DRC: अस्पतालों पर भारी बोझ, भोजन सामग्री की कमी, गोमा में भारी तबाही
काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) के पूर्वी प्रान्त की राजधानी गोमा में, कई दिनों की सघन लड़ाई के बाद, मानवीय स्थिति, बेहद गम्भीर स्तर पर पहुँच गई है, जिसमें मानवीय सहायता की ज़रूरतें बहुत विशाल हो गई हैं और सहायता क्षमताओं पर बेतहाशा स्तर का बोझ हो गया है.
विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने गुरूवार को आगाह किया है कि खाद्य सामग्री ख़तरनाक रूप से कम हो रही है, क्योंकि पानी और बिजली की कमी ने संकट को और बढ़ा दिया है.
रवांडा समर्थित एम23 विद्रोहियों द्वारा गोमा के हवाई अड्डे पर क़ब्ज़ा करने और उसे बन्द करने से, सहायता वितरण में दीगर बाधा आई है, जबकि सड़कों को अवरुद्ध करने और झील परिवहन पर प्रतिबन्धों के कारण, हज़ारों लोग फँस गए हैं.
एम23 विद्रोही गुट ने सोमवार को गोमा में प्रवेश करने के बाद से, इस शहर अधिकांश हिस्से पर नियंत्रण कर लिया है.
यह लड़ाई, रवांडा में 1990 के दौर में दशक भर तक तुत्सियों के ख़िलाफ़ चले जनसंहार के बाद, सबसे बड़ा संकट है, और इस क्षेत्र में समृद्ध खनिज संसाधनों पर नियंत्रण के लिए, अनेक सशस्त्र गुटों के बीच लड़ाई जारी है.
नाव के ज़रिए पलायन
कीवू झील के इर्दगिर्द हो रही हिंसा से बचकर भागने की कोशिश कर रहे परिवार, असुरक्षित अस्थाई नावों का सहारा ले रहे हैं, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ रही है.
उधर, संयुक्त राष्ट्र सहायता समन्वय कार्यालय - OCHA ने ख़बर दी है कि मानवीय सहायता कार्यकर्ता, असुरक्षा के कारण पिछले 24 घंटों से अधिक समय से, गोमा में अपने आश्रयों बाहर निकलने में असमर्थ हैं, जिससे आपातकालीन सहायता प्रयास गम्भीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत मामलों के मुखिया टॉम फ़्लैचर ने, जीवन रक्षक सहायता का समर्थन करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के केन्द्रीय आपातकालीन राहत कोष (CERF) से $1.7 करोड़ की रक़म आवंटित की. अलबत्ता, सहायता सामग्री पहुँचाने के लिए, ज़रूरतमन्दों तक पहुँच पाना अनिश्चित बना हुआ है.
अस्पतालों में भारी भीड़
गोमा - और दक्षिणी इलाक़े में एक अन्य शहर बूकावू में चिकित्सा सुविधाओं में भारी भीड़ जमा है. जनवरी की शुरुआत से 2,000 लोगों के घायल होने की सूचना मिली है, जिनमें से अनेक लोग गोली लगने से घायल हुए हैं.
अस्पतालों में रोगियों की बढ़ती आमद को सम्भालने के लिए, पर्याप्त चिकित्सा सामग्री, ईंधन और कर्मचारियों की कमी है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), रैड क्रॉस की अन्तरराष्ट्रीय समिति (ICRC), व मैडिसिन सैंस फ्रंटियर्स (MSF) साझीदार, स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने के लिए तत्परता के साथ काम कर रहे हैं.
मगरआपूर्ति श्रृंखला बाधित होने और सुविधाओं की पूरी क्षमता का प्रयोग होने के कारण, सहायता कार्रवाई के प्रयासों गम्भीर दबाव है.
इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य अधिकारियों ने, सामूहिक विस्थापन, असुरक्षित जल स्रोतों और अपर्याप्त स्वच्छता के कारण हैज़ा, ख़सरा और एमपॉक्स सहित, अनेक बीमारियों के प्रकोप के बढ़ते जोखिम की चेतावनी दी है.
शान्तिरक्षकों की मुस्तैदी
न्यूयॉर्क में महासचिव के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने बताया है कि काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में तैनात यूएन मिशन MONUSCO के शान्तिरक्षकों ने जुगु क्षेत्र में Horizon of Peace (शान्ति का क्षितिज) नामक अभियान का दूसरा चरण शुरू किया है, जिसका उद्देश्य सशस्त्र गुटों की हिंसा में वृद्धि को रोकना है.
MONUSCO के शान्तिरक्षकों ने लोगों और सामानों की मुक्त आवाजाही का समर्थन करने के लिए, क्षेत्र में कई सड़कों पर गश्त बढ़ा दी है.
अन्तरराष्ट्रीय कार्रवाई की पुकार
काँगो के लिए संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता समन्वयक ब्रूनो लेमारकुइस ने तत्काल अन्तरराष्ट्रीय सहायता के लिए एक मज़बूत अपील जारी की है.
उन्होंने कहा, "मैं अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से मानवीय संकट के बिगड़ने के मद्देनजर अपना समर्थन बढ़ाने का आहवान करता हूँ."
आपातकालीन खाद्य एजेंसी - WFP ने सुरक्षा स्थितियाँ बेहतर होते ही, तेज़ी से खाद्य वितरण फिर से शुरू करने की अपनी तत्परता दोहराई है, लेकिन तत्काल पहुँच नहीं बनाई गई तो, हज़ारों लोग भुखमरी और बीमारी के जोखिम में हैं.