दाएश अब भी वैश्विक सुरक्षा के लिए गम्भीर ख़तरा
संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद निरोधक अधिकारियों ने सोमवार को सुरक्षा परिषद की बैठक में आगाह किया है कि आतंकवादी समूह दाएश उर्फ़ ISIL, उसके अभियानों को ख़त्म करने के लिए, वर्षों से किए जा रहे निरन्तर प्रयासों के बावजूद, अब भी वैश्विक सुरक्षा के लिए एक गम्भीर ख़तरा बना हुआ है.
सुरक्षा परिषद में हुई इस चर्चा में यूएन महासचिव की 20वीं द्विवार्षिक रिपोर्ट पर ध्यान केन्द्रित किया गया, जो अन्तरराष्ट्रीय शान्ति और सुरक्षा के लिए, दाएश द्वारा उत्पन्न ख़तरे पर आधारित है.
संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद निरोधक कार्यालय UNOCT) के प्रमुख अवर महासचिव व्लादिमीर वोरोनकोव ने सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए कहा, "आतंकवाद वैश्विक शान्ति और सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण और बढ़ता हुआ ख़तरा बना हुआ है, जिसका कोई भी देश अकेले सामना नहीं कर सकता है."
आतंकवाद निरोधक समिति के कार्यकारी निदेशालय (CTED) की कार्यकारी निदेशक नतालिया गेरमन ने सुरक्षा परिषद की इसी बैठक में ज़ोर देकर कहा, "दाएश सक्रिय बना हुआ है और जारी युद्धों व टकरावों और बढ़ती अस्थिरता का सामना कर रहे क्षेत्रों की कमज़ोरी का लाभ उठा रहा है."
सीरिया में जारी ख़तरे
व्लादिमीर वोरोनकोव ने बताया कि सीरियाई अरब गणराज्य में अस्थिर स्थिति चिन्ताजनक है, "विशेष रूप से इस बात का जोखिम है कि उन्नत हथियारों के भंडार आतंकवादियों के हाथों में पड़ सकते हैं."
यह जोखिम विशेष रूप से सीरिया के बादिया क्षेत्र में अधिक है, जो दाएश की बाहरी गतिविधियों की योजना का केन्द्रीय ठिकाना है.
इस बीच महिलाओं और बच्चों सहित 40 हज़ार से अधिक लोग, मौजूदा अस्थिरता के कारण, पूर्वोत्तर सीरिया में भीड़भाड़ वाले शिविरों में फँसे हुए हैं. बहुत से लोगों को स्वच्छ पानी, चिकित्सा देखभाल और स्वच्छता की अत्यधिक कमी का सामना करना पड़ रहा है.
अवर महासचिव वोरोनकोव ने तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि देश में रहने वाले विदेशी नागरिकों को उन देशों द्वारा वापिस लेने के प्रयास बड़े पैमाने पर और तेज़ी से कम हुए हैं: "केवल पाँच सदस्य देशों ने इराक़ और सीरियाई अरब गणराज्य से लगभग 760 व्यक्तियों को वापिस लिया है."
उप-सहारा अफ़्रीका: एक नया अग्रिम मोर्चा
वोरोनकोव ने कहा कि "उप-सहारा अफ़्रीका में, दाएश और उसके सहयोगी संगठन, अपने अभियान को बढ़ाना और क्षेत्रीय नियंत्रण का विस्तार करना जारी रखे हुए हैं.”
इस्लामिक स्टेट पश्चिम अफ़्रीका प्रान्त (ISWAP) और वृहद साहेल में इस्लामिक स्टेट (ISGS) जैसे आतंकवादी समूह, नागरिकों और सुरक्षा बलों पर घातक हमले कर रहे हैं.
नतालिया गेरमन ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा, "साहेल और लेक चाड बेसिन में, क्षेत्रीय सहयोग में कमी के कारण दाएश के विकेन्द्रीकृत अभियान लगातार बढ़ रहे हैं."
कोटे डी आइवर, घाना, मलावी, मॉरिटानिया और तंजानिया में संयुक्त राष्ट्र के आकलन में पाया गया कि अलबत्ता कुछ प्रगति तो हुई है, मगर सीमा सुरक्षा, आतंकवाद के वित्तपोषण और क्षेत्रीय सहयोग में अन्तर गम्भीर चुनौतियां बनी हुई हैं.
ऑनलाइन कट्टरपंथ में बढ़ोत्तरी
नतालिया गेरमन ने कहा किदाएश ऑनलाइन प्रचार के माध्यम से लोगों भर्ती और हमलों को प्रेरित करना जारी रखे हुए हैं. इसकी सबसे ख़तरनाक शाखाओं में से एक -ISIL-K, जो अफ़ग़ानिस्तान से भी परे के क्षेत्रों में हमलों की साज़िशें रच रही है.
नतालिया गेरमन ने कहा, "ISIL-K के समर्थकों ने योरोप में हमलों की साज़िश रची और मध्य एशियाई देशों से व्यक्तियों की भर्ती करने की सक्रिय रूप से कोशिश करते रहे हैं."
आतंकवादी धन से लड़ना
आतंकवादी समूहों के लिए धन उपलब्धता के उभरते तरीक़ों के जवाब में, आतंकवाद-रोधी समिति (CTC) ने हाल ही में अल्जीरिया मार्गदर्शक सिद्धान्तों को अपनाया है, जिनका उद्देश्य आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती वित्तीय तकनीकों के उपयोग को रोकना, उनका पता लगाना और उन्हें बाधित करना है.
CTED ने वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) और ड्रग्स व अपराध पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNDOC) के साथ सहयोग को भी मज़बूत किया है, जिसने मोज़ाम्बिक में एक ऐतिहासिक मामले में योगदान किया है, जहाँ हाल ही में आतंकवाद-वित्तपोषण मामले पर पहला सफल मुक़दमा चलाया गया था.
बहुपक्षीय सहयोग आवश्यक
व्लादिमीर वोरोनकोव ने दाएश की उभरती रणनीतियों का मुक़ाबला करने के लिए एक समन्वित, बहुपक्षीय दृष्टिकोण की आवश्यकता पर ज़ोर दिया.
उन्होंने कहा, “सदस्य देशों, अन्तरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय भागीदारों द्वारा, आतंकवाद-रोधी लगातार प्रयासों के बावजूद, दाएश अपनी सहमक्षमता बढ़ाना और अपनी कार्यप्रणाली को ज़रूरत के अनुसार ढालना जारी रखे हुए है.”
नतालिया गेरमन ने भी इसी भावना को दोहराया और देशों से मानव अधिकारों व क़ानून के शासन का सम्मान करने वाली दीर्घकालिक रणनीति अपनाने का आग्रह किया.
उन्होंने कहा, "सीटीईडी, सदस्य देशों और संयुक्त राष्ट्र की अन्य संस्थाओं के साथ काम करते हुए, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हमारी कार्रवाइयाँ उभरती चुनौतियों के लिए सटीक हों."