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जी20 समूह से, वित्त व जलवायु न्याय में रास्ता दिखाने का आग्रह

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश, 22 नवम्बर (2023) को, जी20 के वर्चुअल सम्मेलन में शिरकत करते हुए.
UN Photo/Mark Garten
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश, 22 नवम्बर (2023) को, जी20 के वर्चुअल सम्मेलन में शिरकत करते हुए.

जी20 समूह से, वित्त व जलवायु न्याय में रास्ता दिखाने का आग्रह

जलवायु और पर्यावरण

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को, भारत द्वारा आयोजित वर्चुअल G20 सम्मेलन में कहा है कि एक ऐसे समय में जब लोग तकलीफ़ें उठा रहे हैं और पृथ्वी ग्रह जल रहा है, तो दुनिया के विकसित देश, वित्तीय, ढाँचागत और जलवायु न्याय सुनिश्चित करने के लिए, अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि विश्व, विशेष रूप में विकासशील देश, “एक सम्पूर्ण तूफ़ान” का सामना कर रहे हैं जिसमें बढ़ती विषमताएँ, जलवायु उथल-पुथल, टकराव और खाद्य अभाव के हालात शामिल हैं. इस बीच बहुत से लोगों के लिए, वित्तीय स्थान सिकुड़ रहा है, जिन्हें कर्कश क़र्ज़ दबाव और आसमान छूती क़ीमतों का सामना करना पड़ रहा है.

एंतोनियो गुटेरेश ने, चिले के सैंटियागो से, इस वर्चुअल सम्मेलन में शिरकत करते हुए कहा कि ये, वैश्विक अस्थिरता और पीड़ाओं वाला वातावरण उत्पन्न करने के लिए, अनुकूल स्थिति है.

एसडीजी प्रोत्साहन को समर्थन

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यूएन प्रमुख ने जी20 के सदस्य देशों से वित्तीय न्याय में रास्ता दिखाने का आहवान किया. एंतोनियो गुटेरेश ने साथ ही, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति को तेज़ करने के लिए, उनकी $500 अरब की प्रोत्साहन योजना को, जी20 के सदस्य देशों के समर्थन की सराहना भी की.

अन्यायपूर्ण वित्तीय प्रणालियों को सुधारें

यूएन महासचिव ने मौजूदा वित्तीय ढाँचे को सुधारने के लिए काम किए जाने की ज़रूरत को रेखांकित किया. उन्होंने इस व्यवस्था को, दौर के नज़रिए से पुराना, निष्क्रिय और अन्यायपूर्ण क़रार दिया.

एंतोनियो गुटेरेश ने, बहुपक्षीय विकास बैंकों में सुधार के लिए, जी20 की कार्रवाई, और इस समूह की ब्राज़ील की अध्यक्षता की अवधि में, वैश्विक प्रशासन पर ध्यान केन्द्रित किए जाने की सराहना की.

अलबत्ता उन्होंने ज़ोर दिया कि, व्यावहारिक समाधान, सितम्बर 2024 में होने वाले भविष्य के सम्मेलन में रखे जाने होंगे.

उनका आशय, सतत विकास के वास्ते, प्रतिबद्धता की पुनर्पुष्टि करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन से था.

जलवायु वादे पूरे करें

एंतोनियो गुटेरेश, बुधवार को चिले में थे, और वहाँ से अंटार्कटिका का दौरा करेंगे. उसके बाद वह, दुबई में अगले सप्ताह से आरम्भ होने वाले यूएन जलवायु सम्मेलन कॉप28 में शिरकत करने जाएंगे.

यूएन प्रमुख ने जी20 समूह से, वैश्विक तापमान वृद्धि 1.5 डिग्री सैल्सियस तक सीमित रखने के लक्ष्य को बरक़रार रखने की ख़ातिर, “एक महत्वाकांक्षी, विश्वसनीय और न्यायसंगत परिणाम” देने का आग्रह किया. यह लक्ष्य जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते में भी शामिल किया गया है.

उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि हानि और क्षति कोष को आरम्भिक वादों के साथ संचालित किया जाए, वित्तीय समर्थन के तमाम वादे पूरे किए जाएँ, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को तीन गुना किया जाए, ऊर्जा कुशलता को दोगुना किया जाए, और वर्ष 2030 तक, सभी तक स्वच्छ ऊर्जा पहुँचाई जाए.

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “इसका अर्थ ये भी है कि जीवाश्म ईंधन के प्रयोग को चरणबद्ध ढंग से बन्द किया जाए, जिसके लिए एक सप्ष्ट समय सीमा हो और जो 1.5 डिग्री सैल्सियस की सीमा से सम्बद्ध हो.”

इसराइल-हमास समझौता

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने इस वर्चुअल बैठक में, अपनी बात, ग़ाज़ा में इसराइल और हमास के बीच, एक मानवीय युद्ध ठहराव लागू किए जाने और बन्धकों की रिहाई पर हुए समझौते का स्वागत करने के साथ शुरू की.

उन्होंने कहा, “यह सही दिशा में एक अहम क़दम है, मगर अभी तकलीफ़ें दूर किए जाने के लिए बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है.”

यूएन महासचिव ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र, इस समझौते के क्रियान्वयन और ग़ाज़ा में भीषण मानवीय स्थिति पर इसके अधिकतम सकारात्मक प्रभावों के लिए, अपनी तमाम क्षमताओं को सक्रिय करेगा.