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गुटेरेश की, अंटार्कटिका यात्रा के दौरान, ‘जलवायु अराजकता’ ख़त्म करने की पुकार

यूएन प्रमुख ने, जलवायु कार्रवाई के बारे में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों के तहत, नवम्बर (2023) में, अंटार्कटिका का दौरा किया.
UN Photo/Mark Garten
यूएन प्रमुख ने, जलवायु कार्रवाई के बारे में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों के तहत, नवम्बर (2023) में, अंटार्कटिका का दौरा किया.

गुटेरेश की, अंटार्कटिका यात्रा के दौरान, ‘जलवायु अराजकता’ ख़त्म करने की पुकार

जलवायु और पर्यावरण

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, शुक्रवार को आगाह करते हुए कहा है कि अंटार्कटिका को एक सोता हुआ विशालकाय दानव कहा जाता रहा है, मगर अब उसे जलवायु अराजकता ने जगा दिया है.

एंतोनियो गुटेरेश, इस सप्ताह, अंटार्कटिका में हैं, जहाँ उन्होंने इस स्थिति का प्रत्यक्ष अनुभव किया है कि जलवायु परिवर्तन, किस तरह, विश्व के धुर दक्षिणी महाद्वीप को प्रभावित कर रहा है, जो अधिकतर बर्फ़ में ढका रहा है.

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गर्मी जारी है

यूएन महासचिव ने अपनी अंटार्कटिका यात्रा के दौरान कहा, “जीवाश्म ईंधन, हमारे ग्रह को गर्म कर रहा है, जिससे अंटार्कटिका में जलवायु अराजकता फैल रही है.”

उन्होंने साथ ही कहा कि इस दक्षिणी महासागर को, अधिकतर गर्मी, वैश्विक तापमान वृद्धि से मिल रही है.

यूएन प्रमुख ने बताया, “इसका अर्थ है कि बर्फ़ रिकॉर्ड दरों पर पिघलकर महासागर में पहुँच रहा है. पिघलते हिम का मतलब है कि समुद्र के स्तर रिकॉर्ड दरों पर बढ़ रहे हैं.”

“इस स्थिति से, दुनिया भर में तटवर्ती इलाक़ों में रहने वाले समुदायों के लोगों की ज़िन्दगियाँ और आजीविकाएँ प्रत्यक्ष रूप से, ख़तरे में पड़ती हैं. इसका मतलब है कि घर, बीमा कराने योग्य नहीं बचते हैं. और इससे कुछ लघुद्वीपीय देशों के अस्तित्व को ही जोखिम उत्पन्न होता है.”

दुनिया भर में त्रासदी का फैलाव

अंटार्कटिका में समुद्री बर्फ़, अभूतपूर्व निम्न स्तर पर है. नए आँकड़े दिखाते हैं कि सितम्बर (2023) महीने के दौरान, समद्री हिम का दायरा, वर्ष के इस समय के दौरान रहने वाले औसत से, 15 लाख वर्ग किलोमीटर कम था. “यह दायरा इतना बड़ा है जितना कि पुर्तगाल, स्पेन, फ़्रांस और जर्मनी को एक साथ मिलाकर बनता है.”

एंतोनियो गुटेरेश ने ध्यान दिलाया कि ग्रीनलैंड की हिम चादर भी बहुत तेज़ी से पिघल रही है – जिसमें हर साल, लगभग 250 गीगाटन हिम ख़त्म हो रही है.

उन्होंने कहा, “ये सब आँकड़े, दुनिया भर में एक त्रासदी की तस्वीर पेश करते हैं. अंटार्कटिका में जो कुछ होता है, वो अंटार्कटिका में ही नहीं ठहरता है. और हज़ारों मील दूर जो कुछ होता है, उसका भी सीधा असर यहाँ पड़ता है.”

तापमान वृद्धि रोकनी होगी

यूएन महासचिव ने, दुबई में अगले सप्ताह शुरू होने वाले यूएन जलवायु सम्मेलन कॉप28 में शिरकत करने वाले विश्व नेताओं से, वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सैल्सियस तक सीमित करने के लिए, तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है.

उन्होंने विश्व नेताओं से, विश्व आबादी को जलवायु अराजकता से बचाने, और जीवाश्म ईंधन के युग को समाप्त करने की भी अपील की है.

उन्होंने साथ ही कहा है, “हमें एक टिकाऊ ग्रह के लिए तमाम उम्मीदों को, पिघलकर बह जाने से रोकना होगा.”