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केनया: घातक बाढ़ से निपटने में, यूएन की सहायता व प्रतिबद्धता

केनया के बाढ़ प्रभावित कुछ इलाक़ों में, सरकार ने राहत सामग्री वितरित की जिसमें संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों की सहायता व समर्थन भी शामिल रहे.
UNRCO/ Fredbrannen Obadha केनया के बाढ़ प्रभावित कुछ इलाक़ों में, सरकार ने राहत सामग्री वितरित की जिसमें संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों की सहायता व समर्थन भी शामिल रहे.

केनया: घातक बाढ़ से निपटने में, यूएन की सहायता व प्रतिबद्धता

जलवायु और पर्यावरण

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने केनया में कई सप्ताहों की बारिश के बाद आई घातक बाढ़ों के मद्देनज़र, देश को समर्थन व सहायता जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है.

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने सोमवार को यूएन मुख्यालय में पत्रकारों को बताया कि यूएन प्रमुख केनया की राजधानी नैरोबी और देश के कुछ अन्य इलाक़ों में अचानक आई बाढ़ से हुए जान-माल के नुक़सान पर दुख प्रकट किया है.

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यूएन प्रमुख ने पीड़ितों के परिजन के साथ-साथ, देश के लोगों और वहाँ की सरकार के साथ भी, शोक संवेदना और एकजुटता व्यक्त की है

केनया के पश्चिमी क्षेत्र में राहत और बचावकर्मी माई माहियू नामक इलाक़े में एक बांध फट जाने के बाद, जीवितों की तलाश कर रहे थे. अन्तरराष्ट्रीय मीडिया ख़बरों के अनुसार, इस घटना में कम से कम 35 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

केनया में मार्च (2023) में भारी बारिश शुरू हुई थी, जिसके कारण देश भर में 100 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.

इससे पहले वर्ष 2023 के अन्त में भी इसी तरह की औचक बाढ़ आई थी जिसमें लगभग छह लाख लोग प्रभावित हुए थे.

एकजुटता और समर्थन

केनया में संयुक्त राष्ट्र के रैज़िडैंट कोऑर्डिनेटर डॉक्टर स्टीफ़न जैकसन ने भी देश की सरकार के साथ एकजुटता व्यक्त की है.

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी – UNHCR ने लगभग 300 परिवारों को कुछ सहायता उपलब्ध कराई है, जिसमें भोजन सामग्री, सोने के लिए गद्दे, कम्बल, पानी के टैंक, मच्छरदानियाँ और पुनर्निर्माण में काम आने वाला सामान शामिल है.

डॉक्टर स्टीफ़न जैकसन ने बताया, “हम तात्कालिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए क़दम उठा रहे हैं. हमें सबसे अधिक चिन्ता में डालने वाली बात ये है कि केनया इस समय एक ऐसी जलवायु आपदा का सामना कर रहा है, जिसमें उसका कोई हाथ नहीं है; जिसमें सूखा और बाढ़ शामिल हैं.”

धरातल पर मौजूद यूएन टीमें, राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय साझीदारों के साथ मिलकर काम कर रही हैं और लगभग 25 हज़ार लोगों तक खाद्य सामग्र और अन्य सामान पहुँचाया है.

इस बीच, केनया में यूएन शरणार्ती एजेंसी ने कहा है कि भारी बारिश ने, देश के उत्तरी क्षेत्र में स्थित दादाब शरणार्थी शिविरों में गम्भीर बाढ़ और उसके कारण विस्थापन के हालात पैदा कर दिए है.

केनया में UNHCR की प्रतिनिधि कैरोलीन वान बूरेन ने सोशल मीडिया मंच पर लिखा है, “बहुत से शरणार्थियों को अपने घरों से विस्थापित होना पड़ा है. ये लोग स्कूलों और ऊँचे स्थलों पर शरण लिए हुए थे.”

यूएन शरणार्थी एजेंसी, लोगों को सरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए, स्थानीय सरकारी अधिकारियों के साथ तालमेल कर रही है.