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पूर्वी काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में फिर से लड़ाई भड़कने पर चिन्ता

डीआरसी के उत्तरी किवू प्रान्त के गोमा नगर में विस्थापित एक लड़का.
© UNICEF/Jospin Benekire
डीआरसी के उत्तरी किवू प्रान्त के गोमा नगर में विस्थापित एक लड़का.

पूर्वी काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में फिर से लड़ाई भड़कने पर चिन्ता

शान्ति और सुरक्षा

पूर्वी काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) के लिए संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षा मिशन (MONUSCO) ने, देश में नए सिरे से टकराव बढ़ने की ख़बरों के बीच, एम23 नामक विद्रोही गुट के लड़ाकों से आक्रमण रोकने की अपील की है. इस बीच, डीआरसी में हालात के मुद्दे पर चर्चा के लिए मंगलवार को सुरक्षा परिषद की बैठक हो रही है.

यूएन मिशन ने विद्रोही गुट से ‘लुआंडा रोडमैप’ का सम्मान करने का भी आग्रह किया है. वर्ष 2022 में इस समझौते पर अंगोला, डीआरसी और रवांडा ने हस्ताक्षर किए थे, जोकि देश में हिंसा प्रभावित पूर्वी हिस्से में शान्ति स्थापना पर केन्द्रित है.

दिसम्बर 2023 में, यूएन सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पारित होने के बाद MONUSCO ने तीन चरणों में देश से मिशन वापसी की प्रक्रिया शुरू की है, जिसके तहत, डीआरसी सरकार को इस वर्ष चरणबद्ध ढंग से दायित्व सौंपा जाएगा.

हाल के दिनों में, डीआरसी के सरकारी सुरक्षा बलों और एम23 गुट के लड़ाकों में ताबड़तोड़ लड़ाई व बमबारी हुई है, जिससे इस क्षेत्र में लाखों विस्थापितों के लिए हालात और गम्भीर हो गए हैं.

पूर्वी डीआरसी में देश की सीमाओं के भीतर विस्थापित आठ लाख लोग हैं, जिनकी गुज़र-बसर के लिए सीमित स्तर पर संसाधन उपलब्ध हैं. वहीं, उत्तरी किवू प्रान्त में 25 लाख अन्य विस्थापित हैं.

हिंसक टकराव के बीच, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने आगाह किया था कि डीआरसी को विनाशकारी बाढ़ से जूझना पड़ रहा है.

इस आपदा में अब तक एक लाख घर, 1,325 स्कूल, 267 स्वास्थ्य केन्द्र और बड़े पैमाने पर कृषि भूमि ध्वस्त या क्षतिग्रस्त हो चुकी है.

भीषण बाढ़ से कम से कम 20 लाख लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है, जिनमें लगभग 60 फ़ीसदी बच्चे हैं.

यूएन शान्तिरक्षक, पूर्वी डीआरसी के गोमा शहर में गश्त लगा रहे हैं.
MONUSCO/Kevin N. Jordan
यूएन शान्तिरक्षक, पूर्वी डीआरसी के गोमा शहर में गश्त लगा रहे हैं.

सुरक्षा समर्थन की दरकार

इस बीच, यूएन शान्तिरक्षा ने डीआरसी में सुरक्षा बलों के लिए अपने समर्थन को जारी रखा है, जिसके तहत उत्तरी किवू प्रान्त के दो अहम नगरों, साके और गोमा को जाने वाले मुख्य मार्गों की रक्षा सुनिश्चित की गई है.

साके और गोमा में बिगड़ते सुरक्षा हालात के कारण, यूएन मिशन ने अतिरिक्त संख्या में शान्तिरक्षकों की तैनाती की है.

पिछले सप्ताहान्त, यूएन मिशन ने उत्तरी किवू प्रान्त में डीआरसी सुरक्षा बलों के समन्वयक से मुलाक़ात की थी ताकि साके और गोमा की रक्षा के लिए संयुक्त सैन्य योजना तैयार की जा सके.

यूएन शान्तिरक्षक लड़ाई से जान बचाने के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित इलाक़ों की ओर रुख़ करने वाले आम नागरिकों को समर्थन प्रदान करने के प्रयास जारी रखे हैं. 

MONUSCO ने हाल के दिनों में शान्तिरक्षकों के विरुद्ध जानबूझकर ग़लत जानकारी फैलाए जाने की घटनाओं पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है, जिसकी वजह से उनके लिए अपने दायित्व का निर्वहन कर पाना कठिन हो साबित रहा है.