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हेती: आपराधिक गैंग की हिंसा से, 10 लाख से अधिक लोग विस्थापन का शिकार

हेती की राजधानी पोर्त-ओ-प्रिन्स में एक IOM सहायता केन्द्र.
© IOM/Antoine Lemonnier
हेती की राजधानी पोर्त-ओ-प्रिन्स में एक IOM सहायता केन्द्र.

हेती: आपराधिक गैंग की हिंसा से, 10 लाख से अधिक लोग विस्थापन का शिकार

शान्ति और सुरक्षा

हेती में आपराधिक गुटों की बढ़ती हिंसा के कारण, पिछले वर्ष अपने घर विस्थापित होने वाले लोगों की संख्या में तीन गुना वृद्धि हुई है. संयुक्त राष्ट्र प्रवासन एजेंसी (IOM) ने मौजूदा संकट की छाया में आम नागरिकों के जीवन की रक्षा किए जाने और सतत रूप से सहायता पहुँचाने का आग्रह किया है.

IOM के प्रवक्ता कैनेडी ओकोथ ओमोंडी ने बताया कि फ़िलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हेती में 10 लाख 41 हज़ार से अधिक लोग विस्थापित हैं. इनमें से अधिकाँश लोग अनेक बार विस्थापित हो चुके हैं.

वहीं, 20 दिसम्बर 2023 को विस्थापितों की संख्या 3.15 लाख दर्ज की गई थी.

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हेती की राजधानी पोर्त-ओ-प्रिंस, विस्थापन से सर्वाधिक प्रभावित है, जहाँ हथियारबन्द गुटों द्वारा निरन्तर हिंसा की जा रही है और अति-आवश्यक सेवाएँ दरक चुकी हैं. 

स्वास्थ्य देखभाल और खाद्य सुरक्षा की स्थिति विशेष रूप से चिन्ताजनक है.

राजधानी के नज़दीक स्थित अन्य प्रान्त भी गैंग हिंसा से प्रभावित हुए हैं और विस्थापित नागरिकों के वहाँ शरण लेने से मेज़बान समुदायों व सीमित संसाधनों पर बोझ बढ़ा है और असुरक्षा बढ़ी है.

2024 में हज़ारों की मौत

यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने पिछले सप्ताह बताया था कि हेती में पिछले वर्ष गैंग हिंसा में 5 हज़ार 600 से अधिक लोगों की जान गई.

हाल के कुछ सप्ताहों में, आपराधिक गुटों को अलग-अलग घटनाओं में सैकड़ों लोगों को जान से मारने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया गया है.

OHCHR के अनुसार, एक घटना में सीते सोलेइल बस्ती में कुछ लोगों पर जादू-टोने के ज़रिए एक आपराधिक गुट के मुखिया को मारने का आरोप लगाया गया, और फिर पीड़ितों के अंगों को शरीर से अलग किया गया. 

इसके बाद, उनके शरीर के हिस्सों को समुद्र में फेंक दिया गया.

यूएन उच्चायुक्त कार्यालय ने गैंग सदस्यों और कथित रूप से उनसे सम्बन्ध रखने वाले लोगों को पीट-पीटकर कर मार डालने के 315 मामले दर्ज किए हैं. 

यह आरोप भी है कि इनमें से कुछ मामलों में हेती के पुलिस अधिकारियों की भी मिलीभगत थी.

बुनियादी सेवाओं पर बोझ

IOM के अनुसार, डॉमिनिकन रिपब्लिक से हेती के दो लाख नागरिकों को देश निकाला दिया गया है, और उनके वहाँ पहुँचाने के बाद पहले से ही बोझ में दबी सामाजिक सेवाओं पर दबाव है.

यूएन एजेंसी प्रवक्ता ओमोंडी ने कहा कि समुदाय अपनी गुज़र-बसर के लिए पहले से ही संघर्ष कर रहे हैं.

देश में हिंसा जारी रहने के बीच, IOM ने बताया है कि विस्थापित जन के लिए आश्रय स्थलों की संख्या बढ़ रही है, मगर संवेदनशील हालात में रह रहे लोगों तक पहुँचना और कठिन हो गया है.

ये इलाक़े मुख्य रूप से राजधानी के इर्द-गिर्द बनाए गए हैं और पिछले एक वर्ष में इनकी संख्या 73 से बढ़कर 108 तक पहुँच गई है. 

फ़िलहाल वहाँ भारी भीड़ हैं, भोजन, स्वच्छ जल, साफ़-सफ़ाई और शिक्षा समेत अन्य बुनियादी ज़रूरतों की क़िल्लत है.

धनराशि का अभाव

हेती में मानवीय सहायता प्रयासों के लिए संयुक्त राष्ट्र ने 67.4 करोड़ डॉलर की अपील की थी, जिसमें से केवल 42 फ़ीसदी राशि ही जुटाने में सफलता मिल पाई है. 38.8 करोड़ डॉलर राशि की अब भी आवश्यकता है.

सुरक्षा परिषद ने 23 दिसम्बर को ज़ोर देकर कहा था कि हेती में राष्ट्रीय पुलिस बल को समर्थन देने के लिए अन्तरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा दोगुने स्तर पर समर्थन किया जाना होगा.

साथ ही, सुरक्षा परिषद द्वारा समर्थित बहुराष्ट्रीय सुरक्षा समर्थन मिशन को भी मज़बूत करना ज़रूरी है. इस मिशन की अगुवाई केनया कर रहा है.

अब तक, क़रीब 750 सुरक्षाकर्मी, बेलिज़, ऐल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, जमाइका और केनया ने तैनात किए हैं, और 600 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को वहाँ भेजे जाने की योजना है.