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सोमालिया: सूखे, हिंसक टकराव व खाद्य क़ीमतों में उछाल से गहराता संकट

सोमालिया के डॉलो में कुपोषण के शिकार एक वर्षीय बच्चे का इलाज हो रहा है.
© UNICEF Somalia
सोमालिया के डॉलो में कुपोषण के शिकार एक वर्षीय बच्चे का इलाज हो रहा है.

सोमालिया: सूखे, हिंसक टकराव व खाद्य क़ीमतों में उछाल से गहराता संकट

मानवीय सहायता

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने आगाह किया है कि सोमालिया में मानवीय हालात बद से बदतर होती जा रही है और सूखा, हिंसक टकराव व खाद्य वस्तुओं की बढ़ती क़ीमतों की वजह से लाखों लोग अत्यधिक भूख का शिकार हो रहे हैं.

खाद्य सुरक्षा आकलन के अनुसार, अप्रैल व जून महीने के दौरान 44 लाख लोग, यानि देश की क़रीब एक-चौथाई आबादी संकट स्तर पर खाद्य असुरक्षा का सामना कर सकती है.

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सोमालिया में खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के अनुसार, सूखे से हालात बिगड़ रहे हैं, पर्याप्त मात्रा में बारिश नहीं हो रही है और परिवार संकट के गर्त में धंसते जा रहे हैं.

देश की सीमाओं के भीतर विस्थापित होने वाले लोगों के लिए भूख संकट सबसे गम्भीर है. सीमित संख्या में मवेशियों वाले चरवाहों व खेती-बाड़ी पर निर्भर लोगों के लिए खाद्य आपूर्ति ख़त्म होती जा रही है.

जलवायु चुनौतियाँ

सोमालिया ने सिलसिलेवार ढंग से जलवायु झटकों का सामना किया है. वर्ष 2024 के अन्तिम दिनों में औसत से कम मात्रा में वर्षा हुई, जिससे उपज पर असर हुआ, जल स्रोत ख़त्म हो गए और इससे मवेशियों की मौतें हुई.

इसके परिणामस्वरूप, खाद्य क़ीमतें ऊँचे स्तर पर बरक़रार हैं, लाखों सोमाली नागरिकों के लिए खाद्य असुरक्षा की स्थिति बिगड़ रही है. निर्धनता और हिंसक टकराव की वजह से विस्थापन का शिकार लोगों को अब भरपेट भोजन ना मिल पाने की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है.

खाद्य अभाव पर नज़र रखने के लिए एकीकृत सुरक्षा चरण वर्गीकरण (Integrated Security Phase Classification / IPC) नामक पैमाने का इस्तेमाल किया जाता है.

इसके आकलन के अनुसार, 2025 में पाँच वर्ष से कम आयु के 17 लाख से अधिक बच्चों के कुपोषण का शिकार होने की आशंका है, जिससे उनके जीवन पर जोखिम मंडरा सकता है.

इनमें दक्षिणी सोमालिया सर्वाधिक प्रभावित बताया गया है जहाँ खाद्य असुरक्षा सबसे ऊँचे स्तर पर है.

बच्चों के लिए जोखिम

सोमालिया में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) कार्यालय में अधिकारी निसार सैयद ने बताया कि अतीत में हुई जलवायु घटनाओं से बच्चे सर्वाधिक प्रभावित हैं, उन्हें गम्भीर कुपोषण व बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके जीवन के लिए ख़तरा है और उनका मानसिक, शारीरिक विकास भी प्रभावित हुआ है.

इसके मद्देनज़र, उन्होंने बेहतर रोकथाम उपायों को अपनाने पर ज़ोर दिया है, जिसके लिए मानवीय सहायता के साथ स्वास्थ्य प्रणालियों में दीर्घकालिक निवेश को सुनिश्चित किया जाना होगा.

यूएन एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरन्त क़दम नहीं उठाए गए तो हालात विनाशकारी रूप धारण कर सकते हैं.

फ़िलहाल ज़रूरतमन्दों के लिए खाद्य सहायता, पोषण व आजीविका समर्थन का स्तर बढ़ाने की कोशिशें की जा रही हैं, मगर सहायता धनराशि के अभाव में इन कार्यक्रमों का दायरा घटाने या उन्हें पूरी तरह बन्द करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है.

इस वर्ष सोमालिया में मानवीय सहायता आवश्यकताओं को पूरा करने के इरादे से 1.42 अरब डॉलर की अपील की गई है, लेकिन अब तक 12.4 प्रतिशत रक़म का ही प्रबन्ध हो पाया है.