वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

वैश्विक जैवविविधता संरक्षण के लिए, 200 अरब डॉलर की अतिरिक्त धनराशि जुटाने पर सहमति

भारत के बांधवगढ़ राष्ट्रीय पार्क में एक बाघ.
© WWF-International/Suyash_Kesh भारत के बांधवगढ़ राष्ट्रीय पार्क में एक बाघ.

वैश्विक जैवविविधता संरक्षण के लिए, 200 अरब डॉलर की अतिरिक्त धनराशि जुटाने पर सहमति

जलवायु और पर्यावरण

वैश्विक जैवविविधता की बेहतर ढंग से रक्षा करने के लिए हर वर्ष 200 अरब डॉलर की अतिरिक्त धनराशि जुटाने की रणनीति पर सदस्य देशों की सरकारों में आपसी सहमति हो गई है.

नवम्बर 2024 में, कोलम्बिया के काली शहर में आयोजित जैवविविधता सम्मेलन में इस समझौते पर सहमति नहीं हो पाई थी. 

इस सप्ताह, इटली की राजधानी रोम में यूएन जैवविविधता सम्मेलन के तहत वार्ता फिर से शुरू हुई, जिसमें प्रतिनिधियों ने रणनीति पर सहमति जताई.

ऐसी आशा जताई गई है कि जैविक विविधता पर यूएन सन्धि में शामिल पक्षों में हुए इस समझौते से जैवविविधता व नाज़ुक पारिस्थितिकी तंत्रों के संरक्षण में मदद मिलेगी.

Tweet URL

वैश्विक जैवविविधता की रक्षा के लिए धनराशि की कमी को दूर करने के इरादे से संसाधनों की लामबन्दी करने पर समझौता हो गया है, और 2030 तक हर वर्ष 200 अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है.

बढ़ते हिंसक टकराव, वनों की कटाई, खनन, ज़हरीले कचरे और पर्यावरण को पहुँचने वाले अन्य कारणों से विश्व में 10 लाख से अधिक पौधों व पशुओं की प्रजातियों पर जोखिम मंडरा रहा है.

यूएन महासचिव के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में पत्रकारों को जानकारी देते हुए इस घोषणा का स्वागत किया.

“हमें वर्ष 2030 तक कम से कम 200 अरब डॉलर की लामबन्दी की ज़रूरत है ताकि वैश्विक जैवविविधता के लिए वित्तीय संसाधनों की खाई को पाटा जा सके.”

जैवविविधता पर यूएन सम्मेलन (COP16) की प्रमुख सुज़ाना मुहम्मद ने बताया कि रोम में तीन दिनों के कामकाज ने दर्शाया है कि कुनमिंग-मॉन्ट्रियाल वैश्विक जैवविविधता फ़्रेमवर्क को लागू करने के लिए सभी पक्ष प्रतिबद्ध हैं. 

इस महत्वपूर्ण फ़्रेमवर्क पर चीन के कुनमिंग और कैनेडा के मॉन्ट्रियाल शहरों में हुई वार्ता के बाद 2022 में सहमति बनी थी.

कारगर बहुपक्षवाद 

इसके ज़रिए, जैवविविधता हानि को रोकने, पारिस्थितिकी तंत्रों को बहाल करने और आदिवासी व्यक्तियों व समुदायों के अधिकारों की रक्षा करने की पुकार लगाई गई है. 

इस फ़्रेमवर्क में पृथ्वी के 30 फ़ीसदी हिस्से में जैवविविधता संरक्षण के लिए उपाय अपनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है.

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कोलम्बिया के काली में हुए सम्मेलन में जिन मुद्दों पर आम सहमति नहीं बन पाई थी, रोम बैठक में उन पर ध्यान केन्द्रित किया गया.

जैविक विविधता पर यूएन सन्धि की कार्यकारी सचिव ऐस्ट्रिड शोमेकर ने कहा कि रोम में यह सकारात्मक नतीजा दर्शाता है कि बहुपक्षवाद कारगर है और जैवविविधता की रक्षा व प्रकृति के साथ समरसता स्थापित करने के लिए साझेदारियों को आकार देने में इसकी अहम भूमिका है.

इस क्रम में, जैवविविधता संरक्षण के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने, योजना व निगरानी व्यवस्था और समीक्षा प्रक्रिया पर निर्णय लिया गया है.

साथ ही, वैश्विक जैवविविधता फ़्रेमवर्क को लागू करने में राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर हुई प्रगति के आकलन के लिए पैमाने तय करने पर भी सहमति बनी है.