मानवता का भविष्य, शान्ति के लिए मशीनरी में निवेश पर है निर्भर - यूएन महासचिव
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि मानवता का भविष्य शान्ति के कल-पुर्ज़ों में निवेश पर निर्भर करता है, ना कि युद्ध की मशीनरी को बढ़ावा देने में. उन्होंने बुधवार, 5 मार्च, को ‘अन्तरराष्ट्रीय निरस्त्रीकरण व अप्रसार जागरुकता दिवस’ के अवसर पर जारी अपने सन्देश में यह बात कही है.
हर वर्ष 5 मार्च को मनाया जाने वाला यह अन्तरराष्ट्रीय दिवस, हथियारों में कमी लाने और शान्ति को बढ़ावा देने का एक अवसर है, ताकि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए वैश्विक संकल्पों को मज़बूती दी जा सके.
इसी वर्ष, परमाणु हथियारों के अप्रसार पर सन्धि (NPT) की 55वीं वर्षगाँठ है, जोकि परमाणु अस्त्रों के फैलाव की रोकथाम करने और परमाणु ऊर्जा के शान्तिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने पर केन्द्रित एक बेहद अहम समझौता है.
लम्बे समय से लागू हुए समझौतों के बावजूद, दुनिया में परमाणु ख़तरा बढ़ रहा है, छोटे हथियारों का प्रसार हो रहा है, और कृत्रिम बुद्धिमता व क्वांटम कम्प्यूटिंग जैसे टैक्नॉलॉजी के इस्तेमाल से ख़तरे भी बढ़ रहे हैं.
वहीं, निरस्त्रीकरण और घातक हथियारों से रक्षा के लिए की गई पहल कमज़ोर हुई हैं, जिससे वैश्विक असुरक्षा के लिए ख़तरा उपजा है.
यूएन प्रमुख ने विश्व नेताओं से अपील की है कि परमाणु हथियारों के प्रसार, घातक हथियारों के परीक्षण व इस्तेमाल को रोकने और निरस्त्रीकरण दायित्वों को निभाने के लिए मौजूदा व्यवस्थाओं व उपायों को मज़बूती प्रदान की जानी होगी.
संकल्पों पर बल
अप्रसार सन्धि पर वर्ष 1968 में हस्ताक्षर किए गए थे और यह 1970 से लागू है. परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए यह एक आधारशिला है, जिसमें 191 सदस्य देशों ने परमाणु हथियारों के प्रसार की रोकथाम का संकल्प लिया है.
मगर, चुनौतियाँ बरक़रार हैं, विशेष रूप से बढ़ते भूराजनैतिक तनाव के सन्दर्भ में. वहीं कुछ देश अब भी इस सन्धि के फ़्रेमवर्क का हिस्सा नहीं हैं.
पिछले वर्ष, यूएन मुख्यालय में आयोजित भविष्य-सम्मेलन के दौरान भविष्य के सहमति पत्र को पारित किया गया था, जिसमें परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए मज़बूत संकल्प लिया गया है, अन्तरिक्ष को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की होड़ पर लगाम कसने और घातक स्वायत्त हथियारों के लिए नियम व्यवस्था को ज़रूरी माना गया है.
भावी पीढ़ी का सशक्तिकरण
निरस्त्रीकरण प्रयासों में युवाओं की भागेदारी बढ़ाने के लिए यूएन निरन्तर प्रयासरत है. इस सिलसिले में, बुधवार को दो नए अवसर शुरू किए गए हैं: युवा नेता कोष (Youth Leader Fund) कार्यक्रम और जैविक सुरक्षा पहल के लिए फ़ैलोशिप.
इन पहल के ज़रिये युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि एक अधिक सुरक्षित भविष्य को आकार देने में वे अपनी भूमिका निभा सकें.
महासचिव गुटेरेश ने कहा कि यह समय है जब नेताओं को अपने शब्दों को कार्रवाई में बदलना होगा, निरस्त्रीकरण समाधानों में निवेश करना होगा और हर किसी को शान्तिपूर्ण भविष्य देना होगा, जिसके वो हक़दार हैं.