नव वर्ष सन्देश: उत्सर्जनों में कटौती करने और 'बर्बादी की राह से पीछे हटने' की पुकार
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने नव वर्ष के लिए अपने सन्देश में कहा है कि हमें एक साथ मिलकर, 2025 में एक नई शुरुआत को आकार देना होगा, एक विभाजित विश्व के रूप में नहीं, बल्कि एकजुट देशों के रूप में.
महासचिव गुटेरेश ने वर्ष 2024 की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए ध्यान दिलाया कि उम्मीद दुर्लभ रही है. “अनेक युद्ध, असीम पीड़ा, कष्ट और विस्थापन फैला रहे हैं.”
“विषमताएँ और विभाजन उछाल पर हैं – जिनसे तनावों और अविश्वास को ईंधन मिल रहा है.”
बीता जा रहा है समय
उन्होंने जलवायु संकट के प्रति ध्यान आकृष्ट करते हुए चेतावनी जारी करते हुए कहा कि हमने अभी घातक गर्मी का एक दशक देखा है. “रिकॉर्ड पर 10 सबसे अधिक गर्म वर्ष, बीते 10 वर्षों के दौरान घटित हुए हैं, जिनमें 2024 भी शामिल है. यह जलवायु अव्यवस्था है – वास्तविकता में.”
इस पृष्ठभूमि में, यूएन प्रमुख ने विनाश के इस रास्ते से हटने की पुकार लगाई और आगाह किया कि खोने के लिए हमारे पास समय नहीं है.
“2025 में, देशों को, कार्बन उत्सर्जनों में व्यापक कटौतियाँ करके, और एक नवीनीकृत भविष्य की दिशा में बदलाव का समर्थन करके, दुनिया को एक सुरक्षित रास्ते की ओर मोड़ना होगा.”
उम्मीद के सहारे बदलाव
महासचिव गुटेरेश ने कहा कि सबसे स्याह दिनों में भी, उम्मीद की शक्ति के सहारे बदलावों को हासिल किया जा सकता है.
“मैं कार्यकर्ताओं में उम्मीद देखता हूँ – युवाओं और बुज़ुर्गों में – जब वो प्रगति के लिए अपनी आवाज़ें उठा रहे हैं. मुझे उन असाधारण मानवीय हस्तियों में उम्मीद नज़र आती है जो बेहद कमज़ोर हालात वाले लोगों की सहायता करने के लिए, विशालकाय बाधाओं पर पार पाते हैं.”
यूएन प्रमुख ने कहा कि उन्हें वित्तीय और जलवायु न्याय के लिए जद्दोजेहद कर रहे विकासशील देशों, मानवता के लिए नई खोज कर रहे वैज्ञानिकों और आविष्कारकों में आशा दिखाई देती है.
"मैंने सितम्बर में उम्मीद देखी, जब विश्व नेताओं ने भविष्य के समझौते (Pact of the Future) को पारित करने में एकजुटता दिखाई. यह समझौता, निरस्त्रीकरण और रोकथाम के ज़रिए, शान्ति निर्माण को नई ऊर्जा देता है."
इस समझौते के ज़रिये, वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में सुधारों को लागू करने, महिलाओं और युवजन के लिए अधिक अवसरों को बढ़ावा देने, टैक्नॉलॉजी के लिए सुरक्षा दायरों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि मुनाफ़े की बजाय आम नागरिकों को, और अलगोरिदम के बजाय अधिकारों को प्राथमिकता दी जाए.
एकजुट राष्ट्र
उन्होंने कहा कि हमें सदैव, ऐसे मूल्यों और सिद्धान्तों पर डटे रहना होगा जो मानवाधिकारों, अन्तरराष्ट्रीय क़ानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर द्वारा दर्ज हैं.
यूएन प्रमुख के अनुसार, 2025 में होने वाली घटनाओं की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती है.
"मगर, मैं उन सभी के साथ खड़े रहने की प्रतिज्ञा लेता हूँ जो सभी जन की ख़ातिर एक अधिक शान्तिपूर्ण, समान, स्थिर और स्वस्थ भविष्य का निर्माण करने के लिए काम कर रहे हैं."
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि एक साथ मिलकर, 2025 को हम एक नई शुरुआत बना सकते हैं: एक विभाजित विश्व के रूप में नहीं. बल्कि एकजुट देशों के रूप में.