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गुटेरेश का, 2025 में उथल-पुथल के बीच, 'कार्रवाई के ज़रिए उम्मीद' पर ज़ोर

ग़ाज़ा में बच्चों को, UNRWA के सदस्यों से सहायता उपलब्ध कराई जाती है.
© UNRWA ग़ाज़ा में बच्चों को, UNRWA के सदस्यों से सहायता उपलब्ध कराई जाती है.

गुटेरेश का, 2025 में उथल-पुथल के बीच, 'कार्रवाई के ज़रिए उम्मीद' पर ज़ोर

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि दुनिया अभूतपूर्व चुनौतियों से जूझ रही है, लेकिन 2025 में सतर्क आशावाद के कारण भी मौजूद हैं - लम्बे समय से प्रतीक्षित ग़ाज़ा युद्धविराम, जलवायु कार्रवाई, असमानता से निपटना और सार्वजनिक भलाई के लिए एआई का उपयोग करना.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरश ने बुधवार को महासभा में अपने पारम्परिक नव वर्ष सम्बोधन में इस वैश्विक संगठन के लिए अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं को निर्धारित करते हुए, "हमारी दुनिया की उथल-पुथल" को रेखांकित किया और स्वीकार किया कि "इससे अभिभूत होना या इसके दबाव को महसूस करना समझ में आने वाली बात है".

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एंतोनियो गुटेरेश ने, इस स्थिति के बावजूद, यूएन महासभा में मौजूद प्रतिनिधियों से "प्रगति और क्षमता से कभी भी नज़र नहीं हटाने" का आग्रह किया.

उन्होंने लेबनान में युद्धविराम का ज़िक्र किया जो "काफ़ी हद तक लागू है". एंतोनियो गुटेरेश ने साथ ही देश में दो साल के गतिरोध के बाद हाल ही में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव की तरफ़ भी ध्यान आकर्षित किया.

यूएन प्रमुख ने, दुनिया के युद्ध क्षेत्रों से दूर, जलवायु कार्रवाई पर सकारात्मक प्रगति को रेखांकित किया जिसमें वैश्विक तापमान वृद्धि से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता झलकती है.

उन्होंने कहा, "दुनिया अब जीवाश्म ईंधन में जितना धन निवेश करती है, उससे लगभग दोगुना संसाधन अब स्वच्छ ऊर्जा में निवेश कर रही है... अब लगभग हर जगह, सौर और पवन, नए और सबसे सस्ते ऊर्जा स्रोत हैं - और इस समय अभूतपूर्व तेज़ी से बढ़ रहे हैं."

संयुक्त राष्ट्र के मूल्यों के अनुरूप कितनी सामाजिक-आर्थिक प्रगति हुई है, इसका कुछ अनुमान प्रस्तुत करने के लिए, एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि "दुनिया के अधिकांश हिस्सों में, लड़कियों ने शिक्षा में समानता हासिल की है.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इसके अलावा, स्वास्थ्य के मामलों में, "आज पहले से कहीं अधिक बच्चे जीवित हैं",

उन्होंने साथ ही कहा कि एचआईवी संक्रमण् और "मलेरिया मृत्यु दर में ख़ासी कमी देखी जा रही है".

एंतोनियो गुटेरेश ने, संयुक्त राष्ट्र को "निर्माण की एक शक्ति" के रूप में वर्णित किया जो हमेशा अपने काम करने और परिणाम देने के तरीक़े को मज़बूत कर रही है. यह साबित करते हुए कि वैश्विक समस्याओं के लिए वैश्विक समाधानों की आवश्यकता है.

मुसीबतों का पिटारा

यूएन प्रमुख ने ये भी कहा कि इसमें कोई भ्रम की स्थिति नहीं हो सकती कि कार्रवाई या निष्क्रियता ने “आज के दौर की मुसीबतों का भानुमती का पिटारा खोल दिया है”.

उन्होंने इस सन्दर्भ में लम्बे समय से चल रहे युद्धों, असमानता, जलवायु संकट और “नियंत्रण से बाहर प्रौद्योगिकी” का ज़िक्र किया.

टकरावों और युद्धों का दायरा और सघनता बढ़ रहे हैं जिनमें व्यापक दायरे में मानव अधिकारों पर हमले बढ़ रहे हैं.

एंतोनियो गुटेरेश ने ग़ाज़ा युद्धविराम के लिए प्रयासरत वार्ताकारों से कहा कि वे ग़ाज़ा युद्धविराम पर समझौतो को जल्द से जल्द अन्तिम रूप दें.

उन्होंने कहा कि पूरे मध्य पूर्व में “हमें चरमपंथियों को, शान्तिपूर्ण भविष्य को कमज़ोर करने के लिए अपनी मर्ज़ी का प्रयोग करने का मौक़ा देने से रोकना होगा.”

उन्होंने घोषणा की कि वे बुधवार को अपनी लेबनान यात्रा शुरू करेंगे जोकि देश में हाल के सप्ताहों में वहाँ हुए सकारात्मक घटनाक्रमों से उत्साहित रहेगी.

उन्होंने कहा कि ये सकारात्मक घटनाक्रम, इसराइल और लेबनानी लोगों के लिए, शान्ति और सुरक्षा के एक नए व स्थाई युग की शुरुआत कर सकते हैं.

उन्होंने यूक्रेन, सूडान, साहेल और हेती में युद्ध व टकरावों के हालात को भी रेखांकित किया.

असमानता को मिटाना

यूएन प्रमुख ने बेबाक शब्दों में कहा, “असमानताओं को मात दी जा सकती है”, और इसके लिए, सभी मोर्चों पर बहुपक्षीय सुधार के माध्यम से, टिकाऊ विकास लक्ष्यों (SDG) पर प्रगति को तेज़ करने के साथ शुरुआत की जा सकती है.

उन्होंने कहा कि भेदभाव और अभद्र भाषा का अभिशाप भी असमानता को बढ़ावा दे रहा है, जिसमें समुदायों की जड़ों को मजबूत करने की आवश्यकता झलकती है: “ऐसा किया जाना और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सोशल मीडिया मंचों के इर्द-गिर्द सुरक्षा घेरे को तोड़ा व ख़त्म किया जा रहा है, जिससे ग़लत सूचना और अभद्र भाषा को बढ़ावा मिल रहा है.”

जलवायु संकट

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने अमेरिका में लॉस एंजेलिस की घाटियों में फैली आग का ज़िक्र करते हुए कहा कि दुनिया भर में हर रोज़ लोग, गर्म होती पृथ्वी और चरम मौसम के घातक प्रभावों से पीड़ित हैं.

लेकिन इस मौर्चे पर भी, नुक़सान को उलटने और नवीकरणीय ऊर्जा विकास, नैट शून्य के प्रति प्रतिबद्धता और कार्बन उत्सर्जन में कटौती करने की राष्ट्रीय योजनाओं जैसी जलवायु कार्रवाई को बुनियाद बनाए जाने का एक बड़ा अवसर मौजूद है.

संयुक्त राष्ट्र इस वर्ष के अन्त में ब्राज़ील में होने वाले महत्वपूर्ण यूएन जलवायु सम्मेलन (COP30) से पहले, लगभग 100 विकासशील देशों को उनकी जलवायु कार्य योजनाओं में सहायता कर रहा है और यूएन प्रमुख ने 1.5 डिग्री सैल्सियस के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक विशेष समीक्षा कार्यक्रम आयोजित किए जाने का वादा किया है.

प्रौद्योगिकी दौड़

महासचिव ने कहा कि 2025 में प्रौद्योगिकी क्रान्ति भी "अभूतपूर्व अवसर" प्रदान कर रही है, लेकिन इसके लिए सावधानीपूर्वक प्रबन्धन और सभी के लिए समान पहुँच के लिए प्रतिबद्धता की आवश्यकता है.

पूरे संयुक्त राष्ट्र स्तर पर त्वरित और निर्णायक कार्रवाई किए जाने की ज़रूरत है ताकि समान अवसरों का मौहाल मुहैया कराया जा सके, जिसमें बिना कोई देरी किए, AI पर एक स्वतंत्र अन्तरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पैनल की स्थापना भी शामिल है.

उम्मीद क़ायम है

यूएन महासचिव ने अपने सम्बोधन के अन्त में कहा कि समस्याओं के पिटारे सम्बन्धी मिथक में अक्सर अनदेखा किया जाने वाला एक विवरण भी शामिल रहा है. जब बक्सा खोला गया और उसमें से भयावहता बाहर आई, तो अन्दर एक चीज़ बची थी - उम्मीद.

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, "हमें उम्मीद की किरण से कभी भी अपनी नज़रें नहीं हटानी. और हम कार्रवाई के माध्यम से उस उम्मीद पर से पर्दा हटाने का काम करेंगे.”

“उम्मीद को वास्तविकता में तब्दील करने के लिए, उम्मीद को फैलाने में मदद करने के लिए - सिद्धान्तों पर अडिग रहकर, सच बोलकर, कभी हार नहीं मानकर."