अफ़ग़ान महिलाओं पर प्रतिबन्धों का सिलसिला जारी: यूएन रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान के तालेबान अधिकारी, महिलाओं को उनके बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित करना जारी रखे हुए हैं. सोमवार को जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2023 की आख़िरी तिमाही में सैकड़ों अफ़ग़ान महिलाओं को या तो उनका कामकाज छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, या गिरफ़्तार कर लिया गया और आवश्यक सेवाओं तक पहुँच से वंचित कर दिया गया है.
अफ़ग़ानिस्तान में मानवाधिकार की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रभावितों में, चिलगोज़ा प्रसंस्करण में काम करने वाली लगभग 400 महिला श्रमिक हैं, जिन्हें कार्यस्थल जाने से "प्रतिबन्धित" कर दिया गया है और एक बिजली संयंत्र में काम करने वाली अन्य 200 महिलाओं को बर्ख़ास्त कर दिया गया है.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कई महिलाओं को गर्भनिरोधक ख़रीदने के लिए गिरफ़्तार किया गया और प्रशासन के तथाकथित सदाचार के प्रचार व बुराई की रोकथाम विभाग के अधिकारियों द्वारा एक स्वास्थ्य सुविधा में कार्यरत अविवाहित महिला कर्मचारियों को "हिदायत" दी गई कि या तो वे शादी कर लें, वरना अपना रोज़गार खोने का जोखिम उठाएँ.
कथित तौर पर अधिकारियों का कहना था कि "एक अविवाहित महिला के लिए बाहर काम करना अनुचित है."
वहीं अनेक महिलाओं को बसों में चढ़ने या काम पर जाने की अनुमति नहीं दी गई क्योंकि या तो वे अविवाहित थीं या फिर कोई ‘महरम’ यानि पुरुष संरक्षक उनके साथ नहीं था.
'हिजाब' सम्बन्धी फ़रमान जारी
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि काबुल और अन्य स्थानों पर "उचित हिजाब नहीं पहनने" के लिए, अनेक महिलाओं को मनमाने ढंग से हिरासत में लिया गया.
इनमें से अधिकांश महिलाओं उनके ‘महरमों’ द्वारा इस गारंटी पर हस्ताक्षर करने के बाद ही रिहा किया गया कि भविष्य में इन नियमों का पालन किया जाएगा.
UNAMA के अनुसार, "सत्तारूढ़ अधिकारियों द्वारा उठाए गए ये क़दम, दरअसल हिजाब सम्बन्धी नियमों के एक़दम विपरीत हैं."
"फ़रमान के पहले उल्लंघन के लिए, व्यक्ति के महरम को (निवास स्थान पर) चेतावनी जारी की जाएगी, दूसरे उल्लंघन के लिए, व्यक्ति के महरम को बुलाया जाएगा, तीसरे उल्लंघन के लिए, व्यक्ति के महरम को तीन दिन तक क़ैद किया जा सकता है और चौथे उल्लंघन के लिए, व्यक्ति के महरम को आगे की कार्रवाई के लिए अदालत में पेश करना होगा.”
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
UNAMA ने कहा कि सत्तारूढ़ प्रशासन ने सूचना एवं जानकारी खोजने, प्राप्त करने व प्रदान करने के अवसर सीमित करके, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करना जारी रखा है.
14 दिसम्बर को तालेबान के उच्च शिक्षा मंत्रालय ने एक पत्र जारी कर सभी विश्वविद्यालयों और निजी शिक्षा संस्थानों को उन पुस्तकों को हटाने का निर्देश दिया, जिन्हें हनफ़ी न्यायशास्त्र के क़ानूनों के ख़िलाफ़ माना जाता है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें शिया आस्था, राजनैतिक दलों से सम्बन्धित पुस्तकें और तालेबान द्वारा अपदस्थ पूर्व सरकार से जुड़े व्यक्तियों द्वारा लिखी गई सामग्री शामिल है.
अन्य उदाहरणों में, चार महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और एक रेडियो स्टेशन की तीन कर्मचारियों को, सितम्बर और दिसम्बर के बीच केवल अपना काम करने के लिए गिरफ़्तार किया गया था.
हालाँकि उनमें से पाँच को रिहा कर दिया गया है, लेकिन एक मानवाधिकार कार्यकर्ता अब भी हिरासत में है और एक पत्रकार को एक साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.
युद्ध के अवशेष
रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्टूबर और दिसम्बर 2023 के बीच अविस्फोटित आयुध से लगभग 11 लोग मारे गए और 51 अन्य घायल हो गए.
62 पीड़ितों में से 39 बच्चे थे जिनमें 41 लड़के और आठ लड़कियाँ थीं.