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अब कोई बहाना नहीं! भारत में लैंगिक हिंसा की रोकथाम मुहिम

रंग-बिरंगी साड़ियों में लिपटी दक्षिण एशियाई महिलाओं का एक समूह कतार में खड़ा है और आगे की ओर देख रहा है।
World Bank/Simone D. McCourtie भारत के औरंगाबाद शहर में, कुछ महिलाएँ. आँकड़ों के अनुसार, बहुत बड़ी संख्या ऐसी महिलाओं की है जो अपने शरीर, सैक्स व स्वास्थ्य के बारे में ख़ुद फ़ैसले नहीं ले सकतीं.

अब कोई बहाना नहीं! भारत में लैंगिक हिंसा की रोकथाम मुहिम

महिलाएँ

भारत में, हर 3 में से एक महिला को अपने जीवनकाल में एक बार, अन्तरंग साथी के हाथों, हिंसा का सामना करना पड़ता है. मतलब अनगिनत महिलाएँअनेक बार इस पीड़ा से गुज़रती हैं. महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा की रोकथाम के लिए जागरूकता बढ़ाने के लिए, यूएनवीमेन के #16DaysOfActivism अभियान के अवसर पर एकजुट होने का आहवान - बहानेबाज़ी ख़त्म करें और लिंग-आधारित हिंसा के विरुद्ध कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता जताएँ. एक वीडियो फ़ीचर...