2025: यूएन के लिए 3.72 अरब डॉलर के बजट को महासभा की स्वीकृति
जनरल असेम्बली ने अपने 79वें सत्र के मुख्य खंड का समापन करते हुए, वर्ष 2025 में संयुक्त राष्ट्र के लिए 3.72 अरब डॉलर के वार्षिक बजट को हरी झंडी दी है. इसके अलावा, भूमिबद्ध विकासशील देशों (Landlocked Developing Countries) को समर्थन देने के इरादे से एक नए कार्यक्रम को भी पारित किया गया है.
2025 के लिए स्वीकृत नियमित बजट की धनराशि, यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश द्वारा अक्टूबर में पेश किए गए प्रस्ताव से क़रीब 10 लाख डॉलर अधिक है. उन्होंने इस प्रस्ताव को यूएन महासभा की पाँचवी समिति में पेश किया था, जिसका दायित्व प्रशासनिक व बजट सम्बन्धी मामलों का निरीक्षण करना है.
संयुक्त राष्ट्र के नियमित बजट के ज़रिये राजनैतिक मामलों, अन्तरराष्ट्रीय न्याय व क़ानून, विकास के लिए क्षेत्रीय सहयोग, मानवाधिकार व मानवतावादी अभियान, सार्वजनिक सूचना समेत अन्य अहम क्षेत्रों में कार्यक्रमों को संचालित किया जाता है.
इसके समानान्तर, शान्तिरक्षा अभियानों के लिए संगठन का बजट अलग है, जिसकी वित्तीय अवधि 1 जुलाई से 30 जून तक होती है. वहीं, नियमित बजट को कैलेंडर वर्ष के आधार पर तैयार किया जाता है.
भूमिबद्ध विकासशील देशों को समर्थन
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2024-2034 दशक के लिए भूमि से घिरे विकासशील देशों के लिए एक अहम कार्य योजना को भी पारित किया है, जिसका उद्देश्य इन देशों के समक्ष मौजूद विकास सम्बन्धी चुनौतियों से निपटना है.
समुद्री तट तक कोई सीधी पहुँच नहीं होने की वजह से इन देशों को व्यापार, आर्थिक क्षेत्र में अनेक कठिनाइयों से जूझना पड़ता है. व्यापारिक मार्ग के लिए इन्हें अक्सर अन्य देशों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे क़ीमतें बढ़ती हैं, देरी होती है और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में वे पिछड़ जाते हैं.
इस कार्य योजना के ज़रिये पाँच अहम प्राथमिकतों को चिन्हित किया गया है:
- नवाचार व ढाँचागत बदलावों के ज़रिये टिकाऊ आर्थिक प्रगति को प्रोत्साहन
- क्षेत्रीय स्तर पर व्यापार एकीकरण को बढ़ावा
- परिवहन व्यवस्था व जुड़ाव में बेहतरी
- जलवायु सहनसक्षमता का निर्माण
- योजना को लागू करने के लिए कारगर रणनीति पर अमल