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DRC: एम23 के लड़ाकों द्वारा आनन-फ़ानन में बच्चों की हत्याएँ किए जाने की ख़बरें

काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) के पूर्वी हिस्से के बुकावू इलाक़े में लोग, देश में खनिज पदार्थों की खुदाई में विदेशी हस्तक्षेप के विरोध में प्रदर्शन करते हुए.
UN Radio Okapi
काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) के पूर्वी हिस्से के बुकावू इलाक़े में लोग, देश में खनिज पदार्थों की खुदाई में विदेशी हस्तक्षेप के विरोध में प्रदर्शन करते हुए.

DRC: एम23 के लड़ाकों द्वारा आनन-फ़ानन में बच्चों की हत्याएँ किए जाने की ख़बरें

शान्ति और सुरक्षा

काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) के पूर्वी क्षेत्र में मानवीय आपातकाल की स्थिति, मानवाधिकारों के गम्भीर उल्लंघन और उत्पीड़न के साथ तेज़ी से बिगड़ गई है, जिसमें बच्चों की हत्याएँ किया जाना और सामान्य यौन हिंसा शामिल हैं.

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने, मंगलवार को चेतावनी देते हुए पुष्टि की है कि बुकावू में रवांडा समर्थित एम23 सशस्त्र समूह ने, तीन बच्चों की हत्या कर दी है. यह शहर दक्षिण कीवू प्रान्त में है, जिस पर रविवार को, एम23 समूह के लड़ाकों ने क़ब्ज़ा कर लिया था.

मानवाधिकार कार्यालय की प्रवक्ता रवीना शमदासानी ने मंगलवार को कहा, “हमारे कार्यालय ने ऐसे मामलों की पुष्टि की है जिनमें एम23 समूह के लड़ाकों ने, पिछले सप्ताह बुकावू शहर में प्रवेश करने के बाद, बच्चों की हत्याएँ की गई हैं. हम यह भी जानते हैं कि बच्चों के पास हथियार थे.”

उन्होंने कहा, “हम रवांडा और एम23 से यह सुनिश्चित करने का आहवान करते हैं कि मानवाधिकारों और अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून का सम्मान किया जाए.”

मानवाधिकार कार्यालय की प्रवक्ता ने अस्पतालों और मानवीय सहायता एजेंसियों के गोदामों पर हमलों के साथ-साथ, न्यायपालिका के ख़िलाफ़ धमकियाँ दिए जाने की भी निन्दा की है, जो सीधे उत्तरी कीवू और दक्षिण कीवू में, एम23 के लड़ाकों की तेज़ी से हुई बढ़त से जुड़ी हैं.

बुरूंडी की ओर विस्थापन

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी – UNHCR ने कहा कि डीआरसी में, इस संकट ने पूर्वी क्षेत्र में कुछ ही सप्ताहों के दौरान, कमज़ोर हालात वाले लाखों लोगों को बेघर कर दिया है और अब कुछ ही दिनों में 10 हज़ार से 15 हज़ार लोग पड़ोसी बुरूंडी में प्रवेश कर चुके हैं.

बुरूंडी में आने वाले ज़्यादातर लोग कांगो के हैं और वे मुख्य रूप से बुकावू के बाहरी इलाक़ों से आए हैं, जहाँ स्थिति बिगड़ती जा रही है.

UNHCR के प्रवक्ता मैट साल्टमार्श ने कहा है कि दशकों पहले भी, डीआरसी से 91 हज़ार से ज़्यादा शरणार्थियों और शरण चाहने वाले लोग बुरूंडी में पहुँचे थे और डीआरसी के ये नए विस्थापित जन भी उन्हीं लोगों में शामिल हो रहे हैं.

उन्होंने कहा, "डीआरसी के पूर्वी इलाक़े में स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण और अस्थिर बनी हुई है, दक्षिण कीवू में हाल ही में हुई झड़पों के कारण एक लाख 50 हज़ार से अधिक लोगों को पलायन करना पड़ा है."

"इनमें से कम से कम 85 हज़ार लोग, आन्तरिक रूप से विस्थापित लोगों के लिए नए बनाए गए स्थलों में रह रहे हैं, जहाँ पानी, आश्रय और स्वास्थ्य तक पहुँच जैसी बुनियादी सेवाएँ बेहद कम उपलब्धता में हैं."