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आपबीती: जापानी क़स्बे ने निकाला, कम अपशिष्ट समाज का रास्ता

जापान के ओसाकी क़स्बे में, कूड़ा घर का आसमानी दृश्य.
UNIC Tokyo/Ichiro Mae
जापान के ओसाकी क़स्बे में, कूड़ा घर का आसमानी दृश्य.

आपबीती: जापानी क़स्बे ने निकाला, कम अपशिष्ट समाज का रास्ता

जलवायु और पर्यावरण

जापान के दक्षिण-पश्चिमी इलाक़े – ओसाकी में जब एक कूड़ाघर पूरी तरह भर गया तो उस कूड़े को भस्म करके राख बनाने के लिए एक विशाल भट्टी बनाने का विकल्प ही तार्किक नज़र आया. मगर इसके बदले, उस क़स्बे ने रीसायकलिंग के बार में गम्भीर रुख़ अपनाने का निर्णय लिया. 30 मार्च को मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस के अवसर पर, ओसाकी की पार्षद कसूमी फ़ूजीता ने, यूएन न्यूज़ को बताया कि उन्हें किस बात से प्रेरणा मिली.

जापान के ओसाकी क़स्बे में, आम लोग रीसायकलिंग में गहरी दिलचस्पी लेने लगे हैं.
UNIC Tokyo/Ichiro Mae

कसूमी फ़ूजीता, वर्ष 2021 में स्थानीय नगरपालिका, व्यवसाय सैक्टर और स्थानीय समुदाय के साथ काम करने के लिए पहुँची थीं और उनका उद्देश्य, ओसाकी क़स्बे को एक अधिक टिकाऊ भविष्य की की ख़ातिर तैयार करने में मदद करना था. 

आज लगभग 12 हज़ार की आबादी वाला ओसाकी क़स्बा, अपने यहाँ उत्पन्न होने वाले अपशिष्ट यानि कूड़े का 80 प्रतिशत हिस्सा रीसायकल यानि पुनर्चक्रण करता है. 

इस तरह ये क़स्बा, कूड़े को जलाकर भस्म करने के लिए विशाल भट्टी बनाने से बच गया. कसूमी फ़ूजीता कहती हैं...

“मैं सदैव से ही जलवायु संकट से सम्बन्धित किसी क्षेत्र में काम करना चाहती थी, और बहुत मज़बूती से यह महसूस करती थी कि मुझे उस बारे में क़दम उठाना होगा. इसीलिए मैं ओसाकी में पहुँची. 

यहाँ अपशिष्ट 27 विभिन्न श्रेणियों में छाँटा जाता है. 

चूँकि कोई अपशिष्ट भट्टी नहीं है, इसलिए केवल नीले बोरों को ही भस्म किए बिना, सीधे कूड़ा घर में भेजा जाता है. अन्य 26 श्रेणियों वाले बोरों को छाँटकर, उचित तरीक़े से उन्हें रीसायकल किया जाता है.

उदाहरण के लिए, प्लास्टिक को विभिन्न श्रेणियों में छाँटा जाता है और उसके बाद उसे दबाकर बाँध दिया जाता है. फिर दबे हुए प्लास्टिक कूड़े को, देश भर में रीसायकलिंग फ़ैक्टरियों में भेज दिया जाता है.

हम सभी कुछ ना कुछ ठोस कर सकते हैं

खाद्य अपशिष्ट सप्ताह में तीन बार, नीली बाल्टी में एकत्र किया जाता है. फिर उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में कूट दिया जाता है. कटे-टूटे पौधों को भी यहाँ लाया जाता है, और उन्हें खाद्य अपशिष्ट में मिला दिया जाता है. 

कटे-टूटे पौधों में बहुत से देसी सूक्ष्म तत्व यानि microorganisms होते हैं. जब सड़ या गल जाते हैं तो वो अपशिष्ट एक अच्छी खाद का रूप ले लेता है और उसका लगभग पूरा हिस्सा ही, ओसाकी के खेतों में प्रयोग होता है.

मेरे विचार में प्रक्रिया बहुत सरल है और इसे दुनिया भर में कहीं भी प्रयोग किया जा सकता है. दरअसल, हमारी प्रक्रिया को इंडोनेशिया में शुरू किया गया है.

ओसाकी के टाउन अधिकार और रीसायकलिंग केन्द्र के कर्मचारी, खाद्य अपशिष्ट को छाँटने और उसकी खाद बनाने की तकनीक दिखाने के लिए, इंडोनेशिया गए. यह प्रक्रिया एक ऐसी समस्या का समाधान बन सकती है जिसका सामना, बहुत से विकासशील देश, इस समय कर रहे हैं.

मैं बड़ी शिद्दत से यह मानती हूँ कि लोगों को उस प्रक्रिया के बारे में ज़रूर अधिक जानकारी हासिल करनी चाहिए कि हमारे इस्तेमाल के बाद, चीज़ों का हाल क्या होता है, और अपशिष्ट प्रबन्धन या रीसायकलिंग का मुद्दा कितना जटिल है. ऐसा करके लोग, यह समझ सकेंगे कि अपशिष्ट या कूड़े को दरअसल कम किया जा सकता है.

कारोबारों और स्थानीय सरकारों को भी इस स्थिति को समझना होगा. हमें ठोस परिणाम हासिल करने के लिए, हर किसी को सक्रिय और प्रेरित करना होगा.”

जापान के ओसाकी क़स्बे में, काउंसिलर कसूमी फूजीता ने, रीसायकलिंग को एक नया रूप देने में अहम भूमिका निभाई है.
UNIC Tokyo/Ichiro Mae