ग़ाज़ा में लाखों लोगों की अपने मूल स्थानों को वापसी, सहायता में तेज़ी भी
संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता एजेंसियों ने कहा है कि इसराइल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्र ग़ाज़ा पट्टी में, युद्धविराम लागू रहने के दौरान, लोग भारी संख्या में अपने घरों को लौट रहे हैं और केवल सोमवार को ही, लगभग 2 लाख 20 हज़ार लोग, दक्षिणी ग़ाज़ा से उत्तरी ग़ाज़ा में अपने स्थानों को वापिस लौटे हैं.
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में नियमित प्रैस वार्ता में बताया की मानवीय सहायता एजेंसियाँ और उनके साझीदार संगठन, लाखों फ़लस्तीनियों की वापसी की स्थिति पर नज़र रख रहे हैं और अपने घरों को वापिस लौट रहे इन लोगों को ताज़ा भोजन, ऊर्जा बिस्कुट और आपात चिकित्सा सामान व देखभाल मुहैया कराए जा रहे हैं.
ग़ाज़ा के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों के बीच स्थित अल रशीद सड़क पर स्थिति सीमा चौकी को, इसराइली सेना द्वारा, ग़ाज़ा युद्धविराम के तहत खोले जाने के बाद, सोमवार को इतनी बड़ी संख्या में लोग उत्तरी ग़ाज़ा में पहुँच रहे हैं.
यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र, अपनी मानवीय सहायता एजेंसियों और साझीदार संगठनों के साथ, ग़ाज़ा में ज़रूरतमन्द लोगों तक अहम सहायता में तेज़ी करना जारी रखे हुए हैं. मानवीय सहायता एजेंसियाँ अब उन इलाक़ों में पहुँच पा रहे हैं जहाँ इससे पहले पहुँचना सम्भव नहीं थी. इनमें अल रशीद सड़क और ग़ाज़ा सिटी के दक्षिणी इलाक़े शामिल हैं.”
प्रवक्ता ने बताया कि विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने युद्धविराम लागू होने के पहले चार दिनों के भीतर, ग़ाज़ा की आबादी तक इतनी खाद्य सहायता पहुँचाई, जितनी कि पूरे दिसम्बर (2024) महीने के दौरान भी नहीं पहुँचाई जा सकी थी.
उधर फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी – UNRWA ने भी युद्धविराम लागू होने के पहले तीन दिनों के दौरान, लगभग 10 लाख लोगों तक पर्याप्त मात्रा में भोजन सामग्री पहुँचाई है.
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – UNICEF का कहना है कि पानी, स्वच्छता किटों, कुपोषण का उपचार करने वाली सामग्री, गर्म कपड़े, टारपॉलीन और अन्य महत्वपूर्ण सहायता सामग्री से भरे ट्रक, ग़ाज़ा पट्टी के उत्तरी और दक्षिणी इलाक़ों में स्थित सीमा चौकियों से दाख़िल हो रहे हैं.
यूनीसेफ़ ने कहा कि उसका लक्ष्य, युद्धविराम लागू रहने के प्रथम चरण के दौरान, हर दिन सहायता सामग्री से भरे 50 ट्रक पहुँचाना है, जिसके लिए ग़ाज़ा की सीमाओं पर सहायता सामग्री के भरपूर भंडार मौजूद हैं.
पश्चिमी तट में हालात चिन्ताजनक
यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने इसराइल द्वारा क़ाबिज़ अन्य फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट में स्थिति का ज़िक्र करते हुए कहा कि यूएन सहायता कर्मियों ने आगाह किया है कि जेनिन और वहाँ स्थित शरणार्थी शिविर में स्थिति, इसराइली सेनाओं के हमले के जारी रहने के दौरान, लगातार बदतर हो रही है.
इसराइली बलों के ये हमले सोमवार को सातवें दिन में दाख़िल हो गए. इन हमलों के कारण अन्य लोग हताहत हुए हैं और सड़कों व बुनियादी ढाँचे को भी नुक़सान पहुँचा है.
प्रवक्ता ने बताया कि रविवार को, इसराइली गोलीबारी में उस समय दो वर्षीय एक बच्ची की मौत हो गई जब वो अपने दादा-दादी के घर पर थी. जेनिन में 21 जनवरी को इसराइली सेनाओं के हमले शुरू होने के बाद, 16 लोगों की मौतें होने की ख़बरें हैं.
इस बीच, तुलकार्म शरणार्थी शिविर में सोमवार को, इसराइल के एक हवाई हमले में, दो फ़लस्तीनी लोगों के मारे जाने की ख़बरे हैं, जिससे क़ानून लागू करने के मानकों से कहीं अधिक बल प्रयोग किए जाने पर चिन्ताएँ उठी हैं.
इसराइली सेनाओं ने, तुलकार्म पर छापा मारा है और वहाँ के सरकारी अस्पताल की घेराबन्दी कर ली है.
प्रवक्ता ने कहा, “हमारे मानवीय सहायता सहयोगियों ने ज़ोर देकर कहा कि अस्पतालों सहित किसी भी तरह के स्वास्थ्य देखभाल ठिकाने, हमलों का निशाना नहीं हो सकते, और उन्हें हर जगह, हर समय सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए.”
लेबनान
यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने लेबनान के बारे में बताया कि महासचिव, देश में लेबनानी नागरिकों पर इसराइली गोलीबारी किए जाने के कारण, कुछ लोगों के हताहत होने की ख़बरें पर चिन्तित हैं.
ख़बरों के अनुसार, इसराइली सेनाओं ने, लेबनानी लोगों पर उस समय गोलियाँ चलाईं जब वो दक्षिणी लेबनान में अपने घरों को वापिस लौट रहे थे. उस इलाक़े में इसराइली सेनाएँ अब भी मौजूद हैं.
“यूएन प्रमुख ने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरते जाने का आग्रह किया है.”
प्रवक्ता के अनुसार यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरश ने, इसराइल और लेबनान से, युद्धक गतिविधियों को रेकने के लिए बनी आपसी समझ के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं को निभाना का आहावन भी किया है.