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म्याँमार भूकम्प: सहायता अभियान के लिए युद्धविराम पर सहमति, मगर हमले जारी

यांगोन में UNICEF के गोदाम के अंदर, UNICEF के कर्मचारी यूरोपीय संघ के सहयोग से उपलब्ध कराई गई 80 मीट्रिक टन जीवन रक्षक सामग्री को उतार रहे हैं।
© UNICEF/Khine Zar Mon म्याँमार में भूकम्प से प्रभावित आबादी के लिए आपात राहत सामान को यंगून के एक भंडारण केन्द्र में उतारा जा रहा है.

म्याँमार भूकम्प: सहायता अभियान के लिए युद्धविराम पर सहमति, मगर हमले जारी

मानवीय सहायता

म्याँमार में सैन्य बलों ने भीषण संकट से गुज़र रहे देश में विपक्षी हथियारबन्द गुटों के विरुद्ध अपने हवाई हमले जारी रखे हैं. यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने शुक्रवार को कहा कि 7.7 की तीव्रता वाले भूकम्प से हुई तबाही और उसके बाद सहायता प्रयासों के लिए युद्धविराम पर सहमति होने के बावजूद ये हमले किए गए हैं.  

यूएन कार्यालय की प्रवक्ता रवीना शमदासानी ने जिनीवा में पत्रकार वार्ता में कहा कि पिछले सप्ताह, मध्य म्याँमार घातक भूकम्प से दहल उठा था. मगर, उसके बाद के दिनों में म्याँमार की सेना ने अपनी कार्रवाई व हमले जारी रखे हैं.

इनमें से कुछ हवाई हमलों को भूकम्प के झटके थमने के कुछ ही देर बाद किया गया था.

OHCHR प्रवक्ता ने म्याँमार में 2021 में हुए सैन्य तख़्तापलट के बाद भड़की लड़ाई का समावेशी राजनैतिक समाधान ढूंढने की अपील दोहराई और सभी सैन्य अभियान पर रोक लगाने का आग्रह किया.

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रवीना शमदासानी ने कहा कि इस समय भूकम्प से प्रभावित आबादी को हरसम्भव समर्थन मुहैया कराना एक बड़ी प्राथमिकता है. यूएन उच्चायुक्त कार्यालय के आँकड़ों के अनुसार, 28 मार्च को आए भूकम्प के बाद से अब तक 61 हमले दर्ज किए जा चुके हैं.

यूएन मानवाधिकार कार्यालय प्रवक्ता रवीना शमदासानी ने कहा कि सैन्य नेतृत्व ने इंटरनैट व दूरसंचार सेवाओं को ठप्प कर दिया है, जिससे सूचनाओं का आदान-प्रदान नहीं हो पा रहा है. इस वजह से आपदा का असर और गहरा हो गया है.

बीते सप्ताहांत, विपक्षी हथियारबन्द गुटों ने भूकम्प प्रभावित लोगों के लिए आपात सहायता अभियान को मज़बूती देने के इरादे से अगले दो सप्ताह के लिए अस्थाई संघर्षविराम की घोषणा की थी.

म्याँमार में OHCHR टीम के प्रमुख जेम्स रॉडहेवर ने कहा कि म्याँमार के सैन्य बल, स्थानीय समुदायों पर बिना किसी आवाज़ के बम गिराने के लिए कामचलाऊ पैरा-ग्लाइडर का इस्तेमाल कर रहे हैं.

उन्होंने बताया कि मोटर की बजाय बड़े पंखे से चलने वाले पैराग्लाइडर की मदद ली जा रही है जिसमें सैनिक, अपनी कमर पर बस्ता बांधे हवा में उड़ान भरते हैं, और फिर नीचे ज़मीनी ठिकानों पर हाथ से बम गिराए जाते हैं.   

भूकम्प प्रभावितों के लिए सहायता 

पिछले सप्ताह शुक्रवार को आए भूकम्प से देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर मैंडाले प्रभावित हुआ था, जिसकी आबादी क़रीब 12 लाख है. इसके अलावा, सगाइंग, नेपीडॉ, बागो, मैगवे और शन प्रान्त में नुक़सान हुआ.

शुरुआती आकलन के अनुसार, मध्य म्याँमार में क़रीब तीन हज़ार से अधिक लोगों की मौत होने, पाँच हज़ार से अधिक के घायल होने की ख़बर है और बुनियादी ढाँचा, स्वास्थ्य केन्द्र, सड़क नैटवर्क व पुल बर्बाद हो गया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, बिजली व जल आपूर्ति में अब भी व्यवधान है, स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं तक पहुँच पाना मुश्किल है और दूषित जल व भोजन के कारण फैलनी वाली बीमारियों को जोखिम बढ़ रहा है.

यूएन के साझेदार संगठन अन्तरराष्ट्रीय रैडक्रॉस फ़ेडरेशन ने बताया कि भूकम्प से 136 टाउनशिप प्रभावित हुई हैं. म्याँमार सरकार के नियंत्रण से बाहर क़रीब 25 फ़ीसदी प्रभावित है, जिससे वहाँ तक पहुँचना मुश्किल साबित हो रहा है.

यंगून और मध्य म्याँमार में सड़क मार्ग को क्षति पहुँचने की वजह से आवाजाही प्रभावित हुई है, और ज़रूरतमन्द आबादी तक मदद पहुँचाने के प्रयासों में देरी हो रही है. मैंडाले प्रान्त में हवाई सेवाएँ भी रुकी हुई हैं. बड़ी संख्या में परिवार भूकम्प के झटकों के भय की वजह से खुले में सोने के लिए मजबूर हैं, चूँकि इस आपदा में उनके घरों को नुक़सान पहुँचा है. 

अस्थाई तौर पर बनाए गए आश्रय स्थलों में भारी भीड़ है और वहाँ सुरक्षा व निजता का अभाव है, जिससे यौन व लिंग-आधारित हिंसा का जोखिम है. इसके मद्देनज़र, यूएन एजेंसियों ने महिलाओं व लड़कियों की सुरक्षा व गरिमा सुनिश्चित किए जाने की पुकार लगाई है.