इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम का स्वागत
संयुक्त राष्ट्र ने इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम की घोषणा का स्वागत किया है. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सम्बद्ध पक्षों से इस समझौते के तहत की गई अपनी सभी प्रतिबद्धताओं का पूरी तरह से सम्मान करने और उन्हें तेज़ी से लागू करने का आग्रह किया है.
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अपने प्रवक्ता के ज़रिए जारी एक वक्तव्य में उम्मीद जताई कि यह समझौता "उस हिंसा, विनाश और पीड़ा को समाप्त कर सकता है, जिसका सामना दोनों देशों के लोगों को करना पड़ रहा है."
वक्तव्य में कहा गया है, "महासचिव ने पक्षों से इस समझौते के तहत की गई अपनी सभी प्रतिबद्धताओं का पूरी तरह से सम्मान करने और उन्हें तेज़ी से लागू करने का आग्रह किया है."
उन्होंने पक्षों से सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 (2006) पर पूरी तरह से अमल किए जाने की दिशा में तत्काल क़दम उठाने का भी आग्रह किया.
बयान में कहा गया, "लेबनान के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष समन्वयक और लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के अन्तरिम बल (UNIFIL) दोनों ही, अपने-अपने शासनादेश के अनुरूप इस समझौते के कार्यान्वयन का समर्थन करने के लिए तैयार हैं."
समझौता, एक शुरुआती बिन्दु
लेबनान के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष समन्वयक, जीनिन हैनिस-प्लैश्शार्ट ने इस समझौते को ब्लू लाइन के दोनों ओर आम लोगों की सुरक्षा और संरक्षा बहाल करने के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बताया.
उन्होंने एक बयान में कहा, "यह समझौता एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया का प्रारम्भिक बिन्दु है, जो सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 (2006) के पूर्ण कार्यान्वयन पर आधारित है."
2006 में इसराइल और हिज़बुल्लाह के बीच टकराव के बाद पारित किए गए सुरक्षा परिषद के इस प्रस्ताव में, शत्रुता को समाप्त करने के साथ-साथ इसराइल और लेबनानी सशस्त्र बलों के बीच सीमा-रेखा "ब्लू लाइन" का सम्मान करने का आहवान किया गया है.
जीनिन हैनिस-प्लैश्शार्ट ने ज़ोर देकर कहा कि प्रस्ताव को अपनी मर्ज़ी के अनुसार लागू करना अब पर्याप्त नहीं होगा.
उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि, "प्रस्ताव 1701 (2006) के केवल चुनिन्दा प्रावधानों को लागू करने की यथास्थिति, जबकि अन्य प्रावधानों के लिए केवल दिखावटी रवैया पर्याप्त नहीं होंगे."
ठोस नतीजे देने का समय
विशेष समन्वयक जीनिन हैनिस-प्लैश्शार्ट ने दोनों पक्षों से युद्धविराम समझौते के प्रति अटूट प्रतिबद्धता दिखाने करने का आग्रह किया.
उन्होंने "इस विनाशकारी अध्याय" को बन्द करने के अवसर का लाभ उठाने के लिए उनकी सराहना की, तथा उन्हें आगे के क़दमों की याद दिलाई.
"अब समय है कि ठोस कार्रवाई के माध्यम से आज की उपलब्धि को मजबूत किया जाए."
यह युद्धविराम समझौता, ब्लू लाइन पर एक साल से अधिक समय से तनाव बढ़ने के बाद हुआ है. दोनों पक्षों के नागरिकों ने हिंसा का ख़ामियाज़ा भुगता है, जिसमें हज़ारों लोग मारे गए हैं और हज़ारों अन्य लोग विस्थापित हुए हैं.