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चैरनॉबिल पर ड्रोन हमला: 'ढिलाई के लिए कोई जगह नहीं', IAEA

यूक्रेन के चेर्नोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र में क्षतिग्रस्त रिएक्टर के ऊपर नई सुरक्षित परिरक्षण संरचना।
SSP "Chernobyl NPP" चैरनॉबिल परमाणु संयंत्र में 1986 में भी एक भयानक हादसा हो चुका है. यूक्रेन -रूस युद्ध के दौरान, इस संयंत्र पर, ख़तरे के बादल मंडरा रहे हैं.

चैरनॉबिल पर ड्रोन हमला: 'ढिलाई के लिए कोई जगह नहीं', IAEA

शान्ति और सुरक्षा

यूक्रेन के अधिकारियों ने कहा कि एक रूसी ड्रोन ने, एक उच्च विस्फोटक हथियार के साथ, बीती रात चैरनोबिल में पूर्व परमाणु ऊर्जा स्थल पर हमला किया है, जिससे एक सुरक्षा कवच को नुक़सान पहुँचा है. यह सुरक्षा कवच, 1986 के परमाणु रिसाव से हुई आपदा के बाद, भविष्य में विकिरण रिसाव को रोकने के लिए बनाया गया था.

रूस ने इस हमले अपना हाथ होने से की ज़िम्मेदारी से बिल्कुल इनकार किया है.

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संयुक्त राष्ट्र समर्थित अन्तरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा निगरानी संस्था - IAEA की, यूक्रेन में इस पूर्व सोवियत परमाणु स्थल पर एक टीम तैनात है.

IAEA के मुखिया ने एक बयान जारी करके पुष्टि की कि हमले के बाद घटनास्थल में आग लग गई थी, इसे "गम्भीर रूप से चिन्ताजनक घटना के रूप में वर्णित किया." 

"ये घटना सैन्य टकराव के दौरान परमाणु सुरक्षा के लिए लगातार जोखिमों को रेखांकित करती है."

IAEA के महानिदेशक रफ़ाएल मारियानो ग्रॉस्सी ने कहा है कि यूएन परमाणु एजेंसी की टीम ने स्थानीय समया नुसार सुबह 1:50 बजे विस्फोट सुना, जिसके बाद उनकी आवासीय इमारत के कमरों से धुआँ और उससे जुड़ी आग दिखाई दी.

रफ़ाएल ग्रॉस्सी ने कहा, "आग बुझाने के लिए अग्नि शमन कर्मी और वाहन, कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुँच गए. यह आग कई घंटों तक रुक-रुक कर जलती रही."

विकिरण का स्तर ‘सामान्य और स्थिर’

IAEA की टीम को बताया गया है कि तथाकथित नवीन सुरक्षित भंडारण के अन्दर और बाहर परमाणु विकिरण का स्तर “सामान्य और स्थिर बना हुआ है”, और किसी के हताहत होने या विकिरण के रिसाव की कोई ख़बर नहीं है.

रूसी सेना ने यूक्रेन पर आक्रमण करने के तुरन्त बाद चैरनॉबिल के आसपास के क्षेत्र पर कुछ समय के लिए क़ब्ज़ा कर लिया था, लेकिन मार्च 2022 में यूक्रेन ने इसे फिर से अपने क़ब्ज़े में ले लिया.

चैरनॉबिल परमाणु संयंत्र में 1986 में, दुनिया की सबसे ख़राब परमाणु दुर्घटनाओं में से एक हुई थी, जिसमें विकिरण वायुमंडल में रिस गया था. उससे 18 मील का क्षेत्र दूषित हो गया था, जहाँ से, स्थानीय निवासियों और श्रमिकों को अन्यत्र चले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा था.

उस विस्फोट ने रेडियोधर्मी पदार्थ को वायुमंडल में ऊपर भेज दिया था और पूरे योरोप में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति पैदा कर दी थी.

निरन्तर ख़तरा

यूएन परमाणु ऊर्जा एजेंसी – IAEA के मुखिया रफ़ाएल ग्रॉस्सी ने, यूक्रेन के ज़ैपोरिझझिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र (ZNPP) के पास हाल में, सैन्य गतिविधि में वृद्धि के हालात में कहा है कि इसने एक बार फिर प्रदर्शित किया है कि जब तक युद्ध जारी रहेगा, तब तक परमाणु सुरक्षा निरन्तर खतरे में रहेगी.

उन्होंने कहा, "ढिलाई के लिए कोई जगह नहीं है, तथा IAEA उच्च अलर्ट पर है.”

उन्होंने यूक्रेन के परमाणु स्थलों के आसपास अधिकतम सैन्य संयम बरते जाने का आहवान भी दोहराया है.