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उथल-पुथल के दौर में, तुर्कमेनिस्तान की ‘तटस्थता नीति’ की सराहना

तुर्कमेनिस्तान की राजधानी असगाबात में, सिटी सैंटर का एक नज़ारा.
© Unsplash/Dovlet
तुर्कमेनिस्तान की राजधानी असगाबात में, सिटी सैंटर का एक नज़ारा.

उथल-पुथल के दौर में, तुर्कमेनिस्तान की ‘तटस्थता नीति’ की सराहना

एसडीजी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश और तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति सरदार बेरदीमुहामेदोफ़ के बीच हुई मुलाक़ात में, इस विश्व संगठन और देश के बीच सहयोग, व मध्य एशिया में हो रहे क्षेत्रीय घटनाक्रम, मुख्य मुद्दा रहे हैं.

शनिवार को राजधानी अशगाबात में हुई इस मुलाक़ात में, यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, मध्य एशिया में रोकथाम कूटनीति के लिए संयुक्त राष्ट्र के क्षेत्रीय केन्द्र की बैठक अशगाबात में आयोजित करने के लिए, तुर्कमेनिस्तान की सराहना की है.

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यूएन महासचिव ने, साथ ही, देश विहीन लोगों को, नागरिकता नागरिक देने में तुर्कमेनिस्तान की दयालुता और सहृदयता की भी सराहना की है.

उन्होंने देश में संयुक्त राष्ट्र को एक नई इमारत मुहैया कराने के लिए भी राष्ट्रपति का शुक्रिया अदा किया.

क्षेत्रीय चुनौतियाँ

एंतोनियो गुटेरेश ने बाद में एक प्रैस वार्ता में पत्रकारों से कहा कि तुर्कमेनिस्तान, अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों में एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, विशेष रूप में संयुक्त राष्ट्र के साथ सहयोग करने में.

उन्होंने कहा, “मैं, उथल-पुथल वाले इस दौर में, तटस्थ रहने की, तुर्कमेनिस्तान की नीति की सराहना करता हूँ.”

यूएन महासचिव इन दिनों मध्य एशिया के दौरे पर हैं, जिस दौरान वो उज़बेकिस्तान, किरगिस्तान, कज़ाख़स्तान, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान की यात्रा कर रहे हैं.

इस क्षेत्र की उनकी पिछली यात्रा सात वर्ष पहले हुई थी. उन्होंने कहा कि उसके बाद से, यह क्षेत्र अनेक वैश्विक चुनौतियों की सामना करता रहा है, जिनमें कोविड-19 महामारी, बढ़ते भूराजनैतिक तनाव और सघन होते जलवायु संकट शामिल हैं.

संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता

यूएन प्रमुख ने ध्यान दिलाया कि तुर्कमेनिस्तान में, संयुक्त राष्ट्र रोकथाम कूटनैतिक क्षेत्रीय केन्द्र की स्थापना से, मध्य एशिया के लिए, इस विश्व संगठन की प्रतिबद्धता झलकती है.

यूएन महासचिव ने इस मौक़े पर ये भी ध्यान दिलाया कि मध्य एशिया के अन्य देशों की ही तरह, तुर्कमेनिस्तान भी किस तरह, सघन होते जलवायु संकटों के प्रभावों से उत्पन्न मुश्किलों का सामना कर रहा है.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अगर दुनिया को वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सैल्सियस की हद में रखना है तो, और भी अधिक महत्वाकांक्षी जलवायु कार्रवाई और कार्बन उत्सर्जन में कहीं अधिक कटौती की ज़रूरत है.

एंतोनियो गुटेरेश ने ध्यान दिलाया कि तुर्कमेनिस्तान ने, टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कामयाबियाँ हासिल की हैं और देश में संयुक्त राष्ट्र की टीम, अन्तरालों और जोखिमों की पहचान करने के लिए, सरकार के साथ सक्रिय सम्पर्क में है.

उन्होंने कहा, “टिकाऊ, समावेशी विकास को – आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक और नागरिक मानवाधिकारों की पूरी श्रंखला के लिए सम्मान के ज़रिए, और भी अधिक बढ़ाया जा सकता है.”

यूएन प्रमुख ने इस सम्बन्ध में, तुर्कमेनिस्तान की सरकार को, इस विश्व संगठन के मानवाधिकार प्रणालियों और सिफ़ारिशों के साथ सक्रिय सम्पर्क क़ायम रखने के लिए प्रोत्साहित भी किया.