कोविड-19 ने जीवन प्रत्याशा में प्रगति का एक दशक कर दिया ख़त्म
विश्व स्वास्थ्य संगठन के नए आँकड़ों से मालूम होता है कि कोविड-19 स्वास्थ्य आपदा ने, जीवन प्रत्याशा में प्रगति का लगभग एक दशक उलट दिया, जिससे देशों के लिए एक ऐसी वैश्विक महामारी सन्धि पर सहमत होने की ज़रूरत उत्पन्न हो गई है जो भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित रख सके.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, वैश्विक स्वास्थ्य आपदा के शुरुआती वर्षों 2019 और 2021 के दौरान, दुनिया भर में जीवन प्रत्याशा में 1.8 वर्षों की गिरावट होकर ये 71. वर्षों पर पहुँच गई, जोकि वर्ष 2021 का स्तर था.
WHO के महानिदेशक डॉक्टर ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने इन आँकड़ों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, कोविड महामारी जैसी असाधारण स्वास्थ्य आपदाओं का सामना करने में, वैश्विक स्वास्थ्य प्रगति की निर्बलता की तरफ़ ध्यान आकर्षित किया.
कोविड-19 महामारी के कारण दुनिया भर में 70 लाख से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं.
उन्होंने कहा, “कोविड-19 महामारी ने केवल दो वर्षों में, जीवन प्रत्याशा में एक दशक की प्रगति को मिटा दिया. इसलिए नया महामारी समझौता बहुत महत्वपूर्ण है: ना केवल वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में दीर्घकालीन निवेश को संरक्षित करने और देशों के भीतर और उनके बीच समता को बढ़ावा देने के लिए भी.”
क्षेत्रीय अन्तर
क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो अमेरिका द्वीप और दक्षिण-पूर्वी एशिया क्षेत्र में कोरोनावायरस का सबसे अधिक प्रभाव हुआ, जहाँ जीवन प्रत्याशा में लगभग तीन वर्षों की गिरावट हुई.
इसके उलट, पश्चिमी प्रशान्त क्षेत्र के देशों में, कोविड-19 महामार के प्रथम दो वर्षों के दौरान सबसे कम प्रभाव हुआ, जहाँ जीवन प्रत्याशा और स्वास्थ्य जीवन प्रत्याशा में मामूली नुक़सान हुआ.
WHO के 2024 विश्व स्वास्थ्य आँकड़े दिखाते हैं कि कोविड-19 महामारी, वर्ष 2020 में दुनिया भर में लोगों की मौतों की तीसरा सबसे बड़ा कारण थी और उसके एक साल बाद दूसरा सबसे बड़ा कारण.