मध्य पूर्व: 'ब्लू लाइन' पर बढ़ता टकराव, 'क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता के लिए जोखिम'
संयुक्त राष्ट्र के शीर्षतम अधिकारी एंतोनियो गुटेरेश ने दक्षिणी लेबनान और इसराइल को विभाजित करने वाली ‘ब्लू लाइन’ सीमा पर गोलाबारी व टकराव में आई तेज़ी पर गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुए इसे लेबनान व इसराइल में आम नागरिकों और क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता के लिए जोखिम क़रार दिया है.
ब्लू लाइन सीमा पर हाल के दिनों में टकराव बढ़ा है. इसके मद्देनज़र, मध्य पूर्व के लिए यूएन के शीर्ष दूत ने भी सचेत किया है कि ग़ाज़ा पट्टी में युद्धविराम को लागू करने और सभी बन्धकों की रिहाई के लिए समय बीता जा रहा है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ब्लू लाइन पर गोलाबारी में हुई वृद्धि पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है. उन्होंने रविवार को जारी अपने एक वक्तव्य में आगाह किया है कि इससे लेबनान व इसराइल में आम नागरिकों, और क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता के लिए जोखिम उपजा है.
महासचिव गुटेरेश ने सभी पक्षों से टकराव व तनाव में कमी लाने और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 के अनुरूप लड़ाई पर तत्काल विराम लगाने का आग्रह किया है.
उधर, विशेष दूत टोर वैनेसलैंड ने सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म X पर अपने सन्देश में बताया कि उन्होंने इसराइली सेना और लेबनान स्थित चरमपंथी संगठन हिज़बुल्लाह के बीच गहन गोलाबारी के बाद फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री मोहम्मद मुस्तफ़ा से मुलाक़ात की है.
इसराइल का कहना है कि हमलों को टालने के इरादे से उसकी ओर से बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है. वहीं, हिज़बुल्लाह के अनुसार उसके द्वारा किए गए हमलों को अब अंजाम दिया जा चुका है.
अमेरिका, मिस्र और क़तर, इसराइल व चरमपंथी गुट हमास के बीच व्यापक स्तर पर युद्धविराम को लागू करने और सभी बन्धकों की रिहाई सुनिश्चित किए जाने के लिए समझौते की कोशिशों में जुटे हैं.
यह वार्ता मिस्र की राजधानी काहिरा में हो रही है और समाचार माध्यमों के अनुसार इस सप्ताहांत, वार्ता में हुई प्रगति पर जानकारी पाने के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल को वहाँ भेजा है. हालांकि हमास द्वारा इस बातचीत में सीधे तौर पर हिस्सा नहीं लिया गया है.
ख़बरों के अनुसार, इस मुद्दे पर बातचीत में एक बड़ा अवरोध यह है कि इसराइल द्वारा मिस्र व ग़ाज़ा पट्टी की सीमा पर और ग़ाज़ा को दो हिस्सों में बाँटने वाली सड़क पर अपनी मौजूदगी बरक़रार रखने के लिए ज़ोर दिया जा रहा है.
जीवन रक्षा के लिए समझौता अहम
मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिए विशेष समन्वयक टोर वैनेसलैंड ने कहा कि काहिरा में जारी वार्ता, आम नागरिकों के जीवन की रक्षा करने, तनाव में कमी लाने और ग़ाज़ा की आबादी की पीड़ा को दूर करने के लिए बेहद ज़रूरी है.
मौजूदा हालात में संयुक्त राष्ट्र, फ़लस्तीनी प्राधिकरण के सहयोग से विशाल स्तर पर उपजी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए निरन्तर प्रयासरत है.
विशेष समन्वयक ने कहा कि हमें युद्धविराम और सभी बन्धकों की रिहाई की आवश्यकता है, अभी. “खोने के लिए ज़रा भी समय नहीं है.”
इससे पहले, लेबनान में यूएन की विशेष समन्वयक जिनीन हेनिस-प्लाशर्ट और लेबनान में यूएन अन्तरिम बल (UNIFIL) ने एक साझा वक्तव्य जारी किया, जिसमें उन्होंने इसराइल व हिज़बुल्लाह से टकराव बढ़ाने वाले क़दम पीछे हटाने का आग्रह किया है.
वक्तव्य में कहा गया है कि इस क्षेत्र में सभी पक्षों को टकराव को समाप्त किया जाना होगा, और इसके लिए यूएन सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 1701 ही पथ प्रदर्शक है.
यह प्रस्ताव 2006 में पारित हुआ था, जिसमें इसराइल व लेबनान से युद्धविराम और दीर्घकालिक शान्ति स्थापना को समर्थन प्रदान करने का आग्रह किया गया है. साथ ही, वृहद मध्य पूर्व क्षेत्र में व्यापक, न्यायसंगत व स्थाई शान्ति को हासिल करने की अहमियत को रेखांकित किया गया है.