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‘WHO ग़ाज़ा में पोलियो के विरुद्ध अभियान जारी रखेगा’

WHO, ग़ाज़ा पट्टी में, सितम्बहर 2024 से पोलियो वैक्सीन पिलाने का अभियान चला रहा है.
© UNRWA/Mohamed Hinnawi WHO, ग़ाज़ा पट्टी में, सितम्बहर 2024 से पोलियो वैक्सीन पिलाने का अभियान चला रहा है.

‘WHO ग़ाज़ा में पोलियो के विरुद्ध अभियान जारी रखेगा’

स्वास्थ्य

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि ग़ाज़ा में बड़े पैमाने पर पोलियो निरोधक वैक्सीन पिलाए जाने का अभियान, आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने यह अभियान, सितम्बर 2024 में शुरू किया था और तब से यह सफलतापूर्वक चलता रहा है.

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WHO ने बुधवार को एक प्रैस विज्ञप्ति में कहा है कि इस अभियान का नवीनतम चरण इस सप्ताहान्त को शुरू होकर पाँच दिनों की अनुमानित अवधि के लिए होगा. 

इस दौरान 10 वर्ष से कम आयु के 5 लाख 91 हज़ार से अधिक बच्चों को, पोलियो से बचाने वाली वैक्सीन की ख़ुराकें पिलाई जाएंगी. ध्यान रहे कि पोलियो एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है.

यह अभियान हाल ही में युद्ध से भारी तबाही के शिकार हुए पूरे ग़ाज़ा पट्टी इलाक़े में, अपशिष्ट जल के नमूनों में पोलियोवायरस का पता लगाने के बाद शुरू किया गया है. 

उन नमूनों की जाँच से संकेत मिले हैं पोलियो का संक्रमण अब भी ग़ाज़ा पट्टी में मौजूद है जो बच्चों को जोखिम में डाल रहा है.

WHO ने कहा है कि ऐसे व्यक्ति जिन्हें पोलियो से बचाने वाली वैक्सीन की ख़ुराकें नहीं मिलने के कारण उनकी प्रतिरक्षा व्यवस्था कमज़ोर होती है तो ऐसे लोगों से, पोलियो के वायरस को फैलने और सम्भावित रूप से बीमारी का कारण बनने का जोखिम अधिक होता है.

संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि ग़ाज़ा में तहस-नहस हो चुकी स्वच्छता की स्थिति ने "पोलियोवायरस के आगे प्रसार के लिए अनुकूल स्थिति" पैदा की है. 

इनमें आश्रयों में अत्यधिक भीड़भाड़ और गम्भीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके जल व सीवर नैटवर्क शामिल हैं.

WHO ने चेतावनी दी है कि युद्धविराम के दौरान ग़ाज़ा के उत्तरी और दक्षिणी इलाक़ों में लोगों की सामूहिक वापसी से, पोलियो के प्रसार में भी वृद्धि होने की सम्भावना है.

इस अभियान का नेतृत्व फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय करेगा, जिसमें WHO, यूएन बाल संगठन - UNICEF, फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए यूएन कार्य एजेंसी – UNRWA, और अन्य भागीदारों का सहयोग होगा.

एजेंसी ने ज़ोर देकर कहा है कि पोलियो की ख़ुराकें सुरक्षित हैं और एक बच्चे को वैक्सीन की ख़ुराकें पिलाए जाने की कोई अधिकतम संख्या नहीं है. प्रत्येक ख़ुराक अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करती है.

अप्रैल (2025) में अतिरिक्त ख़ुराकें पिलाए की योजना भी है.