्प-प्रभावित 16 हज़ार लोगों के लिए, UNHCR ने विमान से पहुँचाई मदद

मानवीय सहायता

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में स्थित अपने भंडारण केन्द्र से एक विमान के ज़रिये म्याँमार में भूकम्प प्रभावितों की सहायता के लिए मानवीय सहायता सामान की आपूर्ति की है.

28 मार्च को म्याँमार में रिक्टर पैमाने पर 7.7 की तीव्रता वाले भूकम्प से जान-माल की भीषण हानि हुई है, अनेक प्रान्तों में बुनियादी ढाँचा बर्बाद हो चुका है.

मृतक आँकड़ा तीन हज़ार से अधिक है, चार हज़ार से अधिक लोग घायल हुए हैं. बड़ी संख्या में लोग लापता बताए गए हैं. सगाइंग, मैंडाले और मैगवे समेत अन्य टाउनशिप में लगभग 80 फ़ीसदी इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं. 

मंगलवार को यह विमान यंगून के अन्तरराष्ट्रीय हवाई उड्डे पर उतरा, जिसमें घातक भूकम्प की मार झेल रहे 16 हज़ार लोगों के लिए 40 हज़ार किलोग्राम जीवनरक्षक मदद पहुँचाई गई है.

इस विमान से विस्थापित परिवारों की आश्रय व्यवस्था के लिए टैंट समेत घर-परिवार के लिए अन्य सामान भेजे गए हैं.

यूएन एजेंसी ने इस आपदा के बाद ही मानवीय सहायता के नज़रिये से आपात हालात की घोषणा कर दी थी.

म्याँमार में यूएन एजेंसी प्रतिनिधि नोरिको तकागी ने बताया कि हमने प्रभावित आबादी तक मदद पहुँचाने के लिए शुरुआत में ही अपने कर्मचारियों व मानवीय सहायता आपूर्ति को वहाँ तैनात कर दिया था.

भूकम्प से 1.72 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 21 लाख लोग, देश में पहले से जारी हिंसक टकराव के कारण विस्थापित थे.

म्याँमार के मैंडाले शहर में भूकम्प से प्रभावित लोगों ने एक अस्थाई शिविर में आश्रय लिया है.
© WFP/Arete
म्याँमार के मैंडाले शहर में भूकम्प से प्रभावित लोगों ने एक अस्थाई शिविर में आश्रय लिया है.

भूकम्प से देश के दूसरे व तीसरे सबसे बड़े शहर, मैंडाले और नेपीडॉ को गम्भीर क्षति पहुँची है. एक अनुमान के अनुसार, 41 हज़ार से अधिक घर ध्वस्त हो गए हैं. बुनियादी ढाँचे को भी भीषण नुक़सान हुआ है.

व्यवसायिक इमारतों व कृषि योग्य भूमि की बर्बादी से बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका का स्रोत ख़त्म हो गया है, और उन्हें मानवीय सहायता की आवश्यकता है.

जीवित बचे व्यक्तियों को बेहद कठिन हालात में गुज़र-बसर करनी पड़ रही है. उनके पास आश्रय, भोजन व स्वच्छ जल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है.

बेमौसम बारिश और तेज़ गर्मी की वजह से बीमारियाँ फैलने का जोखिम है. यूएन एजेंसी ने अब तक प्रभावित प्रान्तों में क़रीब 50 हज़ार लोगों तक मदद पहुँचाई है.

UNHCR ने 12 लाख प्रभावितों तक ज़रूरी सहायता पहुँचाने के लिए 1.6 करोड़ डॉलर की अपील की है, ताकि इस वर्ष के अन्त तक राहत प्रदान की जा सके.