यूक्रेन: युद्ध के बाद पुनर्निर्माण के लिए, 524 अरब डॉलर की होगी ज़रूरत
यूक्रेन में युद्ध से हुई बर्बादी के बाद अगले एक दशक में पुनर्निर्माण व पुनर्बहाली की कुल क़ीमत को 524 अरब डॉलर आंका गया है. यूक्रेन सरकार, विश्व बैन्क समूह, योरोपीय आयोग और संयुक्त राष्ट्र के एक साझा अध्ययन में यह अनुमान व्यक्त किया गया है.
24 फ़रवरी को यूक्रेन पर रूसी सैन्य बलों के आक्रमण को तीन वर्ष पूरे हो गए हैं और अब यह युद्ध अपने चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुका है.
इस अध्ययन में 24 फ़रवरी 2022 को युद्ध भड़कने के बाद 31 दिसम्बर 2024 तक, देश में हुए नुक़सान को आंका गया है.
इस वर्ष, यूक्रेन सरकार ने अपने दानदाताओं के समर्थन से 7.37 अरब डॉलर आवंटित किए हैं, ताकि आवास, शिक्षा, सामाजिक संरक्षा, ऊर्जा, परिवहन, जल आपूर्ति व नागरिक सुरक्षा समेत अन्य प्राथमिकताओं पर ध्यान दिया जा सके.
वर्ष 2025 के दौरान पुनर्निर्माण व पुनर्बहाली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 9.96 अरब डॉलर की कमी बताई गई है. यूक्रेन को इस तबाही से उबारने के लिए निजी सैक्टर के लामबन्द प्रयासों को अहम माना गया है.
रूसी हमले जारी
यूक्रेन के प्रधानमंत्री डेनिस श्मिहल ने कहा कि पिछले एक वर्ष में, यूक्रेन को उबारने के लिए आवश्यकताएँ निरन्तर बढ़ती जा रही हैं, चूँकि रूस के हमले जारी हैं.
मंगलवार को प्रकाशित आकलन के अनुसार, यूक्रेन में युद्ध से अब तक सीधे तौर पर 176 अरब डॉलर की बर्बादी हुई है. आवास, परिवहन, शिक्षा, ऊर्जा, वाणिज्य व उद्योग सैक्टर पर विशेष रूप से असर हुआ है.
देश भर में 13 फ़ीसदी आवास क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हो गए हैं, जिससे 25 लाख घर-परिवार प्रभावित हुए हैं.
ऊर्जा सैक्टर को हुई क्षति में 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, और बिजली उत्पादन, संचारण, वितरण सम्बन्धी व्यवस्था पर गहरा असर हुआ है.
मकानों पर क़हर
आकलन के अनुसार, लड़ाई के अग्रिम मोर्चों पर स्थित इलाक़ों में घर-मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं. इनमें दोनेत्स्क, ख़ारकीव, लुहान्स्क, ज़ैपोरिझझिया, ख़ेरसॉन व कीव समेत अन्य इलाक़े हैं.
आवास व्यवस्था को बहाल करने के लिए सबसे अधिक पुनर्निर्माण व पुनर्बहाली आवश्यकताएँ हैं, और दीर्घकालिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए 84 अरब डॉलर की ज़रूरत होगी.
वहीं, परिवहन सैक्टर में 78 अरब डॉलर, ऊर्जा व दोहन सैक्टर में 68 अरब डॉलर, वाणिज्य व उद्योग जगत के लिए 64 अरब डॉलर और कृषि के लिए 55 अरब डॉलर की ज़रूरत बताई गई है.
अध्ययन में कहा गया है कि रूसी आक्रमण से यूक्रेन के कृषि सैक्टर पर गम्भीर असर हुआ है. युद्ध से पहले इस क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पादन में 10 फ़ीसदी योगदान था, और इसमें 14 प्रतिशत श्रमबल कार्यरत था.
एक अनुमान के अनुसार, सभी सैक्टर में, मलबे को हटाने और उसके प्रबन्धन के लिए कुल 13 अरब डॉलर की धनराशि की आवश्यकता होगी.
निवेश व समावेशन
यूक्रेन के लिए मानवतावादी समन्वयक माथियास श्माले ने कहा कि युद्ध की वास्तविक क़ीमत मानव जीवन व आजीविका को पहुँचे नुक़सान में आंकी जाती है.
उनके अनुसार, यूक्रेनी नागरिकों को फिर से गरिमामय जीवन जीने के लिए अवसर प्रदान करने होंगे, जिसमें अन्तरराष्ट्रीय समुदाय की अहम भूमिका है.
इसके तहत, गरिमामय रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल में निवेश करना और हाशिए का शिकार समूहों को प्राथमिकता दी जानी होगी, जिनमें महिलाएँ व लड़कियाँ, बच्चे, विस्थापित, रोमा समुदाय और विकलांगजन हैं
माथियास श्माले ने कहा कि आगामी दिनों में मज़बूत साझेदारियों की दरकार होगी, निवेशों से जोखिम को दूर करना होगा और युद्ध से प्रभावित समुदायों में फिर से सामाजिक ताने-बाने को बहाल किया जाना होगा.