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'ओलिम्पिक शान्ति सन्धि' की यूनानी परम्परा बरक़रार रखने पर प्रस्ताव पारित

यूएन मुख्यालय में संयुक्त राष्ट्र और ओलिम्पिक ध्वज. (फ़ाइल)
UN Photo/Evan Schneider
यूएन मुख्यालय में संयुक्त राष्ट्र और ओलिम्पिक ध्वज. (फ़ाइल)

'ओलिम्पिक शान्ति सन्धि' की यूनानी परम्परा बरक़रार रखने पर प्रस्ताव पारित

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने, वर्ष 2024 में पेरिस में होने वाले ग्रीष्मकालीन ओलिम्पिक खेलों से पहले, देशों से, ये खेल आरम्भ होने से पहले, खेलों के दौरान दौरान और पश्चात की अवधि में, दुनिया भर में शान्ति बनाए रखने की प्राचीन यूनानी परम्परा को क़ायम रखने का आग्रह किया है.

इस अवसर पर यूएन महासभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया है जिसमें, ओलम्पिक और पैरालिम्पिक खेल शुरू होने से पहले के सात दिनों के दौरान और ये खेल ख़त्म होने के बाद सात दिनों के दौरान, शत्रुतापूर्ण या दुश्मनी वाली गतिविधियाँ बन्द करने का आहवान किया गया है.

यूएन महासभा के सदस्य देशों की संख्या 193 है, जिनमें से 120 देशों ने इस प्रस्ताव पर मतदान किया. इस प्रस्ताव के पक्ष में 118 मत पड़े, किसी भी सदस्य देश ने विरोध में मतदान नहीं किया. रूस और सीरिया ने, मतदान में शिरकत नहीं की.

ऐथलीटों को सुरक्षा कवच

पेरिस ओलिम्पिक खेल, 26 जुलाई से 11 अगस्त तक आयोजित होंगे.

इस प्रस्ताव में, “ओलम्पियाड और पैरालिम्पिक खेलों में, खिलाड़ियों, अधिकारियों और मान्यता प्राप्त अन्य व्यक्तियों के सुरक्षित आवागमन व उनकी सुरक्षित शिरकत सुनिश्चित करने के लिए, ओलिम्पिक शान्ति सन्धि पर अमल करने की पुकार लगाई गई है.”

प्रस्ताव में साथ ही, खेलों के शान्तिपूर्ण आयोजन के लिए, अन्य उपयुक्त उपायों में योगदान का भी आहवान किया गया है.

प्रस्ताव में यह रेखांकित किया गया है कि खेलकूद का प्रयोग, मानवाधिकारों को बढ़ावा देने और इन अधिकारों के लिए सार्वभौमिक सम्मान मज़बूत करने के लिए किया जा सकता है, जिससे अततः मानवाधिकारों की उपयोगिता और उन पर अमल करने की प्रक्रिया में योगदान मिलेगा.

यूएन महासभा अध्यक्ष डेनिस फ़्रांसिस का कहना था, “खिलाड़ियों में, अनुशासन, टीम भावना और सफलता व लगन की अडिग इच्छा शक्ति जैसे जो मूल्य कूट-कूटकर भरे होते हैं, वो भविष्य के नेताओं और योगदान करने वालों को प्रोत्साहित कर सकते हैं और उन्हें आकार देने में मदद कर सकते हैं.”

डेनिस फ़्रांसिस का ये भाषण, उप महासभा अध्यक्ष पीटर मोहन मैथरी पियरिस ने पेश किया.

परम्परा जारी रखना

यूनान की एक प्राचीन परम्परा ekecheiria, यानि ओलिम्पिक शान्ति सन्धि, ईसा पूर्व 8वीं सदी में शुरू हुई थी और अन्तरराष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति (IOC) ने, 1992 में उस सन्धि का नवीनीकरण किया था.

यह प्रस्ताव भी एक यूएन परम्परा बन चुका है क्योंकि इस पर हर दो वर्ष में विचार होता, जो ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन ओलिम्पिक खेलों के आयोजन से दो वर्ष पहले होता है.