पश्चिमी तट संकट: इसराइली हमले तुरन्त रोके जाने का आग्रह
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ग़ाज़ा में जारी युद्ध के बीच, पश्चिमी तट में गहराते संकट पर चिन्ता जताई है और क़ाबिज़ फ़लस्तीनी इलाक़े में इसराइली सैन्य कार्रवाई को तत्काल रोकने की पुकार लगाई है.
बुधवार देर शाम जारी संयुक्त राष्ट्र महासचिव का यह बयान, पश्चिमी तट में इसराइली सैन्य बलों (ISF) द्वारा पिछले कई सालों में की गई सबसे बड़ी कार्रवाई के बाद आया है. हालाँकि इसराइली सुरक्षा बलों ने इसे आतंकवादियों के ख़िलाफ़ क़दम बताया है. फ़लस्तीनी मीडिया के मुताबिक़, इन छापों, ड्रोन व हवाई हमलों में गुरूवार तक 17 लोगों की जान जा चुकी है.
यूएन प्रमुख की ओर से जारी वक्तव्य में तुलकारेम और तुबस गर्वनेट में हुए हवाई हमलों पर चिन्ता जताई गई है, जिसमें सार्वजनिक ढाँचों को नुक़सान पहुँचा है और कई लोग हताहत हुए हैं.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इन हमलों में बच्चों समेत कई लोगों की जान जाने की कड़ी निन्दा की.
फ़लस्तीनी प्रशासन दरकिनार
महासचिव ने पश्चिमी तट में हिंसा ख़त्म करने की अपील करते हुए कहा कि यह नवीनतम “ख़तरनाक घटनाक्रम,” क़ब्ज़े वाले पश्चिमी तट पर पहले से ही “विस्फोटक स्थिति को और बढ़ा रहे हैं” जिससे वहाँ फ़लस्तीनी प्रधिकरण कमज़ोर हो रहा है.
उन्होंने येरूशेलम के पवित्र स्थलों में भी "यथास्थिति" बनाए रखने का आहवान किया, और इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री की अल-अक़्सा मस्जिद (जोकि यहूदियों के लिए टैम्पल माउंट के नाम से जाना जाता है) की यात्रा के बाद के "ख़तरनाक एवं उत्तेजक कृत्यों व बयानों" पर गहरी चिन्ता व्यक्त की.
यूएन के शीर्ष नेता ने कहा कि इसराइली सेना को भी अन्तरराष्ट्रीय मानवतावादी क़ानून के तहत अपने दायित्वों का पालन करना चाहिए. उन्होंने इसराइल से “नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अत्यधिक संयम बरतने का आग्रह करते हुए कहा कि घातक बल प्रयोग तभी किया जाए, जब और कोई चारा न रहे.”
साथ ही, इसराइली कार्रवाई में घायल हुए सभी लोगों को “मेडिकल सुविधा मुहैया कराई जानी होगी और राहतकर्मियों को सभी ज़रूरतमन्दों तक पहुँचने का रास्ता प्रदान करना होगा.
सुरक्षा परिषद की बैठक
महासचिव की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब गुरूवार को न्यूयॉर्क में, इस संकट के बढ़ने पर सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई गई है.
संयुक्त राष्ट्र के इस सबसे बड़े फ़ोरम में सदस्य देशों का लक्ष्य, अन्तरराष्ट्रीय शान्ति एवं स्थिरता क़ायम रखना है, और मध्य पूर्व में हालात पर चिन्ता है. ग़ाज़ा युद्ध के अलावा दक्षिण लेबनान में उत्तरी इसराइल और हिज़बुल्लाह लड़ाकों के बीच तनाव बढ़ा है और भारी गोलीबारी हुई है.
बुधवार को, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय, OHCHR ने चेतावनी दी कि इसराइली सैन्य बलों की कार्रवाई के कारण, पहले से ही विस्फोटक स्थिति के और अधिक भड़कने का ख़तरा है. सोमवार रात तुलकारेम में नूर शम्स शरणार्थी शिविर में इसराइली सुरक्षा बलों ने कम से कम चार हवाई हमले किए, जिसमें पाँच लोगों की जान गई है. इनमें तीन फ़लस्तीनी पुरुष और दो लड़के हैं, जिनकी आयु 13 व 15 वर्ष है.