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भारत: असम में भीषण बाढ़ से बड़ा नुक़सान, 85 लोगों की मौत

भारत के असम राज्य में काज़ीरंगा नेशनल पार्क में विचरण करते हाथी. (फ़ाइल फ़ोटो)
Gregoire Dubois
भारत के असम राज्य में काज़ीरंगा नेशनल पार्क में विचरण करते हाथी. (फ़ाइल फ़ोटो)

भारत: असम में भीषण बाढ़ से बड़ा नुक़सान, 85 लोगों की मौत

मानवीय सहायता

भारत के असम राज्य के कई ज़िलों में आई भीषण बाढ़ से हालात गम्भीर बने हुए हैं, हालांकि कुछ इलाक़ों में मामूली सुधार दर्ज किया गया है. इस आपदा में अब तक 85 लोगों की जान जा चुकी है और कुल 30 लाख से अधिक प्रभावित हुए हैं.

असम में पिछले कुछ दिनों में लगातार मूसलाधार बारिश होने से नदियों का जलस्तर बढ़ गया, जिससे कुछ ज़िले बाढ़ की चपेट में आ गए. केन्द्रीय जल आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ब्रहमपुत्र समेत कई अन्य नदियाँ अब भी राज्य में ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में भी कुछ इलाक़ों में मूसलाधार बारिश हुई है. अब तक, 27 ज़िलों में कुल 30 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और आम जनजीवन पर असर पड़ा है.

बाढ़, भूस्खलन, और तूफ़ान के कारण अब तक 85 लोगों की जान जा चुकी है, तीन हज़ार से अधिक गाँव डूब गए हैं और 49 हज़ार हैक्टेयर कृषि योग्य भूमि क्षतिग्रस्त हुई है.

धुब्री, सर्वाधिक प्रभावित ज़िला है, जहाँ साढ़े चार लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं, जिसके बाद कछाड़ और बारपेटा हैं. मगर जोरहाट, तेज़पुर, कामरूप, तिनसुकिया समेत कई अन्य ज़िलों में बाढ़ का प्रकोप है.

आरम्भिक आकलन के अनुसार, साढ़े तीन हज़ार से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, और सड़क मार्ग, संचार, टेलिफ़ोन, जल व बिजली आपूर्ति समेत अति-आवश्यक सेवाओं में व्यवधान आया है.

200 से अधिक छोटे-बड़े पशु, बाढ़ में बह गए हैं जबकि कुल 15 लाख से अधिक जानवर प्रभावित हुए हैं. काज़ीरंगा नेशनल पार्क में 114 पशुओं की मौत हुई है, जिनमें छह दुर्लभ गैंडे भी हैं.

इस राष्ट्रीय उद्यान में, विश्व में एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी बसती है, जो इस सदी की शुरुआत में विलुप्ति के कगार पर पहुँच गए थे.

यूएन मानवतावादी कार्यालय के अनुसार, स्थानीय प्रशासन द्वारा कुल 293 राहत केन्द्रों की व्यवस्था की गई है, जिनमें 53 हज़ार से अधिक लोगों को शरण मिली है. 361 राहत वितरण केन्द्र हैं, जिनके ज़रिये तीन लाख से अधिक ज़रूरतमन्दों को सामान मुहैया कराया गया है. 

वहीं, मणिपुर के इम्फाल घाटी क्षेत्र में बाढ़ से उपजे हालात में सुधार आया है और अधिकाँश स्थानों पर बाढ़ के बाद जलस्तर घट रहा है. सभी नदियाँ अब ख़तरे के निशान से नीचे बह रही हैं.

इस आपदा में 12 ज़िलों के 84 गाँवों में 26 हज़ार से अधिक लोग प्रभावित हुए, और दो लोगों की जान गई है. क़रीब ढाई हज़ार लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और उन्हें 42 राहत केन्द्रों में शरण मिली.