अफ़गानिस्तान: अफ़ीम की क़ीमतों में रिकॉर्ड उछाल, अपराध सिंडिकेट को फ़ायदा
संयुक्त राष्ट्र के नवीनतम आँकड़ों से मालूम होता है कि अफ़ग़ानिस्तान में साल 2022 में सत्तारूढ़ तालेबान अधिकारियों द्वारा मादक पदार्थों पर प्रतिबन्ध लगाए जाने के बाद से अब तक, अफ़ीम की क़ीमतें दस गुना बढ़ गई हैं. ग़ौरतलब है कि तालेबान ने अगस्त 2022 में, अफ़ग़ानिस्तान की सरकार को हटाकर सत्ता पर क़ब्ज़ा कर लिया था.
संयुक्त राष्ट्र के ड्रग्स और अपराध निरोधक कार्यालय (UNODC) के अनुसार, पिछले साल एक किलोग्राम अफ़ीम की क़ीमत 750 डॉलर थी, जो कि केवल तीन साल पहले 75 डॉलर थी. इससे अफ़ीम के विक्रेताओं को कुल उत्पादन और अफ़ीम के खेतों में हुए नुक़सान की भरपाई हो गई.
यूएन एजेंसी ने ख़ास ज़ोर देते हुए कहा कि अफ़गानिस्तान में अफ़ीम पर प्रतिबन्ध लगाए जाने के बाद इसके उत्पादन में कमी के कारण इसकी तस्करी में कमी आई है. "2021 से हेरोइन और अफ़ीम की ज़ब्ती में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है."
अफ़ीम प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला ऐसा प्राथमिक सक्रिय पदार्थ है, जिसका उपयोग हेरोइन के उत्पादन में किया जाता है. यह एक अधिक शक्तिशाली, सिंथेटिक मादक पदार्थ है. अवैध अफ़ीम के तीन मुख्य वैश्विक स्रोत अफ़ग़ानिस्तान, कोलम्बिया और म्याँमार हैं.
यूएनओडीसी ने कहा कि ऊँची कीमतों के कारण, "अब भी भारी मुनाफा कमाया जा रहा है, जिसका मुख्य लाभ संगठित अपराध समूहों में, उच्च-स्तरीय व्यापारियों और निर्यातकों को मिल रहा है."
घटते भंडार
संयुक्त राष्ट्र एजेंसी का अनुमान है कि 2022 के अन्त में अफ़ीम का कुल भंडार 13 हज़ार 200 टन था, जो 2027 तक अफ़ग़ानिस्तान में अफ़ीम की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है.
यूएनओडीसी की कार्यकारी निदेशक ग़ादा वॉली ने कहा, "अफ़ीम की क़ीमतों में उछाल और पर्याप्त भंडार होने का मतलब है कि अफ़ग़ानिस्तान में मादक पदार्थों की तस्करी, एक अत्यधिक लाभदायक अवैध व्यापार बना हुआ है."
उन्होंने कहा, "मुनाफ़ा अन्तरराष्ट्रीय संगठित अपराध समूहों तक पहुँचाया जा रहा है, जो अफ़ग़ानिस्तान, क्षेत्र और उससे आगे के क्षेत्रों को अस्थिर कर रहा है. हमें एक समन्वित मादक पदार्थ-विरोधी रणनीति की आवश्यकता है जो तस्करी नैटवर्क को लक्षित करे और साथ ही अफ़ग़ानिस्तान व उसके लोगों के लिए दीर्घकालिक स्थिरता प्रदान करने के वास्ते, किसानों के लिए व्यवहार्य आर्थिक आजीविका में निवेश करे."
अफ़ीम की खेती में गिरावट से पहले, अफ़गानिस्तान के भंडार का मूल्य $4.6 अरब से $5.9 अरब के बीच माना जाता था, जो 2023 में देश की अर्थव्यवस्था का लगभग 23 से 29 प्रतिशत था.
UNODC ने कहा कि इससे कुछ आम अफ़ग़ान लोगों को, तालेबान की वापसी के बाद से, देश के सामने आने वाली गम्भीर आर्थिक समस्याओं का सामना करने में मदद मिली होगी.
किसानों का संघर्ष
फिर भी, 2022 में अफ़ीम के 60 प्रतिशत भंडार, बड़े व्यापारियों और निर्यातकों के हाथों में होने की सम्भावना है और केवल 30 प्रतिशत किसानों के पास "छोटे से लेकर मामूली" भंडार होने की सम्भावना है.
UNODC के अनुसार, "अधिकांश किसान जो पहले अफ़ीम की खेती करते थे, वे अब गम्भीर वित्तीय कठिनाई का सामना कर रहे हैं."
यूएन एजेंसी के अनुसार, देश में अफ़ीम के किसानों को इसकी खेती की ओर फिर से लौटने के लिए हतोत्साहित करने की ख़ातिर, स्थाई आर्थिक विकल्पों की तत्काल आवश्यकता है, ख़ासतौर पर आज के उच्च अफ़ीम मूल्यों को देखते हुए.
एजेंसी ने यह भी चेतावनी दी है कि अफीम की निरन्तर कमी, ख़रीददारों और विक्रेताओं को, वैकल्पिक मादक पदार्थों की ओर आकर्षित कर सकती है, जोकि सम्भवतः हेरोइन से भी अधिक हानिकारक हैं. मसलन, फेंटेनाइल या अन्य सिंथेटिक मादक पदार्थ.