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हेती: आपराधिक गुटों में बढ़ती हिंसा से, मानवाधिकारों के लिए बिगड़ते हालात

हेती की राजधानी पोर्त-ओ-प्रिन्स में गैंग हिंसा के कारण विस्थापित एक महिला ने एक स्कूल में शरण ली है.
© UNOCHA/Giles Clark
हेती की राजधानी पोर्त-ओ-प्रिन्स में गैंग हिंसा के कारण विस्थापित एक महिला ने एक स्कूल में शरण ली है.

हेती: आपराधिक गुटों में बढ़ती हिंसा से, मानवाधिकारों के लिए बिगड़ते हालात

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) वोल्कर टर्क ने सचेत किया है कि हेती में मानवाधिकारों के लिए स्थिति पहले से ही चिन्ताजनक थी, मगर आपराधिक गुटों के बीच लगातार हिंसा और उसका दायरा बढ़ने से यह बद से बदतर हो रही है.

यूएन मानवाधिकार प्रमुख ने शुक्रवार को जारी अपने एक वक्तव्य में बताया कि गैंग हिंसा की चपेट में आने से इस वर्ष जनवरी महीने में कम से कम 806 लोग या तो मारे गए, घायल हुए या फिर उनका अपहरण कर लिया गया, जोकि पिछले दो वर्षों में सबसे रक्तरंजित महीना साबित हुआ है.

इसके अलावा, आपराधिक गुटों के 300 सदस्य भी हताहत हुए हैं, जिससे कुल हताहतों का आँकड़ा पिछले महीने 1,108 दर्ज किया गया. यह पिछले वर्ष इसी अवधि की संख्या की तुलना में तीन गुने से भी अधिक है. 

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बहुराष्ट्रीय बल की मांग

अक्टूबर 2023 में यूएन सुरक्षा परिषद ने हेती में एक बहुराष्ट्रीय बल को तैनात किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी थी. 

इसके मद्देनज़र, यूएन के शीर्ष अधिकारी ने ध्यान दिलाया कि हेती में आम नागरिकों का जीवन, बिना किसी देरी के इस बहुराष्ट्रीय सुरक्षा समर्थन मिशन की तैनाती पर निर्भर है, जोकि राष्ट्रीय पुलिस बल के प्रयासों को मज़बूती देगी. 

साथ ही, उसकी मदद से हेती की आबादी के लिए अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुरूप सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी. 

बताया गया है कि आपराधिक गुटों के सदस्यों में हेती की राजधानी पोर्त-ओ-प्रिन्स में नियंत्रण के लिए लड़ाई जारी है और अब उनकी झड़पों का दायरा शहर के भी बाहर जा रहा है.

अनेक बार, आपराधिक गुटों में लड़ाई कई-कई घंटों तक जारी रहने के समाचार हैं, जोकि दर्शाता है कि उन्हें नए हथियार व आयुध सामग्री प्राप्त हुई है.

यौन हिंसा, एक हथियार

आपराधिक गुट स्थानीय महिलाओं व लड़कियों को यौन हिंसा का शिकार बना रहे हैं और इसका एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं. 

यूएन कार्यालय के अनुसार, वीभत्स हिंसा और बलात्कार का शिकार महिलाओं की तस्वीरों व वीडियों को स्थानीय सोशल मीडिया पर भय फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.

वोल्कर टर्क ने क्षोभ प्रकट किया कि बढ़ती असुरक्षा से सड़कों पर सरकार-विरोधी प्रदर्शन हुए हैं और असंतोष व्याप्त है. इन प्रदर्शनों को कम से कम 24 नगरों में विपक्षी राजनैतिक दलों का समर्थन प्राप्त है.

हाल के हफ़्तों में 16 लोगों के मारे जाने और 29 के घायल होने का समाचार है, जोकि प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़पों में हुई है.

बच्चों के लिए चिन्ता

यूएन मानवाधिकार प्रमुख ने बच्चों के लिए स्थिति पर विशेष रूप से चिन्ता जताई है. पिछले वर्ष गोलियों की चपेट में आने से 167 लड़के-लड़कियों की या तो मौत हुई थी या वे घायल हुए थे.

कुछ बच्चों को आपराधिक गुटों ने अपने विरोधियों को समर्थन देने के सन्देह में जान से मार दिया था. इसके अलावा, आपराधिक गैंग में बच्चों को भर्ती किए जाने की घटनाओं पर भी चिन्ता व्यक्त की गई है. 

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने मौजूदा असंतोष के बीच सभी पक्षों से हेती के युवा नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित किए जाने की पुकार लगाई है.

संगठन के अनुसार, हेती के हालिया इतिहास में स्थानीय आबादी को मानवाधिकार उल्लंघन के बदतरीन मामलों का सामना करना पड़ रहा है. 

हिंसा की रोकथाम

पिछले कई वर्षों की राजनैतिक उथलपुथल, संस्थागत व सामाजिक-आर्थिक संकटों, बीमारियों के प्रकोप, कुपोषण, आपदाओं और हथियारबन्द गुटों के बीच हिंसा के कारण, 30 लाख से अधिक बच्चों को मानवीय सहायता की दरकार है.

यूनीसेफ़ ने आगाह किया है कि यदि हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ तो प्रभावित बच्चों की संख्या और बढ़ सकती है. 

देश में व्याप्त अशान्ति व असन्तोष का अति-आवश्यक सामाजिक सेवाओं, जैसेकि शिक्षा, स्वास्थ्य, संरक्षण पर भीषण असर हुआ है.

इसके मद्देनज़र, यूनीसेफ़ ने सभी हितधारकों से आग्रह किया है कि हिंसा को जल्द से जल्द रोका जाना होगा, बच्चों के लिए ज़रूरी सामाजिक सेवाओं की जल्द व्यवस्था की जानी होगी.