काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य: गोमा के लिए सघन लड़ाई, रक्तपात पर विराम लगाने की अपील
संयुक्त राष्ट्र में शान्ति अभियान संचालन मामलों के प्रमुख ने पूर्वी काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में विद्रोही गुट, M23 और काँगो के सुरक्षा बलों में सघन लड़ाई से उपजे हालात पर चिन्ता जताई है. बताया गया है कि देश के पूर्वी क्षेत्र की राजधानी गोमा पर नियंत्रण के लिए लड़ाई में तेज़ी आ रही है, जिसके मद्देनज़र यूएन के वरिष्ठ अधिकारियों ने ख़ून-ख़राबे पर रोक लगाने और ज़रूरतमन्दों तक मानवीय सहायता पहुँचाने की अपील की है.
यूएन अवर महासचिव ज्याँ पिएर लाक्रोआ ने सोमवार को न्यूयॉर्क में पत्रकारों को बताया कि काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में यूएन मिशन (MONUSCO) के कुछ कर्मचारियों को हिंसक टकराव से बचने के लिए शरण लेनी पड़ी.
इन हालात में जानकारी जुटाने की उनकी क्षमता पर असर हुआ है और तेज़ी से बदल रहे घटनाक्रम का पूर्ण रूप से आकलन कर पाना कठिन हुआ है.
यूएन के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यूएन शान्तिरक्षक अपने तैनाती स्थलों पर मौजूद हैं, मगर जिन कर्मचारियों की अति-आवश्यकता नहीं है, उन्हें सुरक्षा कारणों से अपने परिजन के साथ गोमा से दूर भेजा गया है.
ज्याँ पिएर लाक्रोआ ने पुष्टि की है कि MONUSCO शान्तिरक्षक अपनी क्षमता व अन्तरराष्ट्रीय मानवतावादी क़ानून के अनुसार, आम नागरिकों की रक्षा समेत अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे.
डीआसी में यूएन के विशेष उप प्रतिनिधि, रेज़िडेंट कोआर्डिनेटर व मानवतावादी समन्वयक ब्रूनो लेमारकिस ने मौजूदा संकट की गम्भीरता को बयाँ किया है.
उनके अनुसार, दुनिया में सबसे गम्भीर, जटिल, लम्बे समय से जारी मानवीय संकट डीआरसी में है, जहाँ 65 लाख लोग विस्थापित हैं, जिनमें से 30 लाख नॉर्थ कीवू में विस्थापित हुए हैं और अब गोमा में लड़ाई भड़क उठी है.
विशेष प्रतिनिधि ब्रूनो लेमारकिस ने सामूहिक विस्थापन और हिंसा पर क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि आम नागरिकों को हिंसा में आई तेज़ी का ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है. भारी गोलाबारी हो रही है, जिसकी जद में शहर का केन्द्र है.
इसके मद्देनज़र, उन्होंने लड़ाई में मानवीय आधार पर अस्थाई ठहराव की अपील की है, ताकि आम नागरिकों को वहाँ से सुरक्षित निकाला जा सके और ज़रूरी सहायता सामग्री को पहुँचाना सम्भव हो सके.
रवांडा की भूमिका
M23 नामक विद्रोही गुट को रवांडा से मिल रहे समर्थन पर, ज्याँ पिएर लाक्रोआ से सवाल पूछा गया, जिसके जवाब में उन्होंने यह पुष्टि की है कि गोमा में इन लड़ाकों को समर्थन देने के लिए रवांडा के सैनिक मौजूद हैं.
उन्होंने तीन शान्तिरक्षकों को जान से मार दिए जाने की निन्दा की है, जिनमें दो दक्षिण अफ़्रीका से और एक उरुग्वे से हैं. 12 अन्य घायल हुए हैं. यूएन अवर महासचिव ने रवांडा समेत सभी पक्षों से यूएन कर्मचारियों की सुरक्षा व सलामती को सुनिश्चित किए जाने का आग्रह किया है.
ज्याँ पिएर लाक्रोआ ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र, क्षेत्रीय स्तर पर सभी शान्ति पहलों के समर्थन के लिए प्रतिबद्ध है. इस क्रम में, 28 जनवरी को पूर्वी अफ़्रीकी समुदाय की एक शिखर बैठक की योजना का स्वागत किया गया है.
हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयासों की पैरवी की गई है ताकि रक्तपात पर विराम लगाया जा सके और ज़रूरतमन्दों तक आवश्यक मदद पहुँचाई जाए. यूएन प्रतिनिधि ने बताया कि हिंसा प्रभावित इलाक़े में मानवतावादी प्रयासों के लिए हाल ही में 7 करोड़ डॉलर की धनराशि आवंटित की गई थी.