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पुन: प्रयोग होने वाले रॉकेट, हवाई टैक्सी और 'स्वचालित वाहन' हैं भविष्य: WIPO

सैन फ़्रांसिस्को की सड़क पर एक स्वचालित कार. ऐसे वाहनों का प्रयोग निकट भविष्य में बढ़ने वाला है.
© Unsplash/Timo Wielink
सैन फ़्रांसिस्को की सड़क पर एक स्वचालित कार. ऐसे वाहनों का प्रयोग निकट भविष्य में बढ़ने वाला है.

पुन: प्रयोग होने वाले रॉकेट, हवाई टैक्सी और 'स्वचालित वाहन' हैं भविष्य: WIPO

आर्थिक विकास

परिवहन के भविष्य पर WIPO की प्रौद्योगिकी रुझान रिपोर्ट इस क्षेत्र की एक दिलचस्प तस्वीर की ओर इशारा करती है, जहाँ दुनिया के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक की यात्रा महज़ कुछ ही घंटों में, कम यातायात प्रदूषण और कम रुकावटों के साथ की जा सकती है.

संयुक्त राष्ट्र की बौद्धिक सम्पदा एजेंसी - WIPO ने कहा है कि हवाई टैक्सी और बार-बार इस्तेमाल किए जाने वाले रॉकेट, भविष्य में परिवहन में काम आने वाले कुछ ऐसे समाधान हैं, जिन्हें दुनिया भर में आविष्कारक एक वास्तविकता का रूप देने में लगे हैं. दूसरी तरफ़ अभी तक काम आने वाले combustion यानि दहन तकनीकों पर आधारित इंजिनों में दिलचस्पी कम होती नज़र आ रही है.

WIPO का कहना है, “कई पेटेंट का विश्लेषण दिखाता है कि आविष्कारक भविष्य को, वर्तमान से साफ़ और बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं."

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बीते दो दशकों में, भविष्य के परिवहन उपायों से जुड़े पेटेंट आवेदनों में 700 प्रतिशत की बढ़त हुई है. ये आवेदन 2003 में 15 हज़ार से, 2023 में बढ़कर एक लाख 20 हज़ार तक पहुँच गए.

WIPO की रिपोर्ट बताती है जल परिवहन में स्वचालित जहाज़ और स्मार्ट बन्दरगाह किसी क्रान्ति की तरह हैं, जबकि धरातल परिवहन में, बिजली चालित वाहन, तेज़ गति की रेल सेवा और स्मार्ट यातायात प्रबन्धन प्रणाली के ज़रिए बदलाव हो रहा है.

"ज़मीन से सीधे हवा में उड़ान भरने वाले और ज़मीन पर उतरने वाले विमान, हवाई यातायात के नए तरीक़े पेश कर रहे हैं. जबकि बार-बार प्रयोग किए जा सकने वाले रॉकेट और उपग्रह प्रौद्योगिकी, पृथ्वी के वातावरण से परे की सम्भावनाओं पर नज़रें टिका रहे हैं."

परिवहन क्षेत्र में इस क्रान्तिकारी सोच को इस तथ्य से भी बल मिल रहा है कि वैश्विक स्तर पर परिवहन एक ऐसा क्षेत्र है जो, एक तिहाई से ज़्यादा कार्बन उत्सर्जन के लिए ज़िम्मेदार है.

इस परिदृश्य ने, परिवहन के जलवायु प्रभाव को कम करने वाली टिकाऊ तकनीकों के विकास को प्रोत्साहित किया है.

इनमें बिजली तकनीक को अपनाना, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की तरफ़ रुख़ और सार्वजनिक व साझा परिवहन विकल्पों को बढ़ावा देना शामिल है.

WIPO ने मानवीय सहायता के बिना यानि स्वचालित वाहनों के उभरते चलन के मद्देनज़र कहा कि डिजिटल तकनीक का बढ़ता प्रयोग भी परिवहन क्षेत्र में क्रान्ति का संचार कर रहा है. 

स्वाचलित वाहनों के प्रयोग से वर्ष 2035 तक, 300 अरब डॉलर से 400 अरब डॉलर तक का राजस्व मिलने का अनुमान है.

धरातल परिवहन पर पेटेंट ज़्यादा

जिनीवा स्थित इस संयुक्त राष्ट्र एजेंसी का कहना है कि बौद्धिक सम्पदा के क्षेत्र में अनुसन्धानों और विकास धन निवेश से, इस क्रान्तिकारी नवाचार को प्रोत्साहन मिलता है. इनमें बिजली चालित वाहनों के लिए वायरलैस चार्जिंग जैसी तकनीकें शामिल हैं.

रिपोर्ट में यह भी दिखाया गया है कि आन्तरिक दहन इंजन और जीवाश्म ईंधन-आधारित अन्य प्रणालियों जैसे उत्पादों के लिए, पेटेंट गतिविधियों में स्थिरता देखने को मिली है.

WIPO के अनुसार, AI को ध्यान में रखते हुए कम्पनियाँ, दुर्लभ पृथ्वी खनिजों तक अपनी पहुँच बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा में जुटी हुई हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के लिए परिवहन समाधानों में AI की अहम भूमिका होगी.

WIPO की रिपोर्ट बताती है कि स्वायत्त चालन तेज़ी से उभर रहा है, लेकिन इसके परिचालन के लिए बुनियादी ढाँचा इतनी तेज़ी से नहीं अपनाया गया है.

आँकड़ें बताते हैं कि साल 2000 के बाद से 11 लाख से अधिक आविष्कारों ने, परिवहन को नया रूप दिया है. इस क्षेत्र में चीन, जापान, अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जर्मनी शीर्ष पर मौजूद हैं.

धरातल परिवहन पर पेटेंट के दावे, दुनिया भर से दाख़िल किए जाने वाले पेटेंट मामलों से सबसे ऊपर हैं जोकि हवाई, समुद्री और अन्तरिक्ष परिवहन के पेटेंट दावों से साढ़े तीन गुना अधिक हैं.

वैसे यह जानना दिलचस्प है कि अमेरिका ऐसा देश है जिसने सबसे अधिक अन्तरिक्ष पेटेंट दावे दाख़िल किए.

ड्रोन का किरदार क्या होगा!

हवाई क्षेत्र में ड्रोन अपनी उड़ान जारी रखेंगे. WIPO की रिपोर्ट में, ड्रोन मेजर ग्रुप के संस्थापक रॉबर्ट गारबेट ने कहा, "मुझे एक ऐसे आसमान की तरफ़ देखना पसन्द नहीं होगा जहाँ, मेरे घर पर पिज़्ज़ा या दस्ताने पहुँचाने के लिए, आसमान में ड्रोन की भीड़ हो जो दृश्य और ध्वनि प्रदूषण फैला रही हो."

उन्होंने, आपातकालीन चिकित्सा का उदाहरण देते हुए कहा कि जहाँ तक किसी दुर्गम स्थान पर चीज़ें पहुँचाने की बात है तो, लोगों को शायद ड्रोन की उड़ानों में कुछ फ़ायदे नज़र आएंगे.

WIPO के मुताबिक़, चीन का बिजली चालित वाहन बाज़ार में दबदबा है और इसकी परिवहन पेटेंट की बढ़ोत्तरी मज़बूत रही है.

वहीं, स्वीडन, इटली, भारत और कैनेडा सहित अन्य देशों ने भी मज़बूत पेटेंट आवेदन दाख़िल किए हैं.