एसडीजी प्राप्ति में युवजन की है महती भूमिका, मगर अनेक चुनौतियाँ भी
अन्तरराष्ट्रीय युवजन दिवस पर, सतत विकास लक्ष्यों तक महत्वाकांक्षी पहुँच की ख़ातिर, युवाओं के लिए उनकी मज़बूती व समानता की महत्ता पर ज़ोर दिया गया है.
अन्तरराष्ट्रीय युवजन दिवस हर वर्ष 12 अगस्त को मनाया जाता है. यह दिवस युवाओं से सम्बन्धित मुद्दों और सामाजिक भलाई के लिए एक शक्ति के रूप में युवजन की असाधारण सम्भावनाओं को उजागर करता है.
इस वर्ष इस दिवस की थीम है - From Clicks to Progress: Youth Digital Pathways for Sustainable Development.
इस दिवस पर, टिकाऊ विकास को आगे बढ़ाने में प्रोद्योगिकी का लाभ उठाने में युवजन की महती भूमिका पर ख़ास ध्यान दिया गया है.
यूएन महासभा ने 1991 में विश्व युवा मंच के ज़रिए यह दिवस मनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया था और यह दिवस मनाने की शुरुआत 1999 में हुई.
सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने युवजन द्वारा स्थानीय और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में डिजिटल उपकरणों का असरदार प्रयोग किए जाने की तरफ़ ध्यान आकर्षित करते हुए, युवा पीढ़ियों में “डिजिटल माहिरों” की प्रशंसा की है. इनमें चुनौतियों में जलवायु परिवर्तन, मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे शामिल हैं.
संयुक्त राष्ट्र के वर्ष 2022 के आँकड़ों से मालूम होता है कि डिजिटल अनुकूलन और नवाचार की अगुवाई अधिकतर 15 से 24 वर्ष के युवजन कर रहे हैं.
मगर फिर भी निम्न आय वाले देशों और महिलाओं में, साफ़ नज़र आने वाली विषमताएँ हैं, जिनमें महिलाओं को इंटरनैट की पहुँच नहीं होने जैसे मुद्दे भी हैं.
यूएन प्रमुख ने कहा है कि सतत विकास लक्षअयों की प्राप्ति के लिए, ऐसे विशाल परिवर्तन की ज़रूरत है जो डिजिटल खाइयों को पाटे, शिक्षा में निवेश, तार्किक सोच और सूचना साक्षरता को बढ़ावा दे.
साथ ही प्रौद्योगिकी उद्योग में लैंगिक पूर्वाग्रहों का मुक़ाबला किए जाने और डिजिटल समाधानों का दायरा बढ़ाने के लिए युवजन को प्रोत्साहित किए जाने की भी दरकार है.
एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि जैसे-जैसे कृत्रिम गुणवत्ता हमारी दुनिया को आकार दे रही है, ऐसे में युवजन को डिजिटल नीतियों व संस्थानों को आकार देने के काम में अग्रिम मोर्चे पर और केन्द्र में रखा जाना होगा.