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DRC में संकट का दायरा फैलने की आशंका, कूटनैतिक प्रयास जारी रखने की भी पुकार

काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में, गोमा के निकट लाखों विस्थापित रहते रहे हैं.
UNHCR
काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में, गोमा के निकट लाखों विस्थापित रहते रहे हैं.

DRC में संकट का दायरा फैलने की आशंका, कूटनैतिक प्रयास जारी रखने की भी पुकार

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र के शान्तिरक्षा मामलों के मुखिया जियाँ पियर लैक्रोआ ने, काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) के पूर्वी हिस्से में मौजूदा संकट का अन्त करने और एक व्यापक टकराव की सम्भावनाओं को टालने के लिए कूटनैतिक प्रयास जारी रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है. इस बीच संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने काँगो के पूर्वी हिस्से में सरकारी बलों और रवांडा समर्थित हथियारबन्द गुट एम23 के बीच लड़ाई बढ़ने के बीच, हिंसा को समाप्त करने का आहवान किया है.

जियाँ पियर लैक्रोआ ने काँगो संकट के बारे में, न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में शुक्रवार को पत्रकारों को भी जानकारी दी. 

उधर विद्रोही गुट एम23 और रवांडा के बलों ने, बुकावू शहर की तरफ़ अपनी बढ़त जारी रखी है. जबकि वो पूर्वी प्रान्त की राजधानी गोमा पर, इस सप्ताह पहले ही अपना नियंत्रण स्थापित कर चुके हैं.

जियाँ पियर लैक्रोआ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “हम काँगो के केवल पूर्वी हिस्से के बारे में चिन्तित नहीं है, बल्कि अगर अतीत पर नज़र डालें तो, मौजूदा संकट में एक व्यापक क्षेत्रीय टकराव को भड़काने की भी क्षमता है.” 

“इसलिए, यह अत्यावश्यक है कि एक व्यापक क्षेत्रीय टकराव को टालने और युद्धक गतिविधियों को रोकने के लिए, तमाम कूटनैतिक प्रयास जारी रखे जाएँ.” 

संरक्षण है एक प्राथमिकता

जियाँ पियर लैक्रोआ ने कहा कि देश में यूएन शान्तिरक्षा मिशन – MONUSCO की प्राथमिकता लोगों का संरक्षण सुनिश्चित करना है, जिसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. हिंसा से बचकर सुरक्षा की तलाश में भागे बहुत से लोग, इस मिशन के परिसरों में पनाह लिए हुए हैं.

इन परिसरों में पनाह लेने वाले लोगों की बड़ी संख्या को देखते हुए, उन्हें भोजन सामग्री, स्वच्छता और अन्य तरह की ज़रूरी सुविधाएँ मुहैया कराने के लिए, MONUSCO पर अत्यधिक बोझ है. 

विद्रोहियों ने प्रान्तीय राजधानी गोमा पर पहले ही क़ब्ज़ा कर लिया है और ख़बरों से मालूम होता है कि वो अन्य प्रमुख शहर बूकावू के निकट पहुँच रहे हैं, जोकि दक्षिणी कीवू प्रान्त की राजधानी है.

यह लड़ाई खनिज-समृद्ध क्षेत्र में हो रही है, जो सशस्त्र गुटों के प्रसार के कारण दशकों से अस्थिर रहा है. इस लड़ाई के कारण पिछले कुछ वर्षों के दौरान, लाखों लोगों को अपने घरों से भागने और विस्थापन शिविरों में सुरक्षा पाने के लिए मजबूर होना पड़ा है.

महत्वपूर्ण चीज़ों की कमी

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय कार्यकर्ताओं ने आगाह किया है कि गोमा और उसके आस-पास के इलाक़ों में कई दिनों तक भीषण लड़ाई में फँसे आम लोगों के लिए स्थिति बदतर होती जा रही है. गोमा शहर की आबादी दस लाख से ज़्यादा है.

विस्थापित लोगों के लिए, गोमा शहर के बाहरी इलाक़ों में बनाए गए शिविर अब ख़ाली हो रहे हैं क्योंकि लोग हिंसा से बचने के लिए वहाँ से भी सुरक्षित स्थानों की तरफ़ भाग रहे हैं. इन शिविरों में 3 लाख से अधिक लोग रहते थे.

लड़ाई में घायल हो रहे लोगों की बढ़ती संख्या के कारण चिकित्सा सेवाएँ चरमरा गई हैं. अस्पतालों में पहुँचने वाले इन घायलों में आम लोग व सैन्यकर्मी दोनों शामिल हैं.

डीआरसी के पूर्वी हिस्से में, लाखों लोग, विस्थापित शिविरों में रह रहे हैं. जनवरी (2025) में भड़की हिंसा के कारण लोग विस्थापित शिविरों से भी भाग रहे हैं.
WFP

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने कहा है कि पानी और भोजन सामग्रियाँ कम हो रही है, और अगले 24 घंटे अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं.

WFP की प्रवक्ता शेली ठकराल का कहना है, "लोगों के पास भोजन, स्वच्छ पानी, चिकित्सा सामग्री वास्तव में ख़त्म हो रहे हैं और यह एक बड़ी चिन्ता का मुद्दा है. इसलिए, इस समय आपूर्ति श्रृंखला का वास्तव में ठप हो रही है."

WFP के कई गोदाम लूट लिए गए हैं और उसकी टीमें इस बात का जायज़ा ले रही हैं कि उन्हें स्थानीय स्तर पर क्या सामान ख़रीदने की ज़रूरत होगी.

यह भी आकलन किया जा रहा है कि सड़क मार्ग से क्या सामान भेजना होगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि गम्भीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों में सहायता अभियान फिर से शुरू होने पर उनके पास, ज़रूरी सामान उपलब्ध हो.

WFP की प्राथमिकता अपने कर्मचारियों और उनके आश्रितों को सुरक्षित रखना है, और क्षेत्र में केवल महत्वपूर्ण कर्मचारी ही बचे हैं, जो सुरक्षा की अनुमति मिलते ही संचालन फिर से शुरू करने के लिए मुस्तैद हैं.

आनन-फानन में हत्याएँ और यौन हिंसा

डीआरसी के पूर्वी हिस्से में, अस्थिरता के कारण पहले ही बहुत से लोग विस्थापित थे, और बच्चे भी कुपोषण के शिकार हो रहे थे.
WFP

इस बीच काँगो के पूर्वी क्षेत्र में मानवाधिकार संकट भी गहराता जा रहा है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय - OHCHR ने बताया कि देश के भीतर ही विस्थापित लोगों (IDP) के लिए बनाए गए स्थलों में से कम से कम दो स्थानों पर बमबारी की गई है, जिनमें आम लोग हताहत हुए हैं.

यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय के प्रवक्ता जैरेमी लॉरेंस ने कहा कि OHCHR ने 26 से 28 जनवरी के बीच, विद्रोही गुट M23 द्वारा कम से कम 12 लोगों को आनन-फानन में फाँसी दिए जाने के मामले दर्ज किए हैं.

मानवाधिकार कार्यालय ने दक्षिण कीवू में स्थित कालेहे क्षेत्र में, सेना और उसके सहयोगी वज़ालेंडो लड़ाकों द्वारा, युद्ध सम्बन्धी यौन हिंसा के मामले भी दर्ज किए हैं.

OHCHR, इन ख़बरों की भी पुष्टि कर रहा है कि दक्षिण कीवू में काँगो के सैनिकों ने, 52 महिलाओं के साथ बलात्कार किया है, जिसमें सामूहिक बलात्कार की ख़बरें भी शामिल हैं.

संकट को पहचानें

अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने भी गोमा में भारी लड़ाई और हिंसा के कारण विस्थापित हुए लाखों लोगों की स्थिति पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है. इनमें से कुछ लोग पहले से ही विस्थापित थे.

IOM ने अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से, संकट के चौंका देने वाले स्तर को पहचानने और मानवीय सहायता कार्रवाई का समर्थन करने की अपील की है.

IOM का महानिदेशक एमी पोप ने कहा है, "लड़ाई में मौजूदा ख़तरनाक उछाल के साथ, पहले से ही भयावह स्थिति तेज़ी से और भी बदतर होती जा रही है."

"आईओएम लड़ाई को तत्काल समाप्त करने और मानवीय सहायता की पूर्ण पहुँच के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के आहवान में शामिल है, ताकि हम अपनी प्रतिक्रिया को तेज़ी से बढ़ा सकें और सुनिश्चित कर सकें कि जीवनरक्षक सहायता जरूरतमन्द लोगों तक पहुँचे."