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योरोप, मध्य एशिया में वैक्सीन कवरेज में गिरावट से ख़सरा में उछाल, यूनीसेफ़

किरगिस्तान में, एक बच्चे को, ख़सरा से बचाने वाली वैक्सीन का टीका लगाए जाते हुए.
© UNICEF/Giacomo Pirozzi
किरगिस्तान में, एक बच्चे को, ख़सरा से बचाने वाली वैक्सीन का टीका लगाए जाते हुए.

योरोप, मध्य एशिया में वैक्सीन कवरेज में गिरावट से ख़सरा में उछाल, यूनीसेफ़

स्वास्थ्य

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – UNICEF ने गुरूवार को कहा है कि योरोप और मध्य एशिया में वैक्सीन कवरेज के अभाव में, ख़सरा संक्रमण के मामलों में, वर्ष 2022 की तुलना में इस साल 3,200 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

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यूनीसेफ़ का कहना है कि ख़सरा एक वैक्सीन-रोकथाम योग्य बीमारी है, जो बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमज़ोर करती है और घातक साबित हो सकती है.

यूएन बाल एजेंसी के अनुसार वर्ष 2023 के दौरान अब तक इस क्षेत्र में लगभग 30 हज़ार 600 मामलों की पुष्टि की गई है.

संगठन ने चेतावनी दी है कि टीकाकरण दर में गिरावट की वजह से रोग-प्रतिरोधी क्षमता में अन्तर हैं और उनके कारण ख़सरा संक्रमण के मामलों की संख्या में और वृद्धि होने का अनुमान है.

क्षेत्र के लिए यूनीसेफ़ की निदेशक रेजिना डी डोमिनिकिस ने बच्चों को इस ख़तरनाक बीमारी से बचाने के लिए, तत्काल सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों का आहवान किया है.

योरोप और मध्य एशिया में ख़सरा के मामलों की सबसे अधिक दर कज़ाख़स्तान, किर्गिस्तान और रोमानिया में दर्ज की गई है. 

क्षेत्र में अनुमानतः 9 लाख 31 हज़ार बच्चे, वर्ष 2019 से 2021 के दौरान, नियमित टीकाकरण से पूरी तरह या आंशिक रूप से बाहर रह गए.

यूनीसेफ़ ने ज़ोर देते हुए कहा है कि ख़सरा के टीके की पहली ख़ुराक से टीकाकरण की दर, वर्ष 2019 में 96 प्रतिशत से गिरकर, वर्ष 2022 में 93 प्रतिशत हो गई.

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी, टीकाकरण कवरेज में गिरावट के लिए, कोविड-19 महामारी के दौरान, "कुछ हद तक ग़लत सूचना फैलाव और अविश्वास" की वजह से, टीकाकरण की घटती मांग, स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान और अन्य कारकों के बीच, कमज़ोर प्राथमिक स्वास्थ्य प्रणालियों को ज़िम्मेदार ठहराती है.