सीरिया: ‘हम सभी ने किसी ना किसी को खोया है’, असद शासन काल में लापता हुए व्यक्तियों की तलाश
सीरिया में 1970 के दशक के शुरुआती वर्षों से ही, असद परिवार के शासन काल के दौरान हज़ारों लोगों के लापता हो जाने का सिलसिला जारी रहा. ऐसे मामलों की जाँच और लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए स्थापित संयुक्त राष्ट्र के एक निकाय ने राजधानी दमिश्क में पीड़ितों के परिवारजन से बात की.
यूएन टीम ने हाल ही में सीरिया की राजधानी दमिश्क का दौरा किया था, जिसे सच्चाई की दिशा में बढ़ाया गया एक क़दम बताया गया है.
सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन का पतन हुए दो महीने बीत चुके हैं. विद्रोही लड़ाकों ने पिछले वर्ष नवम्बर के अन्तिम दिनों में सीरिया के शहरों को एक के बाद एक अपने क़ब्ज़ें में लेना शुरू किया.
इसके बाद, उनका दमिश्क पर भी नियंत्रण स्थापित हो गया, और पूर्व राष्ट्रपति असद को देश छोड़कर भागने के लिए मजबूर होना पड़ा. इसके साथ ही, देश में 14 वर्ष से जारी गृहयुद्ध और पाँच दशकों के निरंकुश शासन का अन्त हो गया.
विद्रोही गुट, हयात तहरीर अल-शाम के प्रतिनिधि अब कार्यवाहक प्रशासन की भूमिका में हैं. तथ्यत: शासकों (de facto rulers) को विशाल राजनैतिक व आर्थिक चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है.
साथ ही, सीरिया लम्बे समय से एक मानवीय संकट की चपेट में हैं और पूर्व राष्ट्रपति के शासन काल के दौरान बड़े पैमाने पर अंजाम दिए गए मानवाधिकार उल्लंघन के मामले भी विरासत में मिले हैं.
इन अत्याचारों की वास्तविकता को समझने, लापता व्यक्तियों की शिनाख़्त करने और इन उल्लंघन मामलों के पीड़ितों के लिए न्याय, सीरिया को युद्ध से बचाने व फिर से प्रगति पथ पर ले जाने के नज़रिये से अहम है.
पीड़ितों के परिजन से बातचीत
सीरिया में लापता व्यक्तियों के लिए यूएन द्वारा स्थापित स्वतंत्र संस्था (IIMP) की टीम ने 10 फ़रवरी को देश का अपना पहला दौरा पूरा किया, जिसे कार्यवाहक प्रशासन का सहयोग प्राप्त था.
इस टीम ने स्थानीय प्रशासन व साझेदार संगठनों, ग़ैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाक़ात की और डेरा व तदामॉन में अनेक परिवारों से बातचीत की.
इन स्थानों पर बर्बादी, विध्वंस, अपार पीड़ा के चिन्ह देखे जा सकते हैं. उन्होंने कुख्यात सेडानाया जेल का भी दौरा किया और लोगों से उनके लापता रिश्तेदारों को ढूंढने की पीड़ा भरी प्रक्रिया पर चर्चा की.
यात्रा के दौरान इस टीम को बार-बार यही बताया गया: सीरिया में हर कोई, किसी ना किसी लापता व्यक्ति को जानता है. हम सभी ने किसी ना किसी को खोया है.
आने वाले हफ़्तों में, IIMP की टीम द्वारा स्थानीय प्रशासन को एक परियोजना प्रस्तुत की जाएगी, ताकि लापता व्यक्तियों के बारे में जानकारी हासिल करने और सच्चाई को जानने में मदद मिल सके.
लाखों सीरियाई, सहायता पर निर्भर
एक अनुमान के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के पतन से पहले सीरिया में क़रीब 1.6 करोड़ लोग मानवीय सहायता पर निर्भर थे. देश में आर्थिक बदहाली थी और लोगों के पास आजीविका के साधनों का अभाव था.
मानवीय सहायता मामलों में समन्वय के लिए यूएन कार्यालय (OCHA) के अनुसार, बीते सप्ताह पश्चिमोत्तर सीरिया में 19 ट्रकों ने प्रवेश किया, जिनमें 90 हज़ार लोगों के लिए 300 टन खाद्य सामग्री पहुँचाई गई.
साथ ही, साढ़े चार लाख लोगों के लिए मेडिकल सामान और पढ़ाई-लिखाई सामग्री की व्यवस्था की गई है.
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने सचेत किया है कि क़रीब डेढ़ दशक के गृहयुद्ध, विस्थापन और आर्थिक अस्थिरता की आंच में अब भी अपने परिवार झुलस रहे हैं. इसके मद्देन्ज़र, सर्दी के मौसम में बच्चों के लिए गर्म कपड़ों की व्यवस्था की जा रही है.
लापता व्यक्तियों के लिए न्याय
- यूएन महासभा ने जून 2023 में सीरियाई अरब गणराज्य में लापता व्यक्तियों के लिए स्वतंत्र संस्था (IIMP) को स्थापित किया था. सीरिया में लापता व्यक्तियों के विषय पर ध्यान केन्द्रित करने वाला यह एकमात्र निकाय है, जिसमें अनेक क्षेत्रों में समर्थन के ज़रिये लापता व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है.
- यूएन महासभा ने सीरिया के लिए अन्तरराष्ट्रीय, निष्पक्ष एवं स्वतंत्र तंत्र (IIIM) की स्थापना की थी. वर्ष 2016 से ही, यह निकाय दोषियों की जवाबदेही तय करने के इरादे से साक्ष्यों को जुटाने में जुटा है.
- सीरियाई अरब गणराज्य पर जाँच के लिए स्वतंत्र, अन्तरराष्ट्रीय आयोग द्वारा जिनीवा स्थित मानवाधिकार परिषद को जानकारी प्रदान की जाती है. इस कमीशन का शासनादेश (mandate) मार्च 2011 के बाद से, देश में अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार क़ानून के उल्लंघन मामलों की जाँच करना और सार्वजनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करना है.