'हिंसा का चक्र तोड़ा जाए' रोकथाम व शान्ति निर्माण के ज़रिए
एक वरिष्ठ यूएन अधिकारी ने सुरक्षा परिषद में कहा है कि पिछले साल, दुनिया भर में व्याप्त हिंसा से विश्व को 20 ख़रब डॉलर का नुक़सान हुआ है, लेकिन, युद्ध व टकरावों की रोकथाम और शान्ति में निवेश लगातार घटता जा रहा है.
शान्ति निर्माण में समर्थन के लिए उप महासचिव, एलिज़ाबेथ स्पीहार ने, सुरक्षा परिषद में बुधवार को यूएन महासचिव के शान्ति के नए एजेंडा पर उच्च स्तरीय बहस के दौरान सम्बोधित किया.
जुलाई 2023 में जारी किए गए इस एजेंडे के नीति-पत्र में बताया गया है कि किस तरह संघर्ष की रोकथाम और शान्ति स्थापना से, हिंसा की ओर बढ़ता रुझान पलटा जा सकता है तथा युद्ध से जुड़ी मनावीय एवं आर्थिक क्षति को रोका जा सकता है.
चक्र तोड़ना आवश्यक
उन्होंने कहा, “रोकथाम व शान्ति निर्माण से हिंसा का चक्र तोड़ा जा सकता है और ऐसी बुनियाद रखी जा सकती है जहाँ सर्वजन के लिए सतत विकास सुनिश्चित हो सके.”
यह बैठक, अगस्त के लिए परिषद की अध्यक्षता कर रहे देश सिएरा लियोन ने, वैश्विक स्तर पर टकराव की घटनाओं में वृद्धि पर चर्चा के लिए बुलाई थी.
एलिज़ाबेथ स्पीहार ने बताया कि तीन क्षेत्रों में निवेश से ये लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं - शान्तिनिर्माण के स्वैच्छिक प्रयासों को समर्थन व बढ़ावा देना, सुसंगतता सुनिश्चित करना, तथा साझेदारी एवं संसाधनों को मज़बूत करना.
राष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन
इनमें से पहले क्षेत्र पर ध्यान देते हुए उन्होंने कहा कि शान्ति के लिए नए एजेंडे में, प्रभावी रोकथाम एवं शान्ति निर्माण प्रयासों का सबसे अहम मार्गदर्शक सिद्धान्त होगा कि सभी देश इसकी पूर्ण ज़िम्मेदारी लें.
उन्होंने कहा, “इसमें विविध आवाज़ों, और समाज के सभी वर्गों की सहभागिता व ज़रूरतें शामिल करने पर भी बल दिया गया है, जिससे टिकाऊ शान्ति स्थापना में मदद मिल सके.”
इस सम्बन्ध में, उन्होंने मध्य अफ़्रीकी गणराज्य का उदाहरण दिया, जहाँ संयुक्त राष्ट्र शान्ति निर्माण कोष के ज़रिए, सामुदायिक महिला मध्यस्थों को मज़बूत बनाने के कार्यक्रमों का समर्थन किया गया है. इससे टकरावों की रोकथाम और सामुदायिक स्तर पर शान्ति बनाए रखने में मदद मिली है.
रोकथाम का व्यापक दृष्टिकोण
निवेश के लिए दूसरा क्षेत्र, रोकथाम एवं शान्ति बनाए रखने के लिए, सुसंगतता और व्यापक दृष्टिकोण सुनिश्चित करने का आहवान करता है.
उन्होंने कहा कि शान्ति स्थापना का नया एजेंडा, हिंसा व टकराव के लक्षणों ही नहीं, बल्कि उसकी जड़ से जुड़े, मूल कारणों का समाधान करने पर ज़ोर देता है.
उन्होंने कहा, “समाजों को संकट की स्थिति में जाने से रोकने का सबसे अच्छा तरीक़ा है, समावेशी व सतत विकास एवं समावेशी शासन में निवेश करके उन्हें सहन सक्षम बनाना.”
"यही कारण है कि शान्ति का यह नया एजेंडा, सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा के कार्यान्वयन में तेज़ी लाने और असमानता, उपेक्षा एवं बहिष्कार से निपटने का आहवान करता है."
भागेदारी व संसाधन
निवेश का अन्तिम क्षेत्र, महत्वपूर्ण साझेदारियों को मज़बूत करने और रोकथाम एवं शान्ति निर्माण के लिए अधिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर केन्द्रित है.
एलिज़ाबेथ स्पीहार ने कहा कि क्षेत्रीय तथा उप-क्षेत्रीय हितधारकों के साथ, महत्वपूर्व साझेदारी का दायरा बढ़ रहा है.
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अफ़्रीकी संघ शान्ति एवं सुरक्षा परिषद (AUPSC) के बीच नियमित संवाद, तथा संयुक्त राष्ट्र शान्ति निर्माण आयोग व AUPSC के बीच भी इसी तरह की साझेदारी को "आशाजनक" बताया.
हालाँकि, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इन बैठकों के परिणामों की निगरानी व आगे की कार्रवाई पर नज़र रखने के लिए अधिक कोशिशें करनी होंगी.
बढ़ता सैन्य ख़र्च
संसाधनों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "शान्ति एवं संघर्ष की रोकथाम में निवेश को लगातार घटते देखना चिन्ताजनक है. वहीं दूसरी ओर दुनिया भर में सैन्य ख़र्च बढ़ता जा रहा है", जो कुल आधिकारिक विकास सहायता (ODA) का अंश मात्र ही है.
उन्होंने परिषद को बताया कि पिछले साल, OECD (आर्थिक सहयोग और विकास संगठन) देशों का अनुपात 10 प्रतिशत था - जोकि पिछले 15 साल के रिकॉर्ड में दर्ज सबसे निचला स्तर है.
"अध्ययन के मुताबिक़, इसी दौरान, पिछले साल ही, हिंसा से दुनिया को लगभग 20 ख़रब डॉलर का नुक़सान हुआ - जो कि वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 13.5 प्रतिशत हिस्सा है."
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक से लेकर क्षेत्रीय विकास बैंकों तक, सभी अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों (IFI) के साथ अधिक साझेदारी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विकास में यह निवेश, स्थाई शान्ति स्थापित करने में मददगार साबित हो.
सिएरा लियोन से मिली सीख
शान्ति और राष्ट्रीय एकजुटता पर देश के स्वतंत्र आयोग (ICPNC) के कार्यकारी सचिव हवा समाई ने कहा कि 22 साल पहले के क्रूर गृहयुद्ध से लेकर वर्तमान शान्ति तक का सिएरा लियोन का सफ़र "आशा की किरण एवं प्रतिबद्धता, संवाद तथा समावेशी शान्ति निर्माण की शक्ति का प्रमाण पेश करता है."
2020 में, संघर्षों को रोकने, उनके प्रबन्धन व टकराव घटाने के व्यापक प्रयासों के तहत इस आयोग की स्थापना की गई थी. आयोग ने सिएरा लियोन के सभी 16 ज़िलों में शान्ति गठबन्धन एवं प्रारम्भिक चेतावनी तथा प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित किए गए हैं.
उन्होंने कहा, "विविध पृष्ठभूमि के स्थानीय लोगों को इसमें शामिल करके, ICPNC यह सुनिश्चित करता है कि शान्तिनिर्माण के प्रयास, समुदायों की वास्तविकताओं और ज़रूरतों पर आधारित हों."
सक्रियता जारी रखना आवश्यक
हवा समाई ने कहा कि उनके देश के अनुभव से जो एक अहम सीख मिलती है, वो है, समुदाय द्वारा ज़िम्मेदारी लेकर, टकराव की रोकथाम का कार्यान्वयन, जिससे टकराव बढ़ने से पहले ही उसका समाधान खोजने में मदद मिलती है.
उन्होंने कहा, "संघर्ष की प्रभावी रोकथाम के लिए एक सक्रिय, संघर्ष-पश्चात, लिंग आधारित एवं समावेशी दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है. साथ ही, सभी प्रमुख पक्षों के बीच परस्पर पहुँच व भरोसा क़ायम रखने के लिए इसका राजनीतिकरण न होने देना बेहद महत्वपूर्ण है."
उन्होंने बताया कि "राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय साझीदारों के साथ नैटवर्किंग, एक अहम ताक़त साबित हुई है.”
उन्होंने सरकारों व दानदाताओं को देश में शान्ति स्थापना के लिए ज़रूरी बुनियादी ढाँचे को पहचानने व उसके लिए मदद देने का आग्रह किया.