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वैश्विक स्तर पर 1.4 अरब बच्चे बुनियादी सामाजिक सुरक्षा से वंचित

पाकिस्तान के सिंध प्रांत के खैरपुर में विनाशकारी बाढ़ से विस्थापित हुए बच्चे एक अनौपचारिक शिक्षण केंद्र में पढ़ाई कर रहे हैं।
© UNIC Pakistan कम आय वाले देशों में 10 में से 1 से भी कम बच्चों को बाल लाभ हासिल हैं, जो उच्च आय वाले देशों में बच्चों को प्राप्त कवरेज की तुलना में एक बड़ी असमानता उजागर करता है.

वैश्विक स्तर पर 1.4 अरब बच्चे बुनियादी सामाजिक सुरक्षा से वंचित

एसडीजी

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) और यूनीसेफ़ की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि, कम आय वाले देशों में, 10 में से 1 से भी कम बच्चों को, बाल कल्याण योजनाओं तक पहुँच हासिल है, जिससे बीमारी, शिक्षा अन्तराल, ख़राब पोषण, ग़रीबी और असमानता के प्रति उनकी संवेदनशीलता बढ़ जाती है.

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO), यूनीसेफ़ और 'सेव द चिल्ड्रन' संस्था ने संयुक्त रूप से बुधवार को नए आँकड़े जारी किए जिनके अनुसार, वैश्विक स्तर पर, 16 वर्ष से कम आयु के एक अरब 40 करोड़ बच्चे, किसी भी तरह की सामाजिक सुरक्षा से वंचित हैं, जिससे वो बीमारी, कुपोषण एवं ग़रीबी की चपेट में आ जाते हैं.

कम आय वाले देशों में 10 में से 1 से भी कम बच्चों को बाल लाभ हासिल हैं, जो उच्च आय वाले देशों में बच्चों को प्राप्त कवरेज की तुलना में एक बड़ी असमानता को उजागर करता है. 

बाल लाभ सामाजिक सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण रूप है, जिसका उद्देश्य बच्चों के दीर्घकालिक कल्याण को बढ़ावा देना है. नक़द या कर क्रेडिट के रूप में वितरित, बाल लाभ, ग़रीबी को कम करने के साथ-साथ स्वास्थ्य देखभाल, पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पानी और स्वच्छता तक पहुँच के लिए आवश्यक हैं. इसके अलावा, इन लाभों से ख़ासतौर पर संकट की स्थिति में सामाजिक-आर्थिक विकास में मदद पहुँचती है.

कई बच्चे ग़रीबी से बचने के लिए आवश्यक बुनियादी संसाधनों और सेवाओं से वंचित हैं और इसलिए वे खाद्य अभाव, कुपोषण और पूर्ण क्षमता न हासिल करने जैसे दीर्घकालिक कारणों से प्रभावित होते हैं. तीनों संगठनों ने, सरकारों से यह सुनिश्चित करने का आहवान किया है कि सभी बच्चों को सार्वभौमिक बाल लाभ सहित सामाजिक सुरक्षा तंत्र द्वारा संरक्षित किया जाए.

आँकड़ों से पता चलता है कि 14 वर्षों की अवधि में बाल लाभ तक पहुँच में मामूली वैश्विक वृद्धि हुई है, जो 2009 के 20 प्रतिशत से बढ़कर 2023 में 28.1 प्रतिशत हो गई है. हालाँकि, प्रगति असमान रही है. कम आय वाले देशों में, कवरेज की दरें बेहद कम, लगभग 9 प्रतिशत पर बनी हुई हैं, वहीं, उच्च आय वाले देशों में 84.6 प्रतिशत बच्चे इसके दायरे में आते हैं.

जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के प्रति अत्यधिक संवेदनशील देशों में बच्चों के लिए कवरेज दर उन देशों की तुलना में एक तिहाई कम है, जिन्हें उच्च जोखिम वाले देशों में वर्गीकृत नहीं किया गया है. बच्चों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना ही उन्हें जलवायु संकट के सबसे बुरे प्रभाव से बचाने की कुंजी है.

यूनीसेफ़ में सामाजिक नीति और सामाजिक संरक्षण की निदेशक, नतालिया विंडर रॉसी का कहना है, “वैश्विक स्तर पर, 33.3 करोड़ बच्चे अत्यधिक निर्धनता में जी रहे हैं, जो प्रति दिन 2.15 अमेरिकी डॉलर से कम पर जीवित रहने के लिए संघर्ष करते हैं, और लगभग एक अरब बच्चे बहुआयामी निर्धनता में जीने को मजबूर हैं." 

"प्रगति की वर्तमान दर पर, सतत विकास लक्ष्यों के निर्धनता लक्ष्यों को प्राप्त करना पहुँच से बाहर है. यह अस्वीकार्य है. हालाँकि, बाल निर्धनता समाप्त करना एक नीतिगत विकल्प है. ग़रीबी के ख़िलाफ़ लड़ाई में बच्चों के सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना महत्वपूर्ण है, जिसमें सार्वभौमिक बाल लाभों की प्रगतिशील प्राप्ति भी शामिल है.” 

गाजा में एक अस्थायी आश्रय में एक युवा फिलिस्तीनी लड़की एक छोटे लड़के को भोजन का एक टुकड़ा खिला रही है।
© WFP/Ali Jadallah

2009-2023 के बीच बाल लाभ कवरेज का क्षेत्रीय विवरण:

  • पूर्वी एशिया और प्रशान्त क्षेत्र में, बाल लाभ कवरेज 2009 में 9.2 प्रतिशत से बढ़कर 2023 में 16.0 प्रतिशत हो गया.
  • पूर्वी और दक्षिणी अफ़्रीका में, कवरेज 9.6 प्रतिशत से बढ़कर 12.3 प्रतिशत हो गया.
  • पश्चिम और मध्य अफ़्रीका में कवरेज 3.1 से बढ़कर 11.8 प्रतिशत हो गया.
  • पूर्वी योरोप और मध्य एशिया में, कवरेज 59.0 प्रतिशत से बढ़कर 61.4 प्रतिशत हो गया.
  • उत्तरी अमेरिका में, कवरेज 78.1 प्रतिशत से बढ़कर 84.0 प्रतिशत हो गया है.
  • पश्चिमी योरोप में, कवरेज 91.0 प्रतिशत से बढ़कर 93.2 प्रतिशत हो गया है.

इसी अवधि के दौरान अन्य अहम सुधार हुए:

  • लातिन अमेरिका और कैरेबियन में कवरेज दरें 30.8 से बढ़कर 41.9 प्रतिशत हो गईं.
  • मध्य पूर्व और उत्तरी अफ़्रीका में, वे 22.7 प्रतिशत से बढ़कर 32.5 प्रतिशत हो गईं.
  • दक्षिण एशिया में यह 9.2 से बढ़कर 24.3 प्रतिशत हो गईं.

आईएलओ में सामाजिक सुरक्षा विभाग की निदेशक, शाहरा राज़वी ने कहा, "यह उन लगभग एक अरब बच्चों के लिए एक संकट की स्थिति है, जो इन लाभों के दायरे में नहीं आते हैं, और उन देशों के लिए जहाँ वे रहते हैं. हमें सुरक्षा अन्तराल को कम करने में मदद करने के लिए प्रभावी नीति निर्धारण की तत्काल आवश्यकता है. कवरेज और प्रगति में क्षेत्रीय असमानताएँ गम्भीर चिन्ता का विषय हैं - अधिकाँश क्षेत्रों में बाल लाभ कवरेज में सुधार मामूली है और बहुत से बच्चे अभी भी पीछे रह गए हैं.”

लाभों की निगरानी 

बाल लाभ कवरेज में अन्तर की निगरानी करने और उसे पाटने के प्रयासों को मज़बूत देने के लिए, सेव द चिल्ड्रन, आईएलओ और यूनीसेफ़ ने ‘Global Child Benefits Tracker ’ विकसित किया है, जो बच्चों के लाभ तक पहुँच की निगरानी करने और अन्तराल को कम करने के लिए सरकारों एवं दाताओं के साथ पैरोकारी करने का एक ऑनलाइन मंच है. 

यह शुरुआत ऐसे महत्वपूर्ण समय पर हुई है जब नवीनतम आँकड़ों से पता चलता है कि विश्व स्तर पर 82.9 करोड़ बच्चे ऐसे घरों में रह रहे हैं जहाँ प्रति व्यक्ति आय, प्रति दिन 3.65 अमेरिकी डॉलर से कम है और बाल निर्धनता में कमी लाने पर प्रगति काफ़ी हद तक रुकी हुई है.

'सेव द चिल्ड्रन इंटरनेशनल' में बाल निर्धनता पर नीति व पैरोकारी मामलों के मुखिया डेविड लैम्बर्ट टुमवेसिग्ये का कहना है, “बाल लाभ परिवारों को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा प्रदान करने में सहायता करते हैं और बच्चों के अधिकारों को साकार करने और वयस्कों के रूप में उनकी क्षमता को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं."

"इसलिए भविष्य के लिए समावेशी और सहनसक्षम अर्थव्यवस्थाओं के निर्माण के लिए बाल लाभ महत्वपूर्ण हैं. दुर्भाग्य से, कई देशों ने सामाजिक सुरक्षा में निवेश को प्राथमिकता नहीं दी है. हम बाल कल्याण निगरानी के माध्यम से, वैश्विक बाल ग़रीबी के पैमाने और प्रगति के उदाहरणों को उजागर कर सकेंगे, ताकि बाल-संवेदनशील सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों में अधिक राजनैतिक इच्छाशक्ति एवं निवेश को प्रेरित किया जा सके.” 

निर्णायक समाधान

तीनों एजेंसियों ने, ​​नीति निर्माताओं और दानदाताओं से सभी बच्चों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्राप्त करने के लिए निर्णायक क़दम उठाने का आग्रह किया है:

  • असमानताओं को दूर करने और लड़कियों और महिलाओं, विकलांग बच्चों, प्रवासी बच्चों एवं बाल मज़दूरों के लिए बेहतर परिणाम देने हेतु अधिकार-आधारित, लिंग-उत्तरदाई, तथा समावेशी सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों का निर्माण करना.
  • सुरक्षा अन्तराल पाटने के लिए 'वित्तपोषण अन्तर' को भरना आवश्यक है. इसका मतलब है सभी बच्चों के लिए बाल लाभ में निवेश करना, जो बाल ग़रीबी से निपटने और बच्चों का विकास सुनिश्चित करने का एक सिद्ध व लागत प्रभावी उपाय प्रदान करता है.
  • राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों के ज़रिए, बाल लाभों की एक विस्तृत श्रृँखला प्रदान करना जो परिवारों को महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाओं, जैसे मुफ़्त या किफ़ायती उच्च गुणवत्ता वाली बाल देखभाल सेवाओं से जोड़ती हो.
  • घरेलू संसाधन जुटाकर और बच्चों में सार्वजनिक निवेश बढ़ाकर सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों के लिए स्थाई वित्तपोषण सुरक्षित करना.
  • बेरोज़गारी, बीमारी, मातृत्व, विकलांगता और पेंशन सहित, सभ्य कामकाज एवं पर्याप्त लाभों तक पहुँच सुनिश्चित कर, माता-पिता व देखभाल करने वालों के लिए सामाजिक सुरक्षा मज़बूत करना.