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CSW69: लैंगिक समानता को साकार करने पर केन्द्रित, यूएन की महत्वाकाँक्षी योजना पेश

यूएन वीमैन में नीति, कार्यक्रम व अन्तरसरकारी शाखा में निदेशक साराह हैन्ड्रिक्स, बीज़िंग+30 एक्शन एजेंडा को पेश कर रही हैं.
UN Photo यूएन वीमैन में नीति, कार्यक्रम व अन्तरसरकारी शाखा में निदेशक साराह हैन्ड्रिक्स, बीज़िंग+30 एक्शन एजेंडा को पेश कर रही हैं.

CSW69: लैंगिक समानता को साकार करने पर केन्द्रित, यूएन की महत्वाकाँक्षी योजना पेश

महिलाएँ

संयुक्त राष्ट्र ने महिला अधिकारों को बढ़ावा देने और लैंगिक समानता को हासिल करने के इरादे से एक नया कार्रवाई एजेंडा प्रस्तुत किया है. न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में महिलाओं की स्थिति पर आयोग के 69वें सत्र के दौरान बुधवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम में इसकी घोषणा की गई.

'बीजिंग+30 एक्शन एजेंडा' में डिजिटल क्रांति का लाभ उठाने से कर लैंगिक खाई को पाटने और निर्णय-निर्धारण प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने समेत अन्य महत्वाकाँक्षी लक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं.

यह योजना, वर्ष 1995 में पारित हुए ‘बीजिंग घोषणापत्र व कार्रवाई प्लैटफ़ॉर्म’ में किए गए वादों को आगे बढ़ाती है, जोकि लैंगिक समानता को साकार करने और महिला अधिकारों को मज़बूती देने पर केन्द्रित था.

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महिला सशक्तिकरण के लिए यूएन संस्था (UN Women) की प्रमुख सीमा बहाउस ने कहा कि आज हम महिलाओं व लड़कियों के लिए स्थिति का जायज़ा ले रहे हैं. कुछ प्रगति दर्ज की गई है, मगर यह पर्याप्त नहीं है.

“महिलाओं को अब भी लक्षित हिंसा का सामना, जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणामों का ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ता है और वे अक्सर निर्णय-निर्धारण में हाशिए पर रहती हैं.”

“यह आगे की ओर मज़बूती से बढ़ने का क्षण है. हम क़दम पीछे नहीं हटाएंगे. अब, हमें संकल्पों को नतीजों में बदलना होगा.”

बीजिंग+30 कार्रवाई एजेंडा में सभी महिलाओं व लड़कियों के लिए निम्न लक्ष्य तैयार किए गए हैं: डिजिटल क्रांति, निर्धनता से मुक्ति, शून्य हिंसा, पूर्ण व समान निर्णय-निर्धारण की शक्ति, शान्ति व सुरक्षा मामलों और जलवायु न्याय में समान आवाज़.

उच्चस्तरीय यूएन अधिकारियों ने अपने नए कार्रवाई एजेंडा को ऐसे समय में पेश किया है, जब महिलाओं की स्थिति पर आयोग (CSW) का 69वाँ सत्र, न्यूयॉर्क में 10-21 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है. यह महिलाओं के मुद्दे पर केन्द्रित विश्व का सबसे बड़ा आयोजन है.

बीजिंग+30 कार्रवाई एजेंडा में राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ तालमेल बैठाने की कोशिश की जाएगी, और वर्ष 2030 तक 17 टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने का भी लक्ष्य रखा गया है.

‘एक अहम मोड़’

यूएन उप महासचिव आमिना मोहम्मद ने अपने वीडियो सन्देश में कहा कि महिलाएँ व लड़कियाँ अकल्पनीय चुनौतियों से जूझ रही हैं और इसलिए 2025, एक कार्रवाई की पुकार है.

विश्व के अनेक हिस्सों में सशस्त्र टकराव धधक रहे हैं और हर दिन महिलाओं का जीवन हिंसा से प्रभावित हो रहा है.

टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने में केवल पाँच वर्षों का समय बचा है, और इसलिए लैंगिक समानता को हासिल करने की हमारी आकाँक्षाओं को साकार करने में यह एक अहम मोड़ है.

उन्होंने दोहराया कि निडर क़दमों को उठाने के लिए संयुक्त राष्ट्र प्रतिबद्ध है. “आइए इस अवसर का इस्तेमाल करें. आइए, हम अपने संकल्पों को स्थाई असर में तब्दील करें.”

इस एजेंडा की बुनियाद में किशोर लड़कियाँ व युवा महिलाएँ हैं. साथ ही, लैंगिक समानता के लिए वित्त पोषण और लैंगिक परिप्रेक्ष्य से डेटा जुटाने पर बल दिया गया है.

यूएन वीमैन प्रमुख ने कहा कि “एक साथ मिलकर, हमें बेरुख़ी के बजाय कार्रवाई को चुनना होगा. हमें बीजिंग घोषणापत्र की भावना को फिर से प्रज्ज्वलित करना होगा.”

इस कार्यक्रम के दौरान सरकारी प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और यूएन अधिकारियों के साथ छह अहम कार्रवाई क्षेत्रों पर चर्चा हुई है, जिसमें मौजूदा प्रगति व चुनौतियों पर ध्यान केन्द्रित किया गया.