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संक्षिप्त समाचार: साइप्रस मुद्दे पर बैठक का आयोजन, दक्षिणी लेबनान में हिंसा जारी

रेगिस्तानी वर्दी और नीले हेलमेट पहने एक UN शांति रक्षक साइप्रस बफर जोन में एक जर्जर नीले रंग के निगरानी टावर के बगल में खड़ा है।
UN Photo/Eskinder Debebe साइप्रस में, संयुक्त राष्ट्र का शान्तिरक्षा मिशन (UNFICYP), विरोधी पक्षों के बीच एक 'बफ़र ज़ोन' को नियन्त्रित करता है. (फ़ाइल)

संक्षिप्त समाचार: साइप्रस मुद्दे पर बैठक का आयोजन, दक्षिणी लेबनान में हिंसा जारी

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने पिछले कई दशकों से जारी साइप्रस के विभाजन का अन्त करने के लिए नए सिरे से प्रयासों की घोषणा की है. इसके तहत, 17 मार्च से दो दिनों के लिए अनौपचारिक बातचीत आयोजित किए जाने की योजना है.

यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने बुधवार को न्यूयॉर्क मुख्यालय में पत्रकारों को बताया कि यूएन प्रमुख, तुर्की साइप्रस और ग्रीक साइप्रस समुदाय के नेताओं के साथ जिनीवा में यूएन कार्यालय में मुलाक़ात करेंगे. इस दौरान वहाँ ग्रीस, तुर्कीये और ब्रिटेन के प्रतिनिधि भी मौजूद होंगे.

कई वर्षों तक जारी रहे टकराव के बाद, 1974 से भूमध्यसागर क्षेत्र में स्थित यह द्वीप उत्तरी व दक्षिणी हिस्सों में विभाजित है.

संयुक्त राष्ट्र ने इस मुद्दे का समाधान खोजने के इरादे से वार्ताओं का नेतृत्व किया है, और 1965 में सुरक्षा परिषद ने एक शान्तिरक्षा मिशन (UNFICYP) की तैनाती को स्वीकृति दी थी.

मगर, एक स्थाई समझौते के अभाव में, यह शान्तिरक्षा मिशन अब भी वहाँ मौजूद है, और उसका दायित्व युद्धविराम रेखा, बफ़र ज़ोन के इर्दगिर्द निरीक्षण करना और मानवतावादी गतिविधियों को समर्थन प्रदान करना है.

यूएन प्रमुख ने 2017 में स्विट्ज़रलैंड में दोनों पक्षों को एक साथ लाने का प्रयास किया था, मगर यह बातचीत विफल रही. इसके बाद, 2021 में भी एक बार फिर से कोशिश की गई.

मार्च 2025 में होने वाली वार्ता, महासचिव गुटेरेश द्वारा पिछले वर्ष अक्टूबर में लिए गए संकल्प के अनुरूप है, जिसमें साइप्रस मुद्दे पर वार्ता प्रयास जारी रखने की बात कही गई है.

यूएन प्रवक्ता ने कहा कि यह अनौपचारिक बैठक, साइप्रस के मुद्दे पर अर्थपूर्ण बातचीत को आगे बढ़ाने का एक अहम अवसर है.

दक्षिण लेबनान की एक धूल भरी सड़क पर UNIFIL का एक रसद काफिला चल रहा है, जिसमें एक सफेद टोयोटा लैंड क्रूजर और एक बख्तरबंद वाहन शामिल है।
© UNIFIL/Pasqual Gorriz दक्षिणी लेबनान में ब्लू लाइन के पास यूएन शान्तिरक्षकों का एक क़ाफ़िला.

लेबनान: शान्तिरक्षा अभियान वाले इलाक़े में लड़ाई जारी

लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अन्तरिम बल (UNIFIL) के अनुसार, बुधवार को उनकी गतिविधियों वाले इलाक़े में गोलीबारी की घटनाएँ हुई हैं. साथ ही, इसराइली बलों की सैन्य गतिविधि की भी ख़बर है.

यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में यूएन शान्तिरक्षकों के समर्थन से 100 से अधिक ठिकानों पर लेबनानी सैन्य बल तैनात हैं.

इसराइल व लेबनान को अलग करने वाली सीमा रेखा, ‘ब्लू लाइन’ के नज़दीक स्थित इलाक़ों में बड़े पैमाने पर बिना फटे हुए विस्फोटक बिखरे हुए हैं, जिससे आम नागरिकों के लिए बड़ा जोखिम है.

लेबनान में यूएन मिशन में बारूदी सुरंग हटाने के कार्य में जुटी टीम इन विस्फोटक अवशेषों को हटाने में स्थानीय प्रशासन को समर्थन दे रही है.

21 अक्टूबर 2024 से 26 फ़रवरी 2025 के दौरान, 44 से अधिक युद्धक सामग्री के अवशेषों को खोजने के बाद ध्वस्त कर दिया गया.

इस बीच, यूएन मिशन अपने अभियान वाले इलाक़ों में मानवीय सहायता प्रयासों को समर्थन दे रहा है. इसराइली सैन्य बलों और हिज़बुल्लाह के बीच हिंसक टकराव थमने के बाद से ही विस्थापित लोगों की घर वापसी को सुनिश्चित किया जा रहा है.

चाड के एड्रे अस्पताल में एक अस्पताल के तंबू के अंदर धारीदार कंबल पर नारंगी रंग की पोशाक पहने एक चाडियन शरणार्थी माँ और नीली पोशाक पहने एक सूडानी शरणार्थी बच्चा बैठे हैं। माँ के हाथ में एक दस्तावेज़ है जबकि बच्चा उसे देख रहा है। पृष्ठभूमि में हरे रंग के पर्दे और अन्य लोग दिखाई दे रहे हैं।
© UNICEF/Donaig Le Du सूडान के दारफ़ूर से चाड में शरण लेने वाले एक बच्चे का स्थानीय अस्पताल में उपचार हो रहा है.

सूडान: चाड पहुँचने वाले शरणार्थियों के लिए समर्थन

अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने अपने साझेदार संगठन के साथ मिलकर चाड में मानवीय सहायता केन्द्र का विस्तार किया है, जहाँ सूडान में हिंसक टकराव के कारण शरण लेने वाले लोगों को मदद मुहैया कराई जाएगी. इन प्रयासों के तहत दो लाख 20 हज़ार लोगों तक राहत पहुँचाए जाने की योजना है.

चाड के फ़रचाना स्थित केन्द्र में अभियान संचालन क्षमता में विस्तार के ज़रिये सीमा-पार सूडान में मानवीय सहायता अभियान को मज़बूती दी जाएगी, जोकि एक विशाल विस्थापन संकट से जूझ रहा है.

अप्रैल 2023 से परस्पर विरोधी सैन्य बलों के बीच हिंसक टकराव शुरू होने के बाद से अब तक, 1.15 करोड़ लोग सूडान में विस्थापित हुए हैं, जबकि 35 लाख लोगों ने सीमा पार करके अन्य देशों में शरण ली है. सूडान से चाड पहुँचने वाले लोगों की संख्या 9.30 लाख से अधिक है.

हाल ही में जारी किए गए आँकड़ों के अनुसार, दारफ़ूर क्षेत्र में 90 लाख से अधिक लोगों को तत्काल सहायता की आवश्यकता है

सहायता केन्द्र के विस्तार से कार्यालय और आवास व्यवस्था की जगह बढ़ेगी, बुनियादी ढाँचों को बेहतर बनाया जाएगा, ताकि सूडान में दुर्गम इलाक़ों में भी कारगर ढंग से मानवीय सहायता पहुँचाई जा सके.

साथ ही, मानवीय सहायता संगठनों, विकास एजेंसियों और सरकार के बीच भी तालमेल में सुधार आने की उम्मीद जताई गई है, और चाड से दारफ़ूर तक सहायता अभियान का स्तर बढ़ाया जा सकेगा, जहाँ मानवीय आवश्यकताएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं.