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Gaza: लम्बी अवधि के मानवीय युद्ध-विराम की पुकारें

ग़ाज़ा में युद्ध से सुरक्षित बचने के लिए, विस्थापित हुए बहुत से परिवारों ने, UNRWA द्वारा संचालित स्कूलों में पनाह ली हुई है.
© UNICEF/Hassan Islyeh
ग़ाज़ा में युद्ध से सुरक्षित बचने के लिए, विस्थापित हुए बहुत से परिवारों ने, UNRWA द्वारा संचालित स्कूलों में पनाह ली हुई है.

Gaza: लम्बी अवधि के मानवीय युद्ध-विराम की पुकारें

शान्ति और सुरक्षा

फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास द्वारा 7 अक्टूबर को इसराइल में किए गए हमले और उसके बाद इसराइल द्वारा ग़ाज़ा में शुरू किए गए विध्वंसक युद्ध ने, मध्य पूर्व की स्थिति का एक शान्तिपूर्ण व न्यायसंगत समाधान की महत्ता को और अधिक उजागर कर दिया है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष, डेनिस फ़्रांसिस ने, मंगलवार को महासभा में, फ़लस्तीन के सवाल पर, वार्षिक चर्चा को सम्बोधित करते हुए यह बात कही है.

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उन्होंने सदस्य देशों से, इस संकट का अन्त करने के लिए, आपसी समझ वाला धरातल तलाश करने, एक दूसरे के साथ सदइच्छा के साथ सम्पर्क साधने, और सामूहिक संकल्प बढ़ाने का आग्रह भी किया.

उन्होंने कहा, “डर, अविश्वास, बदले की भूख, नफ़रत, और चिन्ता, जितने भी आगे गहन होंगे और बढ़ेंगे, मनोवैज्ञानिक खाई भी उतनी ही बढ़ेगी और इसकी काली छाया, आने वाली अनेक पीढ़ियों पर पड़ती रहेगी.”

डेनिस फ़्रांसिस ने मध्य पूर्व में, एक टिकाऊ सुरक्षा और स्थिरता, एक न्यायसंगत, दीर्घकालीन और व्यापक शान्ति के बिना, हासिल नहीं की जा सकती.

उन्होंने कहा कि टकराव, हिंसा और आपसी दर्द व तकलीफ़ के अन्तहीनहीन चक्र को तोड़ने का एक मात्र टिकाऊ रास्ता – महासभा के प्रस्तावों के अनुरूप, दो देशों की स्थापना के ज़रिए ही निकल सकता है.

मानवीय युद्धविराम

यूएन महासभा अध्यक्ष ने, ग़ाज़ा में अस्थाई युद्धविराम का स्वागत किया और उसे आशा के लिए एक अति अहम पड़ाव क़रार दिया. “मगर ये वास्तव में पर्याप्त नहीं है.”

उन्होंने कहा, “मैं एक दीर्घकालीन मानवीय युद्धविराम के लिए अपनी पुकार दोहराता हूँ, ताकि ग़ाज़ा पट्टी और अन्य तमाम प्रभावित इलाक़ों में, भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता की आपूर्ति हो सके, जिनकी अत्यधिक ज़रूरत है.”

उन्होंने साथ ही, हमास के हमले में बन्धक बनाए गए तमाम लोगों के साथ मानवीय बर्ताव किए जाने, और उनकी तत्काल व बिना शर्त रिहाई का भी आग्रह किया.

दो-राष्ट्र की स्थापना के लिए पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने, बुधवार, 29 नवम्बर को मनाए जाने वाले – फ़लस्तीनी लोगों के साथ एकजुटता के अन्तरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर अपने सन्देश में, एक दीर्घकालीन मानवीय युद्धविराम लागू किए जाने की, पुकार दोहराई है.

उन्होंने साथ ही, जीवनरक्षक सहायता के लिए निर्बाध पहुँच, बन्धकों की रिहाई, आम लोगों के संरक्षण और अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून के हनन पर रोक लगाए जाने का भी आग्रह किया है.

यूएन प्रमुख ने अपने सन्देश में, दो राष्ट्रों की स्थापना के समाधान की तरफ़, दृढ़संकल्पित और अपरिवर्तनीय रूप में आगे बढ़ने की ज़रूरत को भी रेखांकित किया है.

उन्होंने कहा कि ऐसा, यूएन प्रस्तावों और अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के अनुरूप होना चाहिए, जिसमें इसराइल और फ़लस्तीन नामक देश, अच्छे पड़ोसी बनकर रहें, शान्ति व सुरक्षा के माहौल में, और येरूशेलम, दोनों देशों की संयुक्त राजधानी हो.

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र फ़लस्तीनी लोगों के लिए, अपनी प्रतिबद्धता में कोई कमी नहीं आने देगा. आज और हर दिन, आइए, हम, फ़लस्तीनी लोगों के अविभाज्य अधिकारों की प्राप्ति और सभी के लिए शान्ति, न्याय, सुरक्षा और गरिमा वाला एक भविष्य बनाने में, उनकी महत्वाकांक्षाओं में उनके साथ एकजुटता से खड़े हों.”