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यूएन शान्ति अभियानों को, नई वास्तविकताओं के अनुरूप ढालने के लिए प्रयास

छलावरण वाली वर्दी और नीले हेलमेट पहने एक सैनिक ऊंची घास में राइफल लिए खड़ा है, पृष्ठभूमि में एक हेलीकॉप्टर दिखाई दे रहा है। यह दृश्य कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के मुतवांगा में एक शांतिरक्षा अभियान को दर्शाता है।
UN Photo/Michael Ali काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य के पूर्वी हिस्से में एक यूएन शान्तिरक्षक गश्त लगा रहा है.

यूएन शान्ति अभियानों को, नई वास्तविकताओं के अनुरूप ढालने के लिए प्रयास

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ज़ोर देकर कहा है कि दुनिया के समक्ष मौजूद चुनौतियों से कारगर ढंग से निपटने के लिए यह ज़रूरी है कि यूएन शान्ति अभियानों में भी, नई वास्तविकताओं के अनुरूप बदलाव लाए जाएँ. उन्होंने इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों से आपसी मतभेदों व असहमतियों से उबरने और शान्ति अभियानों के लिए सतत, राजनैतिक समर्थन सुनिश्चित किए जाने का आग्रह किया है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को सुरक्षा परिषद में यूएन शान्ति अभियान पर एक विशेष सत्र को सम्बोधित किया, जिसमें नई वास्तविकताओं के अनुरूप इन अभियानों में बदलाव लाने पर चर्चा हुई.

महासचिव गुटेरेश ने परिषद के सदस्यों को ध्यान दिलाया कि यूएन मिशन के ज़रिये बेहद हताशा भरे हालात से जूझ रहे आम नागरिकों व समुदायों की रक्षा की जाती है.

इन अभियानों में शान्तिरक्षा से लेकर विशेष राजनैतिक मिशन शामिल हैं, जहाँ समय पूर्व चेतावनी, रोकथाम के लिए कूटनीति, शान्तिरक्षा, शान्ति समझौतों की पुष्टि, युद्धविराम वार्ता व उन्हें लागू करने समेत अन्य क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित किया जाता है. साथ ही, निर्वाचन व पर्यवेक्षक मिशन को भी समर्थन मुहैया कराया जाता है.

उन्होंने कहा कि ये शान्तिरक्षा अभियान, अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सुरक्षा परिषद के पास एक महत्वपूर्ण उपाय हैं.

“अपने सर्वोत्तम रूप में, ये [अभियान] दर्शाते हैं कि जब संयुक्त राष्ट्र इन चुनौतियों से निपटने के लिए एकजुट होता है, तो अकेले देशों पर उसका बोझ घट जाता है.”

“1948 में पहली बार विशेष राजनैतिक मिशन और शान्तिरक्षा अभियान की तैनाती के बाद से अब तक, हमारे शान्ति अभियानों का आकार बढ़ा है, उनमें ज़रूरतों के अनुसार बदलाव भी आया है.”

UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस न्यूयॉर्क में UN सुरक्षा परिषद की बैठक में बोलते हुए।
UN Photo/Manuel Elias यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सुरक्षा परिषद में शान्तिरक्षा अभियानों पर आयोजित एक सत्र को सम्बोधित किया.

दायित्वों व संसाधनों के बीच खाई

हालांकि, उन्होंने सचेत किया कि शान्ति अभियान को नए अवरोधों से जूझना पड़ रहा है. “युद्ध कहीं अधिक जटिल व जानलेवा होते जा रहे हैं. मुद्दों का बातचीत से निपटारा कर पाना मुश्किल होता जा रहा है.”

वहीं, आतंकी व चरमपंथी समहू, संगठित अपराध, नए टैक्नॉलॉजी का हथियार के रूप में इस्तेमाल और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के कारण, यूएन मिशन की क्षमताओं की परीक्षा हो रही है. इसके मद्देनज़र, महासचिव गुटेरेश ने नई चुनौतियों के अनुरूप नए तौर-तरीक़ो को अपनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया.

यूएन प्रमुख के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र अभियानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है कि उन्हें सौंपे गए दायित्व, उनसे अपेक्षाओं और उन्हें मुहैया कराए जाने वाले संसाधनों के बीच गहरी दूरी है.

“हमने शासनादेशों (mandates) और उपलब्ध संसाधनों के बीच निरन्तर एक बेमेल देखा है.”

इन चुनौतियों के बावजूद, यूएन प्रमुख ने कहा कि आधुनिक वास्तविकताओं के अनुरूप शान्ति अभियानों को ढालने के लिए संगठन के पास औज़ार मजूद हैं. इस क्रम में, महासचिव गुटेरेश ने अनेक क़दमों का उल्लेख किया, जिनके ज़रिये यूएन मिशन को अधिक प्रभावी बनाए जाने के प्रयास हो रहे हैं.

ज़रूरी बदलाव

इस क्रम में, उन्होंने हेती के लिए एक प्रस्ताव का उल्लेख किया, जहाँ आपराधिक गुटों ने देश के अधिकाँश हिस्सों को अपने क़ब्ज़े मे ले लिया है. हेती में स्थिरता व सुरक्षा को सुनिश्चित करने में यूएन की स्पष्ट भूमिका है, और संकट की बुनियादी वजह से भी निपटा जाना अहम है.

उधर, लेबनान में यूएन अन्तरिम बल (UNIFIL) ने अपने शासनादेश (mandate) और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 के अनुपालन और उसे मज़बूती देने के इरादे से एक योजना तैयार की है.

वहीं, सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2719 के तहत, संयुक्त राष्ट्र ने अफ़्रीकी संघ (AU) के साथ अपनी साझेदारी को प्रगाढ़ बनाया है, जिससे शान्ति मिशन में मज़बूत सहयोग सम्भव हो सकेगा.

यूएन प्रमुख के अनुसार, शान्ति अभियान के सभी रूपों की समीक्षा के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. पिछले वर्ष, सितम्बर में पारित ‘भविष्य के लिए सहमति-पत्र’ में सदस्य देशों ने इसका आग्रह किया था. ‘शान्ति के लिए नया एजेंडा’ में पेश किए विश्लेषण की बुनियाद पर इस समीक्षा को आगे बढ़ाया जाएगा. 

इस समीक्षा में मौजूदा शान्तिरक्षा मॉडल की पड़ताल की जाएगी, नए तौर-तरीक़ों को अपनाने पर विचार होगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यूएन मिशन को यथार्थवादी दायित्व सौंपे जाए, और मिशन को किसी देश से बाहर निकालने के लिए व्यावहारिक रणनीति हो.