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24 मई को मनाया गया प्रथम मारख़ोर दिवस

एक नर मारख़ोर. यह पाकिस्तान का राष्ट्रीय पशु है और भारत सहित मध्य व दक्षिण एशिया के अनेक देशों में पाया जाता है.
Unsplash/Andrey Sokolov
एक नर मारख़ोर. यह पाकिस्तान का राष्ट्रीय पशु है और भारत सहित मध्य व दक्षिण एशिया के अनेक देशों में पाया जाता है.

24 मई को मनाया गया प्रथम मारख़ोर दिवस

जलवायु और पर्यावरण

बकरी परिवार के एक वलयाकार सींगों वाले पशु - मारख़ोर की तरफ़ ध्यान आकर्षित करने के लिए, 24 मई को प्रथम विश्व मारख़ोर दिवस मनाया गया है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने गत 2 मई को, हर वर्ष 24 मई को विश्व मारख़ोर दिवस मनाए जाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था.

इस प्रस्ताव को पाकिस्तान सहित 8 देशों ने पेश किया था. मारख़ोर पाकिस्तान का राष्ट्रीय पशु है.

मारख़ोर मुख्य रूप से पाकिस्तान के गिलगित-बल्तिस्तान, चितराल, कलाश घाटी, हुन्ज़ा और बलोचिस्तान इलाक़ों में पाया जाता है.

यह पशु पाकिस्तान के अलावा भारत, अफ़ग़ानिस्तान, उज़बेकिस्तान, ताजिकिस्तान, के अलावा कुछ अन्य इलाक़े भी इस पशु का आवास हैं. 

यूएन महासभा के प्रस्ताव के अनुसार, इस दिवस को मनाने का उद्देश्य, मारख़ोर के संरक्षण की ख़ातिर अन्तरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने के लिए ध्यान आकर्षित करना है.

प्राकृतिक संसादनों के संरक्षण के लिए अन्तरराष्ट्रीय संगठन (IUCN) के अनुसार, मारख़ोर को विलुप्ति के निकट पहुँची एक प्रजाति माना जाता है.

मारख़ोर का संरक्षण

संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव में कहा गया है कि मारख़ोर मध्य और दक्षिण एशिया में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण जानवर है जिसके आवास का संरक्षण किया जाना, एक पारिस्थितिकी महत्व की अनिवार्यता है. 

ह पशु क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं के विकास में मदद कर सकता है, अन्य पशुओं के संरक्षण प्रयासों को बेहतर बना सकता है और टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा दे सकता है.

वर्ष 2014 के बाद से पाकिस्तान में मारख़ोर की संख्या में वृद्धि हुई है जो एक दशक में दोगुनी हो गई है.

इस दशक के दौरान मारख़ोर की संख्या किसी पिछले साल की तुलना में कम नहीं हुई है.

अनुमानों के अनुसार, पाकिस्तान में इस समय साढ़े तीन हज़ार से पाँच हज़ार के दरम्यान मारख़ोर मौजूद हैं, जिनमें से अधिक संख्या ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में पाई जाती है.