ग़ाज़ा में पोलियो वैक्सीन अभियान और पश्चिमी तट में इसराइली सैन्य अभियान जारी
इसराइल के क़ब्ज़े वाले फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा में, विभिन्न संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ, पोलियो वैक्सीन की ख़ुराकें पिलाने का आपातकालीन अभियान जारी रखे हुए हैं. गत शनिवार को शुरू हुआ यह सामूहिक पोलियो वैक्सीन अभियान 26 फ़रवरी तक चलेगा. उधर पश्चिमी तट में इसराइल के सैन्य अभियान जारी हैं, जिनसे सम्पत्तियों को नुक़सान के साथ, लोगों का विस्थापन भी हो रहा है.
इस अभियान के तहत, 10 वर्ष से कम आयु के लगभग 5 लाख 91 हज़ार बच्चों को पोलियो वैक्सीन की ख़ुराकें पिलाई जानी हैं.
इस अभियान का लक्ष्य उन बच्चों को वैक्सीन की ख़ुराकें पिलाना है जो पिछले अभियान में वैक्सीन पिलाए जाने से छूट गए थे.
इस वैक्सीन ख़ुराक के ज़रिए इन बच्चों की प्रतिरक्षा क्षमता में मौजूद खाई को कम करना और पोलियो के प्रकोप को रोकना है.
फ़लस्तीनी क्षेत्र में, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष- UNICEF के एक प्रतिनिधि ने कहा, "ग़ाज़ा में सभी चुनौतियों के बावजूद, अभियान के पहले दिन शनिवार को, 2 लाख 61 हज़ार से अधिक बच्चों को पोलियो की ख़ुराक पिलाई गई."
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय भागीदारों ने, 19 जनवरी को युद्धविराम लागू होने के बाद से, परिवारों को तम्बू सामग्री और तिरपाल वग़ैरा वितरित किए हैं. यह मदद विशेष रूप से उत्तरी ग़ाज़ा में अधिक मुहैया कराई गई है.
इसके अतिरिक्त, 80 हज़ार से अधिक बच्चों की कुपोषण के लिए जाँच की गई है, और हज़ारों परिवारों को स्वच्छता किटें व पानी मुहैया कराया गया है.
संयुक्त राष्ट्र की राहत समन्वय एजेंसी - OCHA ने ज़ोर दिया कि इन मानवीय प्रयासों को जारी रखने के लिए, निरन्तर अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय सहायता और स्थाई युद्धविराम की आवश्यकता होगी.
इस बीच, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने सोमवार को कहा कि युद्धविराम बदौलत, वो ग़ाज़ा में दस लाख लोगों तक खाद्य सहायता पहुँचाने में सक्षम हो सकी है.
एजेंसी ने बताया कि सहायता में, ताज़ा ब्रैड, गर्म भोजन और नक़दी मदद शामिल है, जबकि वह ग़ाज़ा और पश्चिमी तट दोनों में अपनी पहुँच को और आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है.
पश्चिमी तट में अशान्ति व अस्थिरता जारी
इससे इतर, OCHA ने पुष्टि की है कि इसराइली सेना, क़ाबिज़ पश्चिमी तट के उत्तरी क्षेत्रों में, अपने सैन्य अभियान जारी रखे हुए है.
इसराइली सेना द्वारा, तुलकरेम शरणार्थी शिविर में घरों को ध्वस्त करने की ख़बरों के साथ, वहाँ से लोगों का विस्थापन और सम्पत्ति का विनाश बढ़ा है.
यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने ग़ाज़ा में "स्थाई युद्धविराम" और (हमास की हिरासत में) "बाक़ी बचे सभी बन्धकों की सम्मानजनक रिहाई" का आहवान किया है.