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 ‘ला रोलिटा’ के लिए बस चलाना, कई महिलाओं का पहला स्थाई रोज़गार है.

कोलम्बिया: विद्युत चालित बसों से जलवायु कार्रवाई व रोज़गार सृजन में मदद

© La Rolita/Xiomi Garzon
‘ला रोलिटा’ के लिए बस चलाना, कई महिलाओं का पहला स्थाई रोज़गार है.

कोलम्बिया: विद्युत चालित बसों से जलवायु कार्रवाई व रोज़गार सृजन में मदद

महिलाएँ

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूनेप) ने जर्मनी के सहयोग से एक नवीन परियोजना शुरू की, जिसके तहत लातिन अमेरिका व कैरेबियन के 6 देशों की विद्युत परिवहन प्रणाली में लिंग-समावेशी बदलाव सुनिश्चित करने, महिलाओं के लिए रोज़गार पैदा करने तथा सार्वजनिक परिवहनके ज़रिए उनकी ज़रूरतें पूरा करने के प्रयास शुरू किए गए. 2023 में कोलम्बिया इस परियोजना का हिस्सा बना, जिससे देश में परिवर्तन की नई बयार बह उठी है. 

एक साल पहले, कोलम्बिया के बोगोटा की निवासी निदिया सेली ने सड़क पर एक चमकीले हरे रंग की बस देखी, जिसकी चालक एक महिला थी. कुछ ही समय पहले सेली के पति की कोविड-19 के कारण मौत हो गई थी और वो एक डिलीवरी ड्राइवर के रूप में काम करके, अपनी दो किशोर बेटियों का भरण-पोषण कर रही थीं.

बस की महिला चालक को देखकर उनके मन में उम्मीद जगी. कोलम्बिया में कभी-कभार ही महिला बस चालक दिखाई देती हैं. सेली को यह भी पता चला कि इस वाहन का संचालन, बोगोटा की एक सार्वजनिक परिवहन कम्पनी 'ला रोलिटा' (La Rolita) द्वारा किया जाता है, जिसका पूरा बेड़ा इलैक्ट्रिक यानि बिजली-चालित है.

अन्तत: लगभग 18 महीने बाद, सेली को उन चमकीली हरी बसों में से एक की चालक के तौर पर रोज़गार मिल गया. यह उनकी पहली पक्की नौकरी थी.उन्होंने बताया, "मैं ऐसी बेहतरीन कम्पनी में आकर बहुत ख़ुश हूँ, जहाँ मुझे समर्थन और भरोसे का अहसास होता है. मैं आभारी हूँ कि अब मैं अपनी बेटियों को बेहतर भविष्य दे सकूँगी."

आज सेली, ‘ला रोलिटा’ की 195 बसों के बेड़े की ज़िम्मेदारी सम्भालने वाली 479 महिला बस ड्राइवरों में से हैं. यह कम्पनी, दो कारणों से अहम है: एक तो यह दुनिया में पूर्ण रूप से विद्युत चालित सार्वजनिक परिवहन कम्पनियों में से है. 

दूसरे यहाँ महिलाओं को काम पर रखने को प्राथमिकता दी जाती है. ‘ला रोलिटा’ का 50 प्रतिशत से अधिक कार्यबल और 60 प्रतिशत से अधिक ड्राइवर महिलाएँ हैं. पर्यवेक्षकों का कहना है कि कई मायनों में ‘ला रोलिटा,’ ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और लैंगिक असमानता से जूझ रहे विश्व के लिए एक अनूठा मॉडल है.

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूनेप) के सतत परिवहन विभाग के प्रमुख, रॉब डे जोंग कहते हैं, "बिजली-चालित परिवहन में महिलाओं की भागेदारी और नेतृत्व को बढ़ाना एक स्वस्थ, समृद्ध एवं स्थाई परिवहन व स्वच्छ ऊर्जा की ओर उत्कृष्ट बदलाव सुनिश्चित करने के लिए अहम है." 

यूएन एजेंसी, कोलम्बिया की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को लैंगिक रूप से अधिक समावेशी बनाने पर केन्द्रित एक परियोजना की अगुवाई कर रही है.

सेली, ‘ला रोलिटा’ की 195 बसों का बेड़ा चलाने वाली 479 महिला बस ड्राइवरों में से एक हैं.
© La Rolita/Xiomi Garzon

कार्बन उत्सर्जन की चुनौती 

वैश्विक परिवहन क्षेत्र, कार्बन डाइऑक्साइड के 15 प्रतिशत उत्सर्जन के लिए ज़िम्मेदार है. ये ग्रीनहाउस गैस, जलवायु परिवर्तन की एक बड़ी वजह है. इस क्षेत्र में सालाना 8.1 गीगाटन उत्सर्जन होता है, और यह किसी भी अन्य सैक्टर के मुक़ाबले तेज़ी से बढ़ रहा है. 

वैश्विक दक्षिण गोलार्द्ध में स्थित देशों में हो रही वृद्धि से, 2050 तक उत्सर्जन के दोगुना होने का अनुमान है.

इस प्रकार के उत्सर्जन की रोकथाम, जलवायु परिवर्तन से निपटने हेतु बहुत अहम है. अन्य नीतियों के अलावा, विद्युत वाहनों के उपयोग व सार्वजनिक परिवहन के व्यापक उपयोग को बढ़ावा और शहरों को इस तरह डिज़ाइन करने की ज़रूरत होगी, जिससे ज़्यादा सफ़र करने की ज़रूरत ही न पड़े. इन क़दमों से, परिवहन सैक्टर से होने वाला सारा उत्सर्जन, 50 प्रतिशत से अधिक कम किया जा सकता है.

लातिन अमेरिका के शहर बड़ी संख्या में विद्युत चालित परिवहन को अपना रहे हैं. इलैक्ट्रिक बसों के उपयोग पर नज़र रखने वाले एक ऑनलाइन मंच, ई-बस रडार के अनुसार, इस क्षेत्र में पाँच हज़ार से अधिक ई-बसें हैं, जो यहाँ चलने वाली सारी बसों का लगभग 6 प्रतिशत हिस्सा है. कोलम्बिया में 11 प्रतिशत बसें इलैक्ट्रिक हैं. 

बोगोटा और पड़ोसी शहर सोआचा  में बस रैपिड ट्रान्ज़िट प्रणाली TransMillenio की प्रबन्धक, मारिया फ़र्नांडा ऑर्टिज़ के अनुसार, देश की राजधानी, बोगोटा में, 1,485 इलैक्ट्रिक बसें हैं. 

कोलम्बिया के बोगोटा शहर में 195 इलैक्ट्रिक बसें चलाने वाली La Rolita कम्पनी में लगभग 480 महिला चालक कार्यरत हैं.
© La Rolita/Xiomi Garzon

महिला सशक्तिकरण 

महिलाओं को रोज़गार देने के ‘ला रोलिटा’ के लक्ष्य ने, जैसिका मॉस्किरा का मानो जीवन ही बदल दिया है. किशोरावस्था में घर छोड़ने के बाद, वो छोटी उम्र में ही माँ बन गईं और एक दशक से अधिक समय तक परिवार के भरण-पोषण के लिए संघर्ष करती रहीं. लेकिन ‘ला रोलिटा’ में बस चालक के रूप में कामकाज मिलने पर हालात बदले. सितम्बर 2023 में, उन्हें ड्राइविंग कौशल के प्रमाणन हेतु एक प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ. 

उन्होंने अपनी दो बेटियों और अपने परिवार के साथ इसका जश्न मनाया.एक समय था, जब जैसिका मॉस्किरा अपनी बेटियों की कस्टडी खो देने वाली थीं. वो बताती हैं, “मेरा जीवन अन्धकारमय हो गया था. लेकिन मैं अब अपने बच्चों को बेहतर भविष्य प्रदान कर सकती हूँ और उन्हें दिखा सकती हूँ कि जीवन में दूसरे अवसर भी मिलते हैं."

पहले एक वेटर के रूप में काम करने वाली मारिया यूगेनिया सिल्वा, 2022 में ‘ला रोलिटा’ में शामिल हुईं. उनका कहना है कि कम्पनी द्वारा महिला कर्मचारियों को लचीले घंटों में काम करने की सुविधा के कारण उन्हें एक आदर्श कार्य-जीवन सन्तुलन मिल सका है.

सिल्वा का कहना है कि यात्रीगण भी कम्पनी में लैंगिक-विविधता रणनीति से ख़ुश हैं: "लोग एक महिला को बस चलाते हुए देखकर सराहना करते हैं. वो कहते हैं कि हम लोग उनका मुस्कुराहट के साथ स्वागत करते हैं."

लातिन अमेरिका के शहर बड़ी संख्या में विद्युत परिवहन अपना रहे हैं. इस क्षेत्र में 5,084 ई-बसें हैं, जो यहाँ चलने वाली कुल बसों का लगभग 6 प्रतिशत हिस्सा है.
© La Rolita/Xiomi Garzon

लैंगिक समानता की ओर 

विश्व स्तर पर, परिवहन क्षेत्र में 20 प्रतिशत से भी कम महिलाएँ कार्यरत हैं, लेकिन कोलम्बिया में इस क्षेत्र में अहम प्रगति हुई है.

लातिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र के लिए यूनेप निदेशक, जुआन बैलो कहते हैं, "स्थाई विकास के पर्यावरणीय आयाम को आगे बढ़ाने के लिए लैंगिक समानता बेहद अहम है. सतत विकास तभी हासिल होगा, जब हर किसी के पास आवाज़ और एक हरित एवं न्यायपूर्ण विश्व की दिशा में पूर्ण योगदान करने का अवसर होगा."

यूनेप समर्थित लैंगिक-विविधता परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ये जानकारी जुटाना है कि महिलाओं की आवाजाही के लिए सुविधाएँ कितनी सुलभ हैं, सुरक्षा के बारे में उनकी क्या धारणा हैं और लैंगिक दृष्टि से परिवहन नीतियाँ कितनी सफल हैं. 

यह पहल, यूनेप के नेतृत्व वाले Global Electric Mobility Programme का हिस्सा है, जो 60 निम्न और मध्यम आय वाले देशों को विद्युत परिवहन की दिशा में बदलाव हेतु मदद देता है. इस कार्यक्रम के तहत, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता से दूर होकर बदलाव की ओर रुख़ करने के प्रयासों के लिए, राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर 13 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक का अनुदान व अन्य ऋण राशि प्रदान की गई है.

यह बदलाव लातिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यहाँ समस्त कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन का 40 प्रतिशत हिस्सा, परिवहन क्षेत्र से आता है.

यह लेख पहले यहाँ प्रकाशित हुआ.