ग़ाज़ा व यूक्रेन में जारी युद्ध के मद्देनज़र, यूएन प्रमुख ने दोहराई शान्ति पुकार
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, ग़ाज़ा में युद्धविराम और यूक्रेन में शान्ति की अपनी पुकारें, गुरूवार को फिर दोहराई हैं. उन्होंने आज की अस्तव्यस्त वैश्विक व्यवस्था और ऐसे किसी भी देश या सशस्त्र गुट पर भी निशाना साधा है जो यह सोचते हैं कि “वो अपनी इच्छानुसार कुछ भी कर सकते हैं क्योंकि कोई जवाबदेही नहीं है”.
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार को ब्रसेल्स में योरोपीय परिषद के सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा, “जब हम एक अस्तव्यस्त दुनिया में रहते हैं तो सिद्धान्तों का पालन करना आवश्यक है और सिद्धान्त स्पष्ट हैं: यूएन चार्टर, अन्तरराष्ट्रीय क़ानून, देशों की क्षेत्रीय अखंडता और अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून.”
उन्होंने कहा, “इसी कारण से हमारा मानना है कि यूक्रेन में शान्ति स्थापित करना अनिवार्य है... (और) इसी कारण से ग़ाज़ा में भी एक युद्धविराम की आवश्यकता है.”
एंतोनियो गुटेरेश ने एक संक्षिप्त प्रैस वार्ता में, 7 अक्टूबर को इसराइल में हमास द्वारा किए गए हमलों की भी निन्दा की जिसमें 1200 इसराइली और विदेशी लोग मारे गए थे.
उन्होंने साथ ही चेतावनी भी जारी करते हुए कहा कि “हम ग़ाज़ा में इस स्तर पर आम लोगों की मौतें देख रहे हैं जो महासचिव के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान पहले कभी नहीं देखी गईं”.
भुखमरी की चेतावनी
विश्व स्वास्थ्य संगठन – WHO के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने, यूए प्रमुख की टिप्पणी को दोहराते हुए, ग़ाज़ा में लगभग छह महीने के युद्ध के बाद, ऐसे “बहुत से” बच्चों और किशोरों की पीड़ा को रेखांकित किया है, जो गम्भीर रूप से घायल अवस्था में अस्पतालों में पड़े हैं, या “भुखमरी” का शिकार हो रहे हैं.
डॉक्टर टैड्रॉस ने सोशल मीडिया पर अपने सन्देश में एक वीडियो क्लिप भी साझा की है जिसमें अल-शिफ़ा अस्पताल में रफ़ीक़ नामक एक किशोर को दिखाया गया जिसे ग़ाज़ा सिटी में उसके घर के मलबे में से निकाला गया और जिसके अंग काटने पड़े हैं.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, यह वीडियो 17 मार्च को बनाई गई, जिसमें इस लड़के का इलाज कर रहे डॉक्टर का कहना है कि ग़ाज़ा के ज़्यादातर उत्तरी इलाक़े में ऐसा भोजन उपलब्ध नहीं है जिसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन और खनिज शामिल हों.
इस डॉक्टर का कहना है कि इस लड़के के अलावा, बहुत से माता-पिता ने ख़बर दी है कि उनके बच्चे, ग़ाज़ा के ज़रूरत से ज़्यादा भीड़ वाले और सुविधाओं के अभाव वाले अस्पतालों में समुचित चिकित्सा देखभाल नहीं मिलने के कारण, कुपोषण के कारण मौत के मुँह में चले गए.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा है कि वो ग़ाज़ा के अल-शिफ़ा अस्पताल में चिकित्सा सामान की आपूर्ति, 11 मार्च को कर पाई थी.
मीडिया ख़बरों के नुसार, इसराइली सेना ने अल-शिफ़ा अस्पताल में सोमवार को छापेमारी शुरू की थी, जो गुरूवार को चौथे दिन भी जारी थी.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रॉस ने कहा, “ये बच्चे जिस पीड़ा से गुज़र रहे हैं, उसके लिए इतिहास हमें ज़िम्मेदार ठहराएगा.”
“युद्धविराम! निर्बाध और बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता की आपूर्ति के लिए तत्काल अनुमति मिले.”
स्वास्थ्य सेवा ठिकानों पर हमले
ग़ाज़ा में खाद्य असुरक्षा के बारे में, सोमवार को, एक यूएन समर्थित विश्लेषण में चेतावनी दी गई थी कि ग़ाज़ा में इस समय लगभग 11 लाख लोग, खाद्य संकट और भुखमरी के विपदा स्तर का सामना कर रहे हैं, और उत्तरी ग़ाज़ा में, अब से लेकर मई के दौरान कभी भी अकाल पड़ सकता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के नवीनतम आँकड़े दिखाते हैं कि ग़ाज़ा में, 7 अक्टूबर के बाद से, स्वास्थ्य देखभाल ठिकानों पर 410 हमले किए गए हैं. इन हमलों में सैकड़ों लोगों के मारे जाने और 100 से अधिक स्वास्थ्य ठिकानों के तबाह होने की ख़बरे हैं. इनमें 100 से अधिक ऐम्बुलेंसों को भी नुक़सान पहुँचा.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी, पश्चिमी तट में, 7 अक्टूबर के बाद से, स्वास्थ्य सेवा ठिकानों पर 403 हमले दर्ज किए हैं.
संयुक्त राष्ट्र की राहत समन्वय एजेंसी – OCHA ने, ग़ाज़ा पट्टी के स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से कहा है कि इसराइल द्वारा की जा रही भीषण बमबारी में लगभग 31 हज़ार 200 लोग मारे गए हैं और 74 हज़ार से अधिक घायल हुए हैं.
इसराइल सेना के अनुसार, 27 अक्टूबर को शुरू हुए ज़मीनी हमले के बाद से, उसके 251 सैनिक मारे गए हैं.
भोजन: युद्ध का हथियार
इस, फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए यूएन सहायता एजेंसी – UNRWA के मुखिया फ़िलिपे लज़ारिनी ने, ग़ाज़ा में मानवीय सहायता सामग्री की विशाल स्तर पर आपूर्ति किए जाने की पुकार दोहराई है.
फ़िलिपे लज़ारिनी ने, उत्तरी ग़ाज़ा में, “मानव-निर्मित अकाल” की निन्दा करते हुए ज़ोर दिया कि सबसे आसान सहायता कार्रवाई ये होगी कि पूरे ग़ाज़ा में सभी ज़मीनी प्रवेश द्वार खोल दिए जाएँ.
उन्होंने कहा, “ग़ाज़ा में भरपूर खाद्य सामग्री भेजा जाना आसान है, मौजूदा स्थिति को पूरी तरह बदल देना आसान है और मेरा मानना है कि ये हमारी सामूहिक मानवताक पर एक सामूहिक धब्बा है कि एक ऐसी स्थिति, हमारी आँखों के सामने कृत्रिम रूप से उत्पन्न हो रही है.”
UNRWA के महाआयुक्त ने इसराइल और हमास से, एक युद्धविराम पर सहमत होने और बन्धकों की रिहाई के लिए सहमत होने की व्यापक पुकारें दोहराई हैं.
उन्होंने कहा, “यह एक प्राथमिकता होना चाहिए मगर इस बीच भोजन को, युद्ध के हथियार के रूप में प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए.”